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Kaithal News: धुंध में लिपटा कैथल, सांसों पर प्रदूषण का साया
Sat, 16 Nov 2024 03:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 16 Nov 2024 03:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/सीवन। जिले में शुक्रवार को तीसरे दिन भी धुंध का कहर जारी रहा। इस दौरान दृश्यता महज 50 मीटर तक की रही है। धुंध के कारण अब लगातार जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सांसों के मरीजों के साथ आंखों की तकलीफें बढ़ी हैं। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 से पार पहुंचकर 319 दर्ज किया। इसका असर सांस के रोगियों के साथ आंख के मरीजों पर ज्यादा है।
जिले में शुक्रवार को दिवाली के 15 दिन बाद फिर से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। पिछले करीब 12 दिन से जिले में बढ़ रहे वायु प्रदूषण और स्मॉग से कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से स्थिति खराब होती दिखाई दे रही है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि अब वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा तो लोगों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में फिर से सांस और आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ेगी। ऐसे अब सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी-जुकाम व आंखों की एलर्जी संबंधित केस भी बढ़ने लगेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण से बचाव को लेकर विशेष बचाव हिदायतें जारी की थी। जिला नागरिक अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गाें को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत है। डॉ. मित्तल के अनुसार सांस के मरीज स्मॉग के दौरान घर से बाहर निकलने से परहेज करें, यदि वे बाहर जाएं तो मास्क लगाकर जाएं। साथ ही आंखों में समय-समय पर पानी के छींटे मारकर अपना बचाव करें।
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कैथल/सीवन। जिले में शुक्रवार को तीसरे दिन भी धुंध का कहर जारी रहा। इस दौरान दृश्यता महज 50 मीटर तक की रही है। धुंध के कारण अब लगातार जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सांसों के मरीजों के साथ आंखों की तकलीफें बढ़ी हैं। शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 से पार पहुंचकर 319 दर्ज किया। इसका असर सांस के रोगियों के साथ आंख के मरीजों पर ज्यादा है।
जिले में शुक्रवार को दिवाली के 15 दिन बाद फिर से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। पिछले करीब 12 दिन से जिले में बढ़ रहे वायु प्रदूषण और स्मॉग से कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से स्थिति खराब होती दिखाई दे रही है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि अब वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा तो लोगों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में फिर से सांस और आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ेगी। ऐसे अब सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी-जुकाम व आंखों की एलर्जी संबंधित केस भी बढ़ने लगेंगे।
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स्वास्थ्य विभाग ने दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण से बचाव को लेकर विशेष बचाव हिदायतें जारी की थी। जिला नागरिक अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गाें को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत है। डॉ. मित्तल के अनुसार सांस के मरीज स्मॉग के दौरान घर से बाहर निकलने से परहेज करें, यदि वे बाहर जाएं तो मास्क लगाकर जाएं। साथ ही आंखों में समय-समय पर पानी के छींटे मारकर अपना बचाव करें।
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