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Kaithal News: झंडा न शोर, सोशल मीडिया पर ही है जोर
Sat, 11 May 2024 01:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 11 May 2024 01:37 PM IST
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पूंडरी। चुनाव आयोग के डंडे से कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चुनाव प्रचार का तरीका ही बदल कर रख दिया है। अब गांवों की गलियों में नहीं बल्कि कस्बों में भी झंडे व बैनर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
गांव फरल के बुजुर्ग लाभ सिंह बताते है कि इस चुनाव से पूर्व सभी चुनावों के प्रचार के तौर तरीके एवं आज के समय के तरीके में काफी बदलाव आया है। पहले चुनाव की घोषणा होते ही लोग अपने समर्थित राजनीति दल या प्रत्याशी के झंडे व बैनर को उत्साह व जोश के साथ अपने अपने घरों की छतों पर लहराने के साथ साथ दीवारों पर स्लोगन लिखकर राजनीति मौसम को मौसमी रंग चढ़ाने का काम करते थे।
राजनीतिक दल छोटे बच्चों व युवाओं में बिल्ले बांटते थे लेकिन अब ऐसा कहीं नजर नहीं आया। उनकी उम्र में उन्होंने शायद ही ऐसा नीरस चुनाव कभी देखा हो। लेकिन फिर भी उन्हें यह सब अच्छा लग रहा है। चुनाव का शोर कम हो जाने से बुजुर्गों को आराम है। संवाद
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गांव फरल के बुजुर्ग लाभ सिंह बताते है कि इस चुनाव से पूर्व सभी चुनावों के प्रचार के तौर तरीके एवं आज के समय के तरीके में काफी बदलाव आया है। पहले चुनाव की घोषणा होते ही लोग अपने समर्थित राजनीति दल या प्रत्याशी के झंडे व बैनर को उत्साह व जोश के साथ अपने अपने घरों की छतों पर लहराने के साथ साथ दीवारों पर स्लोगन लिखकर राजनीति मौसम को मौसमी रंग चढ़ाने का काम करते थे।
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राजनीतिक दल छोटे बच्चों व युवाओं में बिल्ले बांटते थे लेकिन अब ऐसा कहीं नजर नहीं आया। उनकी उम्र में उन्होंने शायद ही ऐसा नीरस चुनाव कभी देखा हो। लेकिन फिर भी उन्हें यह सब अच्छा लग रहा है। चुनाव का शोर कम हो जाने से बुजुर्गों को आराम है। संवाद
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