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न्याय से कोई भी वंचित नहीं हो सकता : अधिवक्ता पवन
Thu, 11 Sep 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। श्री राम कॉलेज ऑफ एजुकेशन में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार बुधवार को कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ्राचार्य डॉ. अमित सिंह सैनी ने मनोनीत अधिवक्ता पवन कुमार मिड्डा और डॉ. विनय गुप्ता का स्वात किया। इस अवसर पर पवन कुमार मिड्डा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी ज्ञान का विस्तार करना है, क्योंकि समाज में अनेक प्रकार की बुराइयाँ फैली हुई हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक या अन्य किसी भी प्रकार की अयोग्यता के कारण किसी भी नागरिक को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर वर्गों को मुफ्त और उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए विधिक सेवाएं प्राधिकरण अधिनियम 1987 लागू किया गया है। डॉ. विनय गुप्ता ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विषय में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है, क्योंकि इसके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।
कॉलेज प्रबंधन समिति के प्रधान रवि सिंगल ने कहा कि कानूनी जागरूकता और साक्षरता, विधिक सहायता के मुख्य स्तंभ हैं। ऐसे कार्यक्रमों से विशेषकर छात्राओं में जागरूकता आती है, जो महिला यौन उत्पीड़न जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं से निपटने में सहायक होगी। इस अवसर पर मुकेश रानी, सीमा, भावना, अनीता, बंता सिंह और कुलदीप सिंह सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
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कैथल। श्री राम कॉलेज ऑफ एजुकेशन में हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार बुधवार को कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ्राचार्य डॉ. अमित सिंह सैनी ने मनोनीत अधिवक्ता पवन कुमार मिड्डा और डॉ. विनय गुप्ता का स्वात किया। इस अवसर पर पवन कुमार मिड्डा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में कानूनी ज्ञान का विस्तार करना है, क्योंकि समाज में अनेक प्रकार की बुराइयाँ फैली हुई हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक या अन्य किसी भी प्रकार की अयोग्यता के कारण किसी भी नागरिक को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर वर्गों को मुफ्त और उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए विधिक सेवाएं प्राधिकरण अधिनियम 1987 लागू किया गया है। डॉ. विनय गुप्ता ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विषय में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है, क्योंकि इसके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।
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कॉलेज प्रबंधन समिति के प्रधान रवि सिंगल ने कहा कि कानूनी जागरूकता और साक्षरता, विधिक सहायता के मुख्य स्तंभ हैं। ऐसे कार्यक्रमों से विशेषकर छात्राओं में जागरूकता आती है, जो महिला यौन उत्पीड़न जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं से निपटने में सहायक होगी। इस अवसर पर मुकेश रानी, सीमा, भावना, अनीता, बंता सिंह और कुलदीप सिंह सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
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