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बगैर सत्संग भगवान का ज्ञान संभव नहीं : दास

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Oct 2023 12:49 AM IST
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Knowledge of God is not possible without satsang: Das
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। इस्कॉन कुरुक्षेत्र व इस्कॉन प्रचार समिति कैथल की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन वीरवार को सैकड़ों श्रद्धालुओं को सत्यपति दास (इस्कॉन, धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र) ने अपने श्रीमुख से कथा का श्रवण करवाया। उन्होंने सत्संग श्रवण की महत्ता को समझाते हुए बताया कि सत्संग के बगैर किसी को भगवान का ज्ञान नहीं हो सकता। सत्संग से ही जीव को भागवत ज्ञान प्राप्त होता है और उसी ज्ञान से भगवान के प्रति प्रेम, उनकी सेवा करने की रुचि उत्पन्न होती है जो कि मानव के जीवन का सार है।

सत्संग के दौरान उन्होंने भगवान के छह ऐश्वर्यों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जो संपूर्ण सृष्टि में सबसे सुंदर हो, जो सबसे ज्यादा ज्ञानवान हो, जो संपूर्ण त्रिलोकी में सबसे अधिक धनवान हो, जो त्रिलोकी में सबसे अधिक प्रसिद्ध हो, जो संपूर्ण सृष्टि में सबसे अधिक बलवान हो और जो संपूर्ण सृष्टि में सबसे अधिक त्यागी हो वह भगवान हैं। शास्त्रों, वेद, पुराण, उपनिषद के सार के अनुसार यह सभी छह ऐश्वर्य अगर किसी में है तो वह केवल भगवान श्रीकृष्ण हैं।
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उन्होंने कहा कि कीर्तन करने से व्यक्ति का हृदय शुद्ध होता है, वातावरण शुद्ध होता है और हम भगवान की वाणी श्रीमद्भागवत गीता को सुनने-समझने के योग्य बन जाते हैं। इसी के साथ ही प्रभु जी ने कीर्तन शुरू किया और हजारों श्रद्धालु कीर्तन के रस में आनंद लेने लगे। प्रत्येक मनुष्य के जीवन का लक्ष्य ही वसुदेव को प्राप्त करना है, और जो मनुष्य यह नहीं जान पाया के मेरे जीवन का लक्ष्य भगवान कृष्ण की प्राप्ति है वे वास्तव में अंधे हैं। श्री सूत गोस्वामी जी कहते हैं कि वैसे तो भगवान के असंख्य अवतार होते हैं और वे किसी भी लोक में लीला कर रहे होते हैं। उन्हीं अवतारों में से उनके 24 अवतार मुख्य हैं, जिनके विषय में भी बताया।
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सत्यपति दास ने बताया कि भगवान की कथा सभी पापों को नष्ट करने वाली है। जो व्यक्ति भगवान की कथाएं सुनता है उसका सदैव मंगल होता है। लक्ष्मी की उस पर कृपा होती है। श्रीमद् भागवत में श्री सूत गोस्वामी ने स्वयं कहा है कि जब तक भगवान श्री कृष्ण इस धरा-धाम पर रहे, तब तक धर्म उनकी शरण में था। उनके जाने के बाद धर्म श्रीमद् भागवत में प्रवेश कर गया। उन्होंने कथा में माला की जाप के महत्व के बारे में समझ कर, माला जाप करने की विधि भी बताई। इस्कॉन कैथल के प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि कथा में छठे दिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया।


पंडाल को गुब्बारों और खिलौनों से भव्य रूप से सजाया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मटकी सजावट प्रतियोगिता का आयोजन किया। श्री कृष्ण के भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे। इस अवसर पर कथा में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अश्वनी गर्ग, वरिष्ठ एडवोकेट मनदीप सिंह, विनोद भल्ला, डॉ. पवन थरेजा एवं गुलशन थारेजा मौजूद रहे।
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