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200 ग्राम ज्यादा गेहूं तोला जा रहा था कट्टे में
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Sun, 16 Apr 2017 11:49 PM IST
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किसान सभा की जांच में हुआ खुलासा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रविवार को नई अनाज मंडी में एक किसान की गेहूं की तोल की जांच करने पर किसान सभा को एक कट्टे में 200 ग्राम अधिक गेहूं मिलने पर सभा सदस्यों ने जमकर रोष प्रकट किया। सभा सदस्यों का आढ़तियों व मजदूरों के साथ काफी विवाद हुआ। एक बार तो बात आपसी झड़प तक पहुंच गई थी। बाद में तहसीलदार व मार्केट कमेटी चेयरमैन के हस्तक्षेप से मामला शांत हो सका।
रविवार को लगभग 11 बजे किसान सभा के सदस्य कैथल की नई अनाज मंडी में पहुंचे। जिसमें किसान सभा के जिला प्रधान महेंद्र सिंह, सभा के सदस्य बलवंत कमाल पूर, भरता राम किठाना, रामकुमार नंबरदार, अर्जुन सिंह, राजा सजुमा तथा मांगे राम शामिल थे। वे आढ़तियों द्वारा तोली जा रही गेहूं को चेक करने लगे। उन्होंने पांच नंबर गेट के निकट एक आढ़ती की दुकान में गेहूं के कट्टों का वजन किया तो एक कट्टे में दो सौ ग्राम गेहूं अधिक पाई गई। उन्होंने तुरंत कमेटी के सह सचिव चंद्र प्रकाश, नायाब तहसीलदार सतप्रकाश को मौके पर बुलाया। उन्होंने उसके अलावा दो अन्य गेहूं से भरे कट्टे तोल कर देखे तो एक कट्टे में वजन खाली कट्टे को रखकर बिल्कुल सही पाया और दूसरे में 200 ग्राम के लगभग ज्यादा वजन पाया।
सूचना पाकर मंडी के प्रधान सुरेश चौधरी, पूर्व प्रधान अश्विनी शोरेवाला, पूर्व प्रधान सतीश लदाना, धर्मपाल कठवाड़ सहित अनेक आढ़ती भी मौके पर पहुंच गये। उन्होंने किसान सभा के नेताओं व तहसीलदार को बताया कि सरकार द्वारा उनसे गेहूं से भरे कट्टे के वजन में खाली कट्टे के नाम के 165 ग्राम की काट करते हैं। ऐसे में जो दो सौ ग्राम ज्यादा है, उसमें मात्र 35 ग्राम ही गेहूं ज्यादा है और जो सही है, उसमें वजन कम है। आढ़तियों से हर वर्ष करोड़ों की घटोत्तरी सरकारी एजेंसियों के द्वारा वसूल की जाती है। यदि आढ़ती ज्यादा तोलते तो उनको यह घटौतरी पूरी कर सकते थे, परंतु किसानों के साथ कोई हेराफेरी नहीं होती और अधिक तोल की बजाय आढ़ती घटौतरी देना पसंद करते हैं। आढ़तियों का इसमें कोई रोल नहीं। इस पर किसान सभा के सदस्य मानने को तैयार नहीं हुए तो आढ़तियों व नेताओं में तू तू, मैं-मैं होने लगी। इसी बीच मजदूर भी तोले के पक्ष में आ खड़े हुए और कहा कि इतनी बारीकि से तोल किया जाए तो एक दिन में कुछ सैकड़ों कट्टे ही तोल पाएंगे। इसी बीच मजदूरों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी।
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मामला बिगड़ता देख तहसीलदार व कमेटी सह सचिव ने उन्हें मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय में बुलाकर बातचीत की। जहां मार्केट कमेटी चेयरमैन राजपाल तंवर व उप- चेयरमैन कृष्ण बंसल ने भी किसान नेताओं को आश्वासन दिया कि किसानों के साथ ज्यादती नहीं होगी। यदि कोई आढ़ती गड़बड़ करते हुए पाया गया तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
मंडी प्रधान सुरेश चौधरी ने भी किसान सभा को आश्वासन दिया कि तोल में आगे भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके बाद मामला शांत हो सका।
गेहूं का उठान न होने पर लिया संज्ञान
मार्केट कमेटी चेयरमैन राजपाल तंवर ने लदान के ठेकेदार से जाना कि वह वेयर हाउस की खरीद की गई गेहूं का लदान क्यों नहीं करवा रहे। उतराई के लिये मजदूर क्यों नही भेजे जा रहे। ठेकेदार राजकिशन उर्फ हैप्पी ने उनको बताया कि मंडी से सहयोग नहीं मिल रहा। सभी वाहन मंडी एसोसिएशन की देख रेख में चलते हैं। चेयरमैन ने मंडी एसोसिएशन, ठेकेदार तथा वेयर हाउस के अधिकारियों को दोपहर तक मामला सुलझाने के आदेश दिये। यदि रिश्वत लेने की बात पता चली तो वे ठेकेदार का टेंडर रद्द करने में देर नहीं लगाएंगे।
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रविवार को लगभग 11 बजे किसान सभा के सदस्य कैथल की नई अनाज मंडी में पहुंचे। जिसमें किसान सभा के जिला प्रधान महेंद्र सिंह, सभा के सदस्य बलवंत कमाल पूर, भरता राम किठाना, रामकुमार नंबरदार, अर्जुन सिंह, राजा सजुमा तथा मांगे राम शामिल थे। वे आढ़तियों द्वारा तोली जा रही गेहूं को चेक करने लगे। उन्होंने पांच नंबर गेट के निकट एक आढ़ती की दुकान में गेहूं के कट्टों का वजन किया तो एक कट्टे में दो सौ ग्राम गेहूं अधिक पाई गई। उन्होंने तुरंत कमेटी के सह सचिव चंद्र प्रकाश, नायाब तहसीलदार सतप्रकाश को मौके पर बुलाया। उन्होंने उसके अलावा दो अन्य गेहूं से भरे कट्टे तोल कर देखे तो एक कट्टे में वजन खाली कट्टे को रखकर बिल्कुल सही पाया और दूसरे में 200 ग्राम के लगभग ज्यादा वजन पाया।
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सूचना पाकर मंडी के प्रधान सुरेश चौधरी, पूर्व प्रधान अश्विनी शोरेवाला, पूर्व प्रधान सतीश लदाना, धर्मपाल कठवाड़ सहित अनेक आढ़ती भी मौके पर पहुंच गये। उन्होंने किसान सभा के नेताओं व तहसीलदार को बताया कि सरकार द्वारा उनसे गेहूं से भरे कट्टे के वजन में खाली कट्टे के नाम के 165 ग्राम की काट करते हैं। ऐसे में जो दो सौ ग्राम ज्यादा है, उसमें मात्र 35 ग्राम ही गेहूं ज्यादा है और जो सही है, उसमें वजन कम है। आढ़तियों से हर वर्ष करोड़ों की घटोत्तरी सरकारी एजेंसियों के द्वारा वसूल की जाती है। यदि आढ़ती ज्यादा तोलते तो उनको यह घटौतरी पूरी कर सकते थे, परंतु किसानों के साथ कोई हेराफेरी नहीं होती और अधिक तोल की बजाय आढ़ती घटौतरी देना पसंद करते हैं। आढ़तियों का इसमें कोई रोल नहीं। इस पर किसान सभा के सदस्य मानने को तैयार नहीं हुए तो आढ़तियों व नेताओं में तू तू, मैं-मैं होने लगी। इसी बीच मजदूर भी तोले के पक्ष में आ खड़े हुए और कहा कि इतनी बारीकि से तोल किया जाए तो एक दिन में कुछ सैकड़ों कट्टे ही तोल पाएंगे। इसी बीच मजदूरों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी।
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मामला बिगड़ता देख तहसीलदार व कमेटी सह सचिव ने उन्हें मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय में बुलाकर बातचीत की। जहां मार्केट कमेटी चेयरमैन राजपाल तंवर व उप- चेयरमैन कृष्ण बंसल ने भी किसान नेताओं को आश्वासन दिया कि किसानों के साथ ज्यादती नहीं होगी। यदि कोई आढ़ती गड़बड़ करते हुए पाया गया तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।
मंडी प्रधान सुरेश चौधरी ने भी किसान सभा को आश्वासन दिया कि तोल में आगे भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके बाद मामला शांत हो सका।
गेहूं का उठान न होने पर लिया संज्ञान
मार्केट कमेटी चेयरमैन राजपाल तंवर ने लदान के ठेकेदार से जाना कि वह वेयर हाउस की खरीद की गई गेहूं का लदान क्यों नहीं करवा रहे। उतराई के लिये मजदूर क्यों नही भेजे जा रहे। ठेकेदार राजकिशन उर्फ हैप्पी ने उनको बताया कि मंडी से सहयोग नहीं मिल रहा। सभी वाहन मंडी एसोसिएशन की देख रेख में चलते हैं। चेयरमैन ने मंडी एसोसिएशन, ठेकेदार तथा वेयर हाउस के अधिकारियों को दोपहर तक मामला सुलझाने के आदेश दिये। यदि रिश्वत लेने की बात पता चली तो वे ठेकेदार का टेंडर रद्द करने में देर नहीं लगाएंगे।