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एक से बैंकों का कर्ज अदा नहीं करेंगे किसान
ब्यूरो कैथल
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:21 AM IST
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भाकियू के छह संगठनों ने बैठक कर लिया संयुक्त फैसला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भारतीय किसान यूनियन के छह संगठनों की एक बैठक शुक्रवार को हनुमान वाटिका में संपन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता भाकियू के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह ने की। बैठक में किसानों की समस्याओं पर एक बड़ा आंदोलन करने की घोषणा भी की गई।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में भाकियू के छह यूनियनों के नेताओं की ओर से अध्यक्ष गुरनाम सिह चढूनी ने कहा कि किसान भाजपा के सरकार में बिल्कुल दुखी हो चुके हैं। किसान कर्जे में डूबने के कारण आए दिन आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। लेकिन सरकार उनके कर्जों की माफी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने कहा कि यूनियन का कोई भी किसान उनकी मांग पूरी नहीं होने तक किसी भी बैंक का कर्जा नहीं भरेगा।
एक जनवरी से किसानों द्वारा बैंकों का कर्जा भरने का बहिष्कार किया जाएगा। चढूनी ने कहा कि यूनियन के नेता इसके लिए गांव-गांव जाकर अपने इस आंदोलन को सफल बनाने का प्रयास करेंगे।
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उन्होंने बताया कि आगामी 25 फरवरी से सेक्टर 20 के हुडा ग्राउंड में एक विशाल आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक जिलों में हर दिन 11 किसान क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। अगर इसके बावजूद भी सरकार ने उनकी मांगो पर कोई विचार नहीं किया गया तो आगामी 6 मार्च को एक बड़ी रैली का आयोजन करेंगे। इस मौके पर किसान समिति के अध्यक्ष सुरेश कौथ, युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना, जगवीर प्यौदा, सेवा सिह आर्य, गुरबक्श सिंह, पाला राम, प्रजीत हाबड़ी, जगबीर सहित अन्य मौजूद रहे।
यह है किसानों की मांगें
- किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को तुुरंत बंद किया जाए या इसका प्रीमियम सरकार खुद भरे।
- स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाए।
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बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में भाकियू के छह यूनियनों के नेताओं की ओर से अध्यक्ष गुरनाम सिह चढूनी ने कहा कि किसान भाजपा के सरकार में बिल्कुल दुखी हो चुके हैं। किसान कर्जे में डूबने के कारण आए दिन आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। लेकिन सरकार उनके कर्जों की माफी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने कहा कि यूनियन का कोई भी किसान उनकी मांग पूरी नहीं होने तक किसी भी बैंक का कर्जा नहीं भरेगा।
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एक जनवरी से किसानों द्वारा बैंकों का कर्जा भरने का बहिष्कार किया जाएगा। चढूनी ने कहा कि यूनियन के नेता इसके लिए गांव-गांव जाकर अपने इस आंदोलन को सफल बनाने का प्रयास करेंगे।
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उन्होंने बताया कि आगामी 25 फरवरी से सेक्टर 20 के हुडा ग्राउंड में एक विशाल आंदोलन शुरू किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक जिलों में हर दिन 11 किसान क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। अगर इसके बावजूद भी सरकार ने उनकी मांगो पर कोई विचार नहीं किया गया तो आगामी 6 मार्च को एक बड़ी रैली का आयोजन करेंगे। इस मौके पर किसान समिति के अध्यक्ष सुरेश कौथ, युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना, जगवीर प्यौदा, सेवा सिह आर्य, गुरबक्श सिंह, पाला राम, प्रजीत हाबड़ी, जगबीर सहित अन्य मौजूद रहे।
यह है किसानों की मांगें
- किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को तुुरंत बंद किया जाए या इसका प्रीमियम सरकार खुद भरे।
- स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाए।