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Kaithal News: शनिदेव की प्रतिमा पर चढ़ाया सरसों का तेल
Wed, 28 May 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 28 May 2025 01:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। कैथली गेट स्थित मंदिर में शनिदेव महाराज जयंती धूमधाम से मनाई। भक्तों ने शनि देव की प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाया। पंडित रविदत्त शास्त्री ने हवन-यज्ञ करवाया गया।
हवन में यजमान के रूप में पूंडरी के समाज सेवी बलवान कश्यप व रोहतास कश्यप ने अपने परिवार सहित अपनी आहुति अर्पित की। पंडित रविदत्त शास्त्री ने बताया कि शनि देव न्याय के देवता कहलाते हैं। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही न्याय प्रिय शनिदेव का जन्म हुआ है, इसी कारण इस दिन को शनि जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
शनि दोष से बचने के लिये इस दिन शनिदोष निवारण उपाय किए जाते हैं। मंदगति से चलने वाले भगवान शनैश्चर हिंदू ज्योतिष के नवग्रहों में से एक माने गए हैं। शनि शत्रु नहीं बल्कि संसार के सभी जीवों को उनके कर्मों का फल प्रदान करते हैं।
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इससे पहले लोगों ने शनि देव की परिक्रमा की। सबसे पहले शनिदेव का स्नान व अभिषेक किया गया। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करने और सूर्य देव को अर्घ्य देकर बहते जल में तिल प्रवाहित करने का विधान है।
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पूंडरी। कैथली गेट स्थित मंदिर में शनिदेव महाराज जयंती धूमधाम से मनाई। भक्तों ने शनि देव की प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाया। पंडित रविदत्त शास्त्री ने हवन-यज्ञ करवाया गया।
हवन में यजमान के रूप में पूंडरी के समाज सेवी बलवान कश्यप व रोहतास कश्यप ने अपने परिवार सहित अपनी आहुति अर्पित की। पंडित रविदत्त शास्त्री ने बताया कि शनि देव न्याय के देवता कहलाते हैं। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही न्याय प्रिय शनिदेव का जन्म हुआ है, इसी कारण इस दिन को शनि जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।
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शनि दोष से बचने के लिये इस दिन शनिदोष निवारण उपाय किए जाते हैं। मंदगति से चलने वाले भगवान शनैश्चर हिंदू ज्योतिष के नवग्रहों में से एक माने गए हैं। शनि शत्रु नहीं बल्कि संसार के सभी जीवों को उनके कर्मों का फल प्रदान करते हैं।
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इससे पहले लोगों ने शनि देव की परिक्रमा की। सबसे पहले शनिदेव का स्नान व अभिषेक किया गया। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करने और सूर्य देव को अर्घ्य देकर बहते जल में तिल प्रवाहित करने का विधान है।