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प्रदूषण से राहत नहीं, आंखों में जलन की समस्या बढ़ी
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No relief from pollution, the problem of burning in the eyes increased
- फोटो : Kaithal
कैथल। जिले में बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। एक्यूआई के बढ़ने से सांस रोगियों के साथ-साथ अन्य लोग भी बीमारी की जद में पहुंच रहे हैं। आंखों में जलन की समस्या भी बढ़ गई है। हालात यह है कि प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए गाड़ियों के माध्यम से पेड़-पौधों पर पानी छिड़काव किया जा रहा है।
रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स में मामूली सुधार हुआ। अभी भी यह खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। शनिवार को प्रदूषण का स्तर 267 एक्यूआई था, जो रविवार को 249 एक्यूआई दर्ज किया गया। बीते 15 दिनों से जिले में एक्यूआई खराब श्रेणी में चल रहा है। एक बार तो यह 400 से ऊपर चला गया था, लेकिन सप्ताह भर से यह 250 के आसपास चल रहा है। शाम के समय लोगों की आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि बीते सप्ताह से ही शहर में 5 दमकल गाड़ियों के माध्यम से पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। सुबह के समय कचरा जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। पेड़ों पर जमी धूल हटाने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि पेड़ अधिक ऑक्सीजन छोड़ें।
खेतों में लगातार रखी जा रही निगरानी
डीडीए डॉ. कर्मचंद ने बताया कि खेतों में लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी पराली जलाने के मामले सामने आते हैं। वहां पहुंचकर किसानों को समझाया जाता है। साथ ही नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।
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रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स में मामूली सुधार हुआ। अभी भी यह खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। शनिवार को प्रदूषण का स्तर 267 एक्यूआई था, जो रविवार को 249 एक्यूआई दर्ज किया गया। बीते 15 दिनों से जिले में एक्यूआई खराब श्रेणी में चल रहा है। एक बार तो यह 400 से ऊपर चला गया था, लेकिन सप्ताह भर से यह 250 के आसपास चल रहा है। शाम के समय लोगों की आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि बीते सप्ताह से ही शहर में 5 दमकल गाड़ियों के माध्यम से पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। सुबह के समय कचरा जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। पेड़ों पर जमी धूल हटाने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि पेड़ अधिक ऑक्सीजन छोड़ें।
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खेतों में लगातार रखी जा रही निगरानी
डीडीए डॉ. कर्मचंद ने बताया कि खेतों में लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी पराली जलाने के मामले सामने आते हैं। वहां पहुंचकर किसानों को समझाया जाता है। साथ ही नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।
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