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Kaithal News: बजट न मिलने पर दवाओं के लिए नहीं हो रहा भुगतान
Wed, 31 May 2023 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 31 May 2023 01:25 AM IST
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कैथल। सामान्य अस्पताल में आई दवाओं के भुगतान के लिए सरकार की तरफ से बजट नहीं मिल पा रहा है। इस कारण अस्पताल में आई दवाओं का पिछले छह महीने से भुगतान नहीं हो पाया है। अस्पताल में आई दवाओं का स्वास्थ्य विभाग पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बजट का बकाया है। यह राशि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत निशुल्क वितरित की जाने वाली दवाओं की है।
महज 15 से 20 लाख रुपये का हुआ भुगतान
सरकार ने जिला स्तर पर दवाओं की कमी रहने पर स्थानीय स्तर पर प्रबंधन को दवाएं खरीदने की अनुमति दी है। इसके तहत पिछले करीब एक साल में आई दवाओं का ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान अटका है। जिले में कुल तीन मेडिकल स्टोर संचालकों को सरकारी अस्पताल में दवाएं देने के लिए अनुमति दे रखी है। इसी अनुमति के तहत ही सरकारी अस्पताल में दवाएं आती हैं। इसके तहत डेढ़ करोड़ में से मह 15 से 20 लाख रुपये का ही भुगतान अभी तक हो पाया है।
प्रतिदिन एक हजार से अधिक है ओपीडी
जिला नागरिक अस्पताल के प्रबंधन के तहत प्रतिदिन एक हजार से अधिक की ओपीडी अस्पताल में होती है। इतने ही मरीजों को प्रतिदिन दवाएं निशुल्क वितरित की जाती है। ऐसे में बाहर से भी काफी दवाएं आती हैं। इस स्थिति में ही अस्पताल में दवाएं आई थी और अब भुगतान रुका हुआ है।
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सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मार्च से पहले तक के सरकार ने कुल 50 लाख रुपये विभाग को दे दिए हैं। इसके करीब 70 लाख रुपये मिलने थे। अब इसमें से कुल 50 लाख रुपये का भुगतान जल्द किया जाएगा। बची हुई राशि की मांग भी सरकार से की जाएगी ।
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महज 15 से 20 लाख रुपये का हुआ भुगतान
सरकार ने जिला स्तर पर दवाओं की कमी रहने पर स्थानीय स्तर पर प्रबंधन को दवाएं खरीदने की अनुमति दी है। इसके तहत पिछले करीब एक साल में आई दवाओं का ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान अटका है। जिले में कुल तीन मेडिकल स्टोर संचालकों को सरकारी अस्पताल में दवाएं देने के लिए अनुमति दे रखी है। इसी अनुमति के तहत ही सरकारी अस्पताल में दवाएं आती हैं। इसके तहत डेढ़ करोड़ में से मह 15 से 20 लाख रुपये का ही भुगतान अभी तक हो पाया है।
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प्रतिदिन एक हजार से अधिक है ओपीडी
जिला नागरिक अस्पताल के प्रबंधन के तहत प्रतिदिन एक हजार से अधिक की ओपीडी अस्पताल में होती है। इतने ही मरीजों को प्रतिदिन दवाएं निशुल्क वितरित की जाती है। ऐसे में बाहर से भी काफी दवाएं आती हैं। इस स्थिति में ही अस्पताल में दवाएं आई थी और अब भुगतान रुका हुआ है।
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सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मार्च से पहले तक के सरकार ने कुल 50 लाख रुपये विभाग को दे दिए हैं। इसके करीब 70 लाख रुपये मिलने थे। अब इसमें से कुल 50 लाख रुपये का भुगतान जल्द किया जाएगा। बची हुई राशि की मांग भी सरकार से की जाएगी ।