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बिना लाइसेंस और डिग्री के चला रहा था क्लीनिक
अमर उजाला ब्यूरो, कैथल
Updated Sat, 12 Nov 2016 12:45 AM IST
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक झोलाछाप डॉक्टर को काबू किया है। डॉक्टर के पास से कई प्रकार की अवैध दवाइयां भी प्राप्त हुई हैं। झोलाछाप डॉक्टर के पास कोई डिग्री या लाइसेंस नहीं था। वह अंबाला रोड स्थित सैनी कॉलोनी में क्लीनिक चला रहा था। उप सिविल सर्जन डॉ. नीलम कक्कड़ की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस केस दर्ज कर लिया है। डॉ. नीलम कक्कड़ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि नैना गांव निवासी प्रीतम सिंह ढांड रोड स्थित सैनी कॉलोनी में क्लीनिक चला रहा है। आरोपी के पास क्लीनिक चलाने की न तो कोई योग्यता है और न ही लाइसेंस।
सूचना मिलने पर सिविल सर्जन ने डॉ. नीलम कक्कड़ की अध्यक्षता में एक टीम गठित की गई। जिसमें ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर सुनील दहिया, चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन और राजेश कुमार शामिल थे। टीम संबंधित क्लीनिक पहुंची तो वहां प्रीतम सिंह मिला। जिसने स्वयं को क्लीनिक मालिक बताया। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक संचालक से मेडिकल डिग्री व क्लीनिक चलाने का लाइसेंस मांगा तो आरोपी के पास कुछ नहीं मिला। जांच करने पर आरोपी के पास से अंग्रेजी दवाइयां व उपकरण मिले। पूछताछ में उसने अपनी शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास बताई। टीम ने क्लीनिक पर मौजूद दवाइयों को सील करके अपने कब्जे में ले लिया है। सिविल लाइन के जांच अधिकारी एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि उप सिविल सर्जन की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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सूचना मिलने पर सिविल सर्जन ने डॉ. नीलम कक्कड़ की अध्यक्षता में एक टीम गठित की गई। जिसमें ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर सुनील दहिया, चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन और राजेश कुमार शामिल थे। टीम संबंधित क्लीनिक पहुंची तो वहां प्रीतम सिंह मिला। जिसने स्वयं को क्लीनिक मालिक बताया। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक संचालक से मेडिकल डिग्री व क्लीनिक चलाने का लाइसेंस मांगा तो आरोपी के पास कुछ नहीं मिला। जांच करने पर आरोपी के पास से अंग्रेजी दवाइयां व उपकरण मिले। पूछताछ में उसने अपनी शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास बताई। टीम ने क्लीनिक पर मौजूद दवाइयों को सील करके अपने कब्जे में ले लिया है। सिविल लाइन के जांच अधिकारी एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि उप सिविल सर्जन की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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