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Kaithal News: अब नए भवन में होगा श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश
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कैथल। ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब के नवनिर्मित नये भवन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का जल्द प्रकाश किया जाएगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश के दौरान श्री दरबार साहिब अमृतसर रागी शबद कीर्तन कर संगत को निहाल करेंगे। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। पांच करोड़ की लागत से तैयार भवन को सजाने संवारने का कार्य किया जा रहा है। ये जानकारी श्री गुरु तेग बहादुर सेवादल के संचालक मनिंदर सिंह एडवोकेट ने दी।
उन्होंंने बताया कि एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर, एसजीपीसी सदस्य व एचएसजीपीसी सदस्य भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। 16 सितंबर को अखंड पाठ साहिब का भोग लगाया जाएगा। महान कीर्तन दरबार समागम में श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी शबद कीर्तन करेंगे। खास बात यह है कि गुरुद्वारा के इस भवन के निर्माण में रुपये सेवादल के सदस्यों और संगत ने खुद खर्च किए हैं। इंटरनेशनल मॉडर्न तकनीक से निर्मित भवन को यादगार बनाने के लिए 400 वर्ष पुरानी लखौरी ईंटों से गुरुजी के गद्दी स्थल को सजाया गया है। उन्होंने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर सेवादल ऐसी पहली संस्था है, जिसे एसजीपीसी अमृतसर ने अपने खर्चे पर गुरुद्वारा भवन निर्माण की सेवा सौंपी थी। सेवादल ने इसके लिए न किसी की पर्ची काटी न चंदा लिया। सेवा दल के सदस्यों, एनआरआई और संगत के सहयोग से पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।श्री गुरु तेग बहादुर सेवादल के सदस्यों की मेहनत की बदौलत ही दो वर्षों में ही भवन निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस मौके पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य अंग्रेज सिंह गोराया, सदस्य गुरदीप सिंह मलिक, गुरचरण सिंह टीवीएस, सेवा दल के प्रधान शीशण सिंह शाह, सतिंदर सिंह भाटिया समेत सदस्य मौजूद थे।
महाकवि भाई संतोख सिंह की याद में बनाया लंगर हाल
कैथल के राजा भाई उदय सिंह के दरबारी कवि भाई संतोख सिंह के नाम से लंगर हाल का नामकरण किया गया है। मनिंदर सिंह एडवोकेट ने बताया कि मॉडर्न तकनीक से तैयार लंगर हाल में एक साथ 1500 श्रद्धालु लंगर छक सकेंगे। संगत की सुविधा के लिए लिफ्ट भी लगाई गई है। संगत एक समय में तीन अखंड पाठ साहिब एक साथ करवा सकती है, इसके लिए अलग से हाल बनाया गया है।
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उन्होंंने बताया कि एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर, एसजीपीसी सदस्य व एचएसजीपीसी सदस्य भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। 16 सितंबर को अखंड पाठ साहिब का भोग लगाया जाएगा। महान कीर्तन दरबार समागम में श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी शबद कीर्तन करेंगे। खास बात यह है कि गुरुद्वारा के इस भवन के निर्माण में रुपये सेवादल के सदस्यों और संगत ने खुद खर्च किए हैं। इंटरनेशनल मॉडर्न तकनीक से निर्मित भवन को यादगार बनाने के लिए 400 वर्ष पुरानी लखौरी ईंटों से गुरुजी के गद्दी स्थल को सजाया गया है। उन्होंने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर सेवादल ऐसी पहली संस्था है, जिसे एसजीपीसी अमृतसर ने अपने खर्चे पर गुरुद्वारा भवन निर्माण की सेवा सौंपी थी। सेवादल ने इसके लिए न किसी की पर्ची काटी न चंदा लिया। सेवा दल के सदस्यों, एनआरआई और संगत के सहयोग से पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।श्री गुरु तेग बहादुर सेवादल के सदस्यों की मेहनत की बदौलत ही दो वर्षों में ही भवन निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस मौके पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य अंग्रेज सिंह गोराया, सदस्य गुरदीप सिंह मलिक, गुरचरण सिंह टीवीएस, सेवा दल के प्रधान शीशण सिंह शाह, सतिंदर सिंह भाटिया समेत सदस्य मौजूद थे।
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महाकवि भाई संतोख सिंह की याद में बनाया लंगर हाल
कैथल के राजा भाई उदय सिंह के दरबारी कवि भाई संतोख सिंह के नाम से लंगर हाल का नामकरण किया गया है। मनिंदर सिंह एडवोकेट ने बताया कि मॉडर्न तकनीक से तैयार लंगर हाल में एक साथ 1500 श्रद्धालु लंगर छक सकेंगे। संगत की सुविधा के लिए लिफ्ट भी लगाई गई है। संगत एक समय में तीन अखंड पाठ साहिब एक साथ करवा सकती है, इसके लिए अलग से हाल बनाया गया है।
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