{"_id":"627eb1190d712f7fb34e28cf","slug":"not-more-than-two-children-on-the-bench-dc-kaithal-news-knl108104234","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेंच पर दो से ज्यादा बच्चे नहीं : डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेंच पर दो से ज्यादा बच्चे नहीं : डीसी
विज्ञापन
01-कैथल। मेरी कापी-मेरी किताब परियोजना के तहत गांव नैना के राजकीय स्कूल में निरीक्षण के दौरान विद्?
- फोटो : Kaithal
कैथल। जिले के गांव नैना में ‘मेरी कॉपी-मेरी किताब’ परियोजना के तहत शुक्रवार को डीसी प्रदीप दहिया ने राजकीय स्कूलों का निरीक्षण किया। वहां एक बेंच पर तीन-तीन बच्चे बैठे हुए मिलने पर डीसी ने नाराजगी जताई। निर्देश दिए दिए गर्मी को देखते हुए एक बेंच पर दो से ज्यादा विद्यार्थी नहीं बैठाएं।
उन्होंने स्कूलों में सफाई पर खास ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि प्राथमिक कक्षाएं छात्रों को सबसे बुनियादी और मूलभूत शिक्षा प्रदान करती हैं। वे बुनियादी वर्णमाला के साथ अपने पठन की यात्रा शुरू करते हैं और आगे की पढ़ाई के लिए उनका आधार मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि यदि प्राथमिक चरण में बच्चों को ठीक प्रकार से शिक्षा नहीं दी जाती तो भविष्य में उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में उनके पढ़ने के साथ लेखन ज्ञान को भी बढ़ाने की आवश्यकता है।
डीसी ने कहा कि छात्रों के पढ़ने और लिखने के कौशल में सीखने की खाई को पाटने के लिए जिला में पांच सप्ताह का एक गहन अभियान चलाया है, जिसमें विशेष रूप से डिजाइन किए गए मॉड्यूल को कक्षाओं में लागू किया जा रहा है। ‘मेरी कॉपी-मेरी किताब’ परियोजना का उद्देश्य कोरोना काल में बच्चों के पठन और लिखने की कला में जो अंतर आया है, उसे दुरुस्त करना है। कैथल ब्लॉक में कक्षा तीन से आठ में पढऩे वाले सभी छात्रों को इसमें शामिल किया गया है।
विज्ञापन
इस परियोजना में ज्ञान देने के लिए बच्चों की रुचिके अनुसार विशेष पाठय क्रम तैयार किया गया है, जिससे उनकी रचनात्मक सोच और लेखन ज्ञान में वृद्धि होगी। इस मौके पर डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, सीएमजीजीए कुनाल चौहान, डॉ. सुदेश सिवाच, बलबीर कश्यप, राम निवास शर्मा, नरेंद्र बाल्यान मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने स्कूलों में सफाई पर खास ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि प्राथमिक कक्षाएं छात्रों को सबसे बुनियादी और मूलभूत शिक्षा प्रदान करती हैं। वे बुनियादी वर्णमाला के साथ अपने पठन की यात्रा शुरू करते हैं और आगे की पढ़ाई के लिए उनका आधार मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि यदि प्राथमिक चरण में बच्चों को ठीक प्रकार से शिक्षा नहीं दी जाती तो भविष्य में उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में उनके पढ़ने के साथ लेखन ज्ञान को भी बढ़ाने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
डीसी ने कहा कि छात्रों के पढ़ने और लिखने के कौशल में सीखने की खाई को पाटने के लिए जिला में पांच सप्ताह का एक गहन अभियान चलाया है, जिसमें विशेष रूप से डिजाइन किए गए मॉड्यूल को कक्षाओं में लागू किया जा रहा है। ‘मेरी कॉपी-मेरी किताब’ परियोजना का उद्देश्य कोरोना काल में बच्चों के पठन और लिखने की कला में जो अंतर आया है, उसे दुरुस्त करना है। कैथल ब्लॉक में कक्षा तीन से आठ में पढऩे वाले सभी छात्रों को इसमें शामिल किया गया है।
विज्ञापन
इस परियोजना में ज्ञान देने के लिए बच्चों की रुचिके अनुसार विशेष पाठय क्रम तैयार किया गया है, जिससे उनकी रचनात्मक सोच और लेखन ज्ञान में वृद्धि होगी। इस मौके पर डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, सीएमजीजीए कुनाल चौहान, डॉ. सुदेश सिवाच, बलबीर कश्यप, राम निवास शर्मा, नरेंद्र बाल्यान मौजूद रहे।