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Kaithal News: मां के नहीं सूूख रहे आंसू, परिवार नहीं भेजना चाहता था विदेश
Sat, 01 Nov 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 01 Nov 2025 01:08 AM IST
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मृतक युवराज
- फोटो : ramnagar news
नरेंद्र राणा
पूंडरी। गांव मोहना निवासी 17 वर्षीय युवराज की अमेरिका में हत्या के बाद गुरुवार को गांव में उसकी अंतिम अरदास आयोजित की गई। पूरे गांव की आंखें नम थीं। अंतिम अरदास वाले दिन मां सर्वजीत कौर का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार कहती रही— “अपने लाल को आखिरी बार देख भी नहीं पाई, उसका संस्कार भी न कर सके।”
परिवार को जब यह पता चला कि युवराज का शव वहीं दफना दिया गया, तो उनका दर्द और गहरा गया। परिजनों ने कहा कि जो एजेंट जेल में बंद हैं, वे अब बेल के प्रयास कर रहे हैं, जबकि उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि कोई और परिवार ऐसी त्रासदी न झेले।
युवराज के पिता कुलदीप सिंह और चाचा कुलवंत सिंह ने लोगों से अपील की कि कोई भी अपने बच्चों को ‘डंकी रूट’ से विदेश न भेजे।
एजेंट देता रहा झूठी उम्मीदें ः परिवार ने बताया कि एजेंट लगातार कहता रहा कि युवराज सुरक्षित है और जल्द ही वापस आ जाएगा। इस भरोसे में परिजन एक साल तक इंतज़ार करते रहे। परंतु जब उन्होंने निजी स्तर पर जांच कराई, तो पता चला कि युवराज की चार मार्च को हत्या कर दी गई थी। उसके साथ मारपीट की वीडियो भी सामने आई।
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कुलदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि एजेंटों ने 41 लाख रुपये में अमेरिका भेजने का सौदा तय किया था। सितंबर 2024 में पासपोर्ट लेकर 13 अक्तूबर को बेटे को भारत से रवाना किया गया। 17 अक्तूबर को एजेंटों ने टिकट के बहाने 16 लाख रुपये और वसूल लिए। एजेंट युवराज से बीच-बीच में कॉल कराते रहे ताकि परिवार को भरोसा बना रहे। संवाद
बेटे की जिद के आगे झुक गया था परिवार
13 अक्तूबर 2024 को युवराज अमेरिका जाने की जिद पर घर से रवाना हुआ था। पिता कुलदीप सिंह ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से सक्षम था और बेटे को विदेश नहीं भेजना चाहता था, लेकिन युवराज अपने दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट देखकर अमेरिका जाने की जिद पर अड़ा रहा।
एजेंट ने 41 लाख रुपये में सौदा तय किया और कहा कि पैसे अमेरिका पहुंचने के बाद लिए जाएंगे, लेकिन उसे गलत रास्ते से भेज दिया गया। बाद में एजेंटों की चालबाज़ी ने युवराज की जान ले ली।
आरोप ः एजेंट ने किडनैपर को पैसे नहीं दिए, तभी गई जान
परिजनों ने बताया कि दिसंबर में उन्हें किडनैपर का कॉल आया था— 20 हजार डॉलर दो तो बेटे को छोड़ देंगे। एजेंट ने पैसे लिए लेकिन किडनैपर तक नहीं पहुंचाए। परिणामस्वरूप किडनैपरों ने युवराज को यातनाएं दीं और गोली मार दी।
मां-बाप और बहन का रो-रोकर बुरा हाल
मां सर्वजीत कौर और 11वीं की छात्रा बहन को जब यह खबर मिली कि युवराज अब इस दुनिया में नहीं रहा, तो घर में कोहराम मच गया। मां बार-बार उसकी तस्वीर देखकर फफक उठती हैं— “भगवान, मेरी कोख क्यों सूनी कर दी।”
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पूंडरी। गांव मोहना निवासी 17 वर्षीय युवराज की अमेरिका में हत्या के बाद गुरुवार को गांव में उसकी अंतिम अरदास आयोजित की गई। पूरे गांव की आंखें नम थीं। अंतिम अरदास वाले दिन मां सर्वजीत कौर का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार कहती रही— “अपने लाल को आखिरी बार देख भी नहीं पाई, उसका संस्कार भी न कर सके।”
परिवार को जब यह पता चला कि युवराज का शव वहीं दफना दिया गया, तो उनका दर्द और गहरा गया। परिजनों ने कहा कि जो एजेंट जेल में बंद हैं, वे अब बेल के प्रयास कर रहे हैं, जबकि उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि कोई और परिवार ऐसी त्रासदी न झेले।
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युवराज के पिता कुलदीप सिंह और चाचा कुलवंत सिंह ने लोगों से अपील की कि कोई भी अपने बच्चों को ‘डंकी रूट’ से विदेश न भेजे।
एजेंट देता रहा झूठी उम्मीदें ः परिवार ने बताया कि एजेंट लगातार कहता रहा कि युवराज सुरक्षित है और जल्द ही वापस आ जाएगा। इस भरोसे में परिजन एक साल तक इंतज़ार करते रहे। परंतु जब उन्होंने निजी स्तर पर जांच कराई, तो पता चला कि युवराज की चार मार्च को हत्या कर दी गई थी। उसके साथ मारपीट की वीडियो भी सामने आई।
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कुलदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि एजेंटों ने 41 लाख रुपये में अमेरिका भेजने का सौदा तय किया था। सितंबर 2024 में पासपोर्ट लेकर 13 अक्तूबर को बेटे को भारत से रवाना किया गया। 17 अक्तूबर को एजेंटों ने टिकट के बहाने 16 लाख रुपये और वसूल लिए। एजेंट युवराज से बीच-बीच में कॉल कराते रहे ताकि परिवार को भरोसा बना रहे। संवाद
बेटे की जिद के आगे झुक गया था परिवार
13 अक्तूबर 2024 को युवराज अमेरिका जाने की जिद पर घर से रवाना हुआ था। पिता कुलदीप सिंह ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से सक्षम था और बेटे को विदेश नहीं भेजना चाहता था, लेकिन युवराज अपने दोस्तों के सोशल मीडिया पोस्ट देखकर अमेरिका जाने की जिद पर अड़ा रहा।
एजेंट ने 41 लाख रुपये में सौदा तय किया और कहा कि पैसे अमेरिका पहुंचने के बाद लिए जाएंगे, लेकिन उसे गलत रास्ते से भेज दिया गया। बाद में एजेंटों की चालबाज़ी ने युवराज की जान ले ली।
आरोप ः एजेंट ने किडनैपर को पैसे नहीं दिए, तभी गई जान
परिजनों ने बताया कि दिसंबर में उन्हें किडनैपर का कॉल आया था— 20 हजार डॉलर दो तो बेटे को छोड़ देंगे। एजेंट ने पैसे लिए लेकिन किडनैपर तक नहीं पहुंचाए। परिणामस्वरूप किडनैपरों ने युवराज को यातनाएं दीं और गोली मार दी।
मां-बाप और बहन का रो-रोकर बुरा हाल
मां सर्वजीत कौर और 11वीं की छात्रा बहन को जब यह खबर मिली कि युवराज अब इस दुनिया में नहीं रहा, तो घर में कोहराम मच गया। मां बार-बार उसकी तस्वीर देखकर फफक उठती हैं— “भगवान, मेरी कोख क्यों सूनी कर दी।”

मृतक युवराज- फोटो : ramnagar news