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Kaithal News: बेटे की जीत पर मां ने क्लब में दोस्तों को खिलाई मिठाई, पैतृक गांव डाहौला में भी खुशी का माहौल
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निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों।
कैथल। एशियन गेम्स में कैथल के युवा निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने दो रजत पदक जीतकर जैसे ही देश का नाम रोशन किया, कैथल में खुशी की लहर दौड़ गई। अशोका गार्डन कॉलोनी निवासी हिमांशु की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही परिवार, दोस्तों और खेल प्रेमियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। नेहरा शूटिंग क्लब में हिमांशु की मां सुमन ने पहुंचकर दोस्तों और क्लब से जुड़े लोगों को मिठाई खिलाई और बेटे की कामयाबी की खुशी साझा की।
जापान में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में 20 वर्षीय हिमांशु ने 10 मीटर एयर राइफल की टीम और व्यक्तिगत दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक हासिल किया।
2017 में शुरू की शूटिंग, 2019 से कैथल में कर रहे अभ्यास
हिमांशु के छोटे भाई प्रियांशु ने बताया कि हिमांशु ने शुरुआत में कुश्ती का अभ्यास शुरू किया था लेकिन बाद में उनका निशानेबाजी की ओर रुझान बढ़ा। उन्होंने वर्ष 2017 से लगातार शूटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया। वर्ष 2019 से वह कैथल स्थित नेहरा शूटिंग क्लब में नियमित रूप से अभ्यास करते रहे। हिमांशु का पैतृक गांव जींद जिले का डाहौला है। जब उन्होंने शूटिंग शुरू की थी, उस समय जींद में शूटिंग रेंज की सुविधा नहीं थी। ऐसे में उनकी तैयारी प्रभावित न हो, इसके लिए पूरा परिवार कैथल में किराये के मकान में रहने लगा। कैथल में रहते हुए हिमांशु ने नेहरा शूटिंग क्लब में नियमित अभ्यास किया और धीरे-धीरे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
पिछले छह महीने से दिल्ली में कर रहे थे तैयारी
परिवार के अनुसार हिमांशु पिछले करीब छह महीने से दिल्ली में रहकर एशियन गेम्स की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले उनकी नियमित ट्रेनिंग कैथल में ही होती रही। शूटिंग के साथ-साथ हिमांशु लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, लुधियाना से बीएससी इन हेल्थ एंड स्पोर्ट्स की पढ़ाई भी कर रहे हैं।
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मां सुमन ने दोस्तों को खिलाई मिठाई
बेटे के दो रजत पदक जीतने की खबर मिलते ही हिमांशु की मां सुमन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कैथल के सेक्टर-21 स्थित नेहरा शूटिंग क्लब में पहुंचकर हिमांशु के दोस्तों और क्लब से जुड़े लोगों को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। हिमांशु के दोस्त तुषार, कार्तिक और जसनूर भी उसकी उपलब्धि से बेहद खुश हैं। सुमन ने कहा कि बेटे ने पदक जीतकर देश और विदेश में ही नहीं बल्कि उनके पैतृक गांव का नाम भी रोशन किया है। परिवार के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है।
पिता दुबई गए, गांव में दादा-दादी और ताऊ के पास पहुंच रहे फोन
हिमांशु के पिता सोमवार को ही घूमने के लिए दुबई गए हैं। बेटे की उपलब्धि की खबर मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। हिमांशु का संयुक्त परिवार है और उसके ताऊ, दादा-दादी सहित परिवार के अन्य सदस्य पैतृक गांव डाहौला में रहते हैं। जैसे ही हिमांशु के दो पदक जीतने की खबर गांव पहुंची, परिवार के लोगों के पास बधाई देने के लिए लगातार फोन आने लगे। गांव में भी लोगों में खुशी का माहौल है और ग्रामीण हिमांशु की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
सीएम नायब सैनी ने भी हिमांशु से की बात
