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Kaithal News: कैथल को मिलेंगी 10 नई बीएस-6 बसें
Fri, 11 Jul 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 11 Jul 2025 12:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल डिपो में परिवहन सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डिपो द्वारा भेजी गई 30 नई बसों की मांग में से मुख्यालय ने 10 बीएस-6 तकनीक की बसें उपलब्ध कराने की मंजूरी दे दी है। ये बसें आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर डिपो के बेड़े में शामिल हो जाएंगी।
वर्तमान में कैथल डिपो के पास कुल 202 बसें हैं, जिनमें हाल ही में 22 बीएस-4 तकनीक की बसें जोड़ी गई थीं। 10 नई बसों के आने से यह संख्या बढ़कर 212 हो जाएगी। इससे विशेषकर ग्रामीण और लंबी दूरी के रूटों पर यात्रियों को राहत मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार, इन बीएस-6 बसों का चेसिस नंबर पहले ही जारी किया जा चुका है और डिपो द्वारा इनकी कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। बसों के आने के साथ ही उन रूटों पर भी संचालन शुरू किया जाएगा जहां अब तक बसों की कमी के कारण सेवा बाधित थी।
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पुरानी बसों की जगह नई तकनीक ः विभाग के अनुसार वर्ष 2018 तक रोडवेज की बसों को आठ वर्ष पूरे होने पर जर्जर घोषित कर रूटों से हटा दिया जाता था।
दिसंबर 2024 तक लगभग 40 बसें इस श्रेणी में आ चुकी थीं, जिससे लोकल रूटों पर सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। अब नई बसों के आगमन से यह कमी काफी हद तक दूर होगी।
जल्द ही कैथल डिपो में नए साल में बीएस छह तकनीक की 10 नई बसें आएंगी। इसके बाद बसों की कमी दूरी होगी और यात्रियों को राहत मिलेगी। इन बसों के आने के बाद लंबी दूरी के रूटों पर और अधिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। -अनिल चोपड़ा, प्रबंधक, कार्यशाला, कैथल डिपो।
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कैथल। कैथल डिपो में परिवहन सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। डिपो द्वारा भेजी गई 30 नई बसों की मांग में से मुख्यालय ने 10 बीएस-6 तकनीक की बसें उपलब्ध कराने की मंजूरी दे दी है। ये बसें आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर डिपो के बेड़े में शामिल हो जाएंगी।
वर्तमान में कैथल डिपो के पास कुल 202 बसें हैं, जिनमें हाल ही में 22 बीएस-4 तकनीक की बसें जोड़ी गई थीं। 10 नई बसों के आने से यह संख्या बढ़कर 212 हो जाएगी। इससे विशेषकर ग्रामीण और लंबी दूरी के रूटों पर यात्रियों को राहत मिलेगी।
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सूत्रों के अनुसार, इन बीएस-6 बसों का चेसिस नंबर पहले ही जारी किया जा चुका है और डिपो द्वारा इनकी कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। बसों के आने के साथ ही उन रूटों पर भी संचालन शुरू किया जाएगा जहां अब तक बसों की कमी के कारण सेवा बाधित थी।
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पुरानी बसों की जगह नई तकनीक ः विभाग के अनुसार वर्ष 2018 तक रोडवेज की बसों को आठ वर्ष पूरे होने पर जर्जर घोषित कर रूटों से हटा दिया जाता था।
दिसंबर 2024 तक लगभग 40 बसें इस श्रेणी में आ चुकी थीं, जिससे लोकल रूटों पर सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। अब नई बसों के आगमन से यह कमी काफी हद तक दूर होगी।
जल्द ही कैथल डिपो में नए साल में बीएस छह तकनीक की 10 नई बसें आएंगी। इसके बाद बसों की कमी दूरी होगी और यात्रियों को राहत मिलेगी। इन बसों के आने के बाद लंबी दूरