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Kaithal News: नगर पालिका ने नहीं हटाए घरों के सामने लगे नामों के बोर्ड
Sat, 04 Jan 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 04 Jan 2025 01:27 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। नगरपालिका चीका प्रशासन अपनी ड्यूटी को लेकर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में सरकार को बदले तीन माह का समय बीत चुका है लेकिन चीका में विधायक के निवास स्थान के बाहर लगे उनके नाम के बोर्ड को ना तो हटाया गया है और ना ही उसके ऊपर पूर्व लिखवाया गया है। इतना ही नहीं चीका नगरपालिका के चुनाव को हुए भी ढाई साल से अधिक का समय गुजर चुका है।
गौरतलब है कि साल 2022 में करवाए गए चुनाव में शहर के सभी 17 वार्डों से नए पार्षद चुने गए थे लेकिन मई 2016 में चुने गए पार्षदों व पूर्व अध्यक्ष के निवास स्थान के बाहर लगे नामों के बोर्ड कार्यकाल खत्म होने के साढ़े तीन साल बाद भी नगरपालिका प्रशासन ने हटाने की जहमत नहीं उठाई है। नगरपालिका प्रशासन की ओर से बरती जा रही इस लापरवाही पर शहर में तरह तरह की चर्चाएं कर रहे है। शहरवासी नरेश कुमार, राजपाल, मुकेश, महेंद्र आदि ने कहा कि नगरपालिका प्रशासन सिर्फ बोर्ड बदलने में ही ढिलाई नहीं दिखा रहा, बल्कि ऐसे बहुत सारे कार्य है जो सालों से लटके पड़े हैं। परंतु नगरपालिका प्रशासन उनकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा।
पूर्व विधायक व पार्षदों के निवास स्थानों के बाहर लगे उनके नाम के बोर्डों का मामला आज ही मेरे संज्ञान में आया है। इस संबंध में जल्द ही नगरपालिका के जेई को निर्देश दे प्रोटोकाल के अनुसार कार्यवाही की अमल में लाई जाएगी। -राजेश शर्मा, सचिव नगरपालिका चीका।
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गुहला-चीका। नगरपालिका चीका प्रशासन अपनी ड्यूटी को लेकर कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में सरकार को बदले तीन माह का समय बीत चुका है लेकिन चीका में विधायक के निवास स्थान के बाहर लगे उनके नाम के बोर्ड को ना तो हटाया गया है और ना ही उसके ऊपर पूर्व लिखवाया गया है। इतना ही नहीं चीका नगरपालिका के चुनाव को हुए भी ढाई साल से अधिक का समय गुजर चुका है।
गौरतलब है कि साल 2022 में करवाए गए चुनाव में शहर के सभी 17 वार्डों से नए पार्षद चुने गए थे लेकिन मई 2016 में चुने गए पार्षदों व पूर्व अध्यक्ष के निवास स्थान के बाहर लगे नामों के बोर्ड कार्यकाल खत्म होने के साढ़े तीन साल बाद भी नगरपालिका प्रशासन ने हटाने की जहमत नहीं उठाई है। नगरपालिका प्रशासन की ओर से बरती जा रही इस लापरवाही पर शहर में तरह तरह की चर्चाएं कर रहे है। शहरवासी नरेश कुमार, राजपाल, मुकेश, महेंद्र आदि ने कहा कि नगरपालिका प्रशासन सिर्फ बोर्ड बदलने में ही ढिलाई नहीं दिखा रहा, बल्कि ऐसे बहुत सारे कार्य है जो सालों से लटके पड़े हैं। परंतु नगरपालिका प्रशासन उनकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा।
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पूर्व विधायक व पार्षदों के निवास स्थानों के बाहर लगे उनके नाम के बोर्डों का मामला आज ही मेरे संज्ञान में आया है। इस संबंध में जल्द ही नगरपालिका के जेई को निर्देश दे प्रोटोकाल के अनुसार कार्यवाही की अमल में लाई जाएगी। -राजेश शर्मा, सचिव नगरपालिका चीका।
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