हिमांशु के छोटे भाई प्रियंशु ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी हिमांशु से फोन पर बातचीत कर उसकी उपलब्धि पर बधाई दी है। इसके अलावा परिवार के पास लगातार बधाई संदेश और फोन आ रहे हैं।
विधायक आदित्य सुरजेवाला ने दी बधाई
कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने हिमांशु ढिल्लों, उनके परिवार और कोच को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हिमांशु की सफलता को कैथल के लिए गौरव का विषय बताया।
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जापान में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में 20 वर्षीय हिमांशु ने 10 मीटर एयर राइफल की टीम और व्यक्तिगत दोनों स्पर्धाओं में रजत पदक हासिल किया।
2017 में शुरू की शूटिंग, 2019 से कैथल में कर रहे अभ्यास
हिमांशु के छोटे भाई प्रियांशु ने बताया कि हिमांशु ने शुरुआत में कुश्ती का अभ्यास शुरू किया था लेकिन बाद में उनका निशानेबाजी की ओर रुझान बढ़ा। उन्होंने वर्ष 2017 से लगातार शूटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया। वर्ष 2019 से वह कैथल स्थित नेहरा शूटिंग क्लब में नियमित रूप से अभ्यास करते रहे। हिमांशु का पैतृक गांव जींद जिले का डाहौला है। जब उन्होंने शूटिंग शुरू की थी, उस समय जींद में शूटिंग रेंज की सुविधा नहीं थी। ऐसे में उनकी तैयारी प्रभावित न हो, इसके लिए पूरा परिवार कैथल में किराये के मकान में रहने लगा। कैथल में रहते हुए हिमांशु ने नेहरा शूटिंग क्लब में नियमित अभ्यास किया और धीरे-धीरे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
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पिछले छह महीने से दिल्ली में कर रहे थे तैयारी
परिवार के अनुसार हिमांशु पिछले करीब छह महीने से दिल्ली में रहकर एशियन गेम्स की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले उनकी नियमित ट्रेनिंग कैथल में ही होती रही। शूटिंग के साथ-साथ हिमांशु लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, लुधियाना से बीएससी इन हेल्थ एंड स्पोर्ट्स की पढ़ाई भी कर रहे हैं।
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मां सुमन ने दोस्तों को खिलाई मिठाई
बेटे के दो रजत पदक जीतने की खबर मिलते ही हिमांशु की मां सुमन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कैथल के सेक्टर-21 स्थित नेहरा शूटिंग क्लब में पहुंचकर हिमांशु के दोस्तों और क्लब से जुड़े लोगों को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। हिमांशु के दोस्त तुषार, कार्तिक और जसनूर भी उसकी उपलब्धि से बेहद खुश हैं। सुमन ने कहा कि बेटे ने पदक जीतकर देश और विदेश में ही नहीं बल्कि उनके पैतृक गांव का नाम भी रोशन किया है। परिवार के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है।
पिता दुबई गए, गांव में दादा-दादी और ताऊ के पास पहुंच रहे फोन
हिमांशु के पिता सोमवार को ही घूमने के लिए दुबई गए हैं। बेटे की उपलब्धि की खबर मिलने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। हिमांशु का संयुक्त परिवार है और उसके ताऊ, दादा-दादी सहित परिवार के अन्य सदस्य पैतृक गांव डाहौला में रहते हैं। जैसे ही हिमांशु के दो पदक जीतने की खबर गांव पहुंची, परिवार के लोगों के पास बधाई देने के लिए लगातार फोन आने लगे। गांव में भी लोगों में खुशी का माहौल है और ग्रामीण हिमांशु की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
सीएम नायब सैनी ने भी हिमांशु से की बात
हिमांशु के छोटे भाई प्रियंशु ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी हिमांशु से फोन पर बातचीत कर उसकी उपलब्धि पर बधाई दी है। इसके अलावा परिवार के पास लगातार बधाई संदेश और फोन आ रहे हैं।
विधायक आदित्य सुरजेवाला ने दी बधाई
कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने हिमांशु ढिल्लों, उनके परिवार और कोच को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हिमांशु की सफलता को कैथल के लिए गौरव का विषय बताया।