{"_id":"6764728b65076478e20d9888","slug":"lesson-of-water-conservation-taught-in-jal-chaupal-in-kharadi-village-kaithal-news-c-18-1-knl1004-543276-2024-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: खरौदी गांव में लगी जल चौपाल में पढ़ाया जल संरक्षण का पाठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: खरौदी गांव में लगी जल चौपाल में पढ़ाया जल संरक्षण का पाठ
Fri, 20 Dec 2024 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 20 Dec 2024 12:52 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने वीरवार को जिला सलाहकार दीपक कुमार की देखरेख में खंड के गांवों में जल संरक्षण के संदर्भ में ग्रामीणों को जागरूक किया। पानी की जांच के लिए मोबाइल लैब ने पानी के सैंपल लिए।
जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि आज पानी की जांच के लिए मोबाइल लैब ने सात गांवों खरौदी, भूना, खरकड़ा, थेह-बुटाना, मंजेडी, हंसू-माजरा व अगोंध के पानी के सैंपल लिए। जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि पानी की टीडीएस, पीएच, फ्लोराइड, आयरन, टोटल-हार्डनेस, सल्फेट, नाइट्रेट, जिंक, ट्रबीडिटी की जांच होती है। लैब में 10 पैरामीटर की जांच की जाती है।
जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि 80 प्रतिशत बीमारियां साफ पानी ना मिलने के कारण होती है। ग्रामीण क्षेत्र से जीपीएस ट्रैकिंग से मौके पर ही सप्लाई चालू कर सैंपल एकत्रित किए जाते हैं, ताकि ग्रामीणों में पानी की गुणवत्ता, स्वच्छता और उपयोगिता को लेकर पारदर्शिता बनी रहे और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जा सके। रिपोर्ट आते ही घरों में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य है या नहीं इसका पता चल जाएगा। अगर पानी पीने योग्य नहीं है तो यह रिपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर अपलोड होने के साथ-साथ संबंधित गांव के कनिष्ठ अभियंता के पास भी जाएगी, ताकि पानी में आई कमी को दूर करवाया जा सके।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अगर पानी सभी पैरामीटर पर फेल हो जाता या किसी भी सूरत में पीने योग्य नहीं है तो विभाग द्वारा तुरंत ट्यूबवेल से सप्लाई बंद की जाएगी और नए सोर्स से पानी की सप्लाई तक वैकल्पिक व्यवस्था जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा की जाएगी। इस मौके पर बीआरसी रघुबीर सिंह व ग्रामीण मौजूद रहे।
वहीं, गांव खरौदी में जल चौपाल का आयोजन किया गया। जल चौपाल की अध्यक्षता सरपंच कर्मजीत सिंह ने की। इस मौके पर जगतार सिंह, कुलदीप व ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
गुहला-चीका। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने वीरवार को जिला सलाहकार दीपक कुमार की देखरेख में खंड के गांवों में जल संरक्षण के संदर्भ में ग्रामीणों को जागरूक किया। पानी की जांच के लिए मोबाइल लैब ने पानी के सैंपल लिए।
जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि आज पानी की जांच के लिए मोबाइल लैब ने सात गांवों खरौदी, भूना, खरकड़ा, थेह-बुटाना, मंजेडी, हंसू-माजरा व अगोंध के पानी के सैंपल लिए। जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि पानी की टीडीएस, पीएच, फ्लोराइड, आयरन, टोटल-हार्डनेस, सल्फेट, नाइट्रेट, जिंक, ट्रबीडिटी की जांच होती है। लैब में 10 पैरामीटर की जांच की जाती है।
विज्ञापन
जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि 80 प्रतिशत बीमारियां साफ पानी ना मिलने के कारण होती है। ग्रामीण क्षेत्र से जीपीएस ट्रैकिंग से मौके पर ही सप्लाई चालू कर सैंपल एकत्रित किए जाते हैं, ताकि ग्रामीणों में पानी की गुणवत्ता, स्वच्छता और उपयोगिता को लेकर पारदर्शिता बनी रहे और लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जा सके। रिपोर्ट आते ही घरों में सप्लाई किया जा रहा पानी पीने योग्य है या नहीं इसका पता चल जाएगा। अगर पानी पीने योग्य नहीं है तो यह रिपोर्ट विभाग की वेबसाइट पर अपलोड होने के साथ-साथ संबंधित गांव के कनिष्ठ अभियंता के पास भी जाएगी, ताकि पानी में आई कमी को दूर करवाया जा सके।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अगर पानी सभी पैरामीटर पर फेल हो जाता या किसी भी सूरत में पीने योग्य नहीं है तो विभाग द्वारा तुरंत ट्यूबवेल से सप्लाई बंद की जाएगी और नए सोर्स से पानी की सप्लाई तक वैकल्पिक व्यवस्था जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा की जाएगी। इस मौके पर बीआरसी रघुबीर सिंह व ग्रामीण मौजूद रहे।
वहीं, गांव खरौदी में जल चौपाल का आयोजन किया गया। जल चौपाल की अध्यक्षता सरपंच कर्मजीत सिंह ने की। इस मौके पर जगतार सिंह, कुलदीप व ग्रामीण मौजूद रहे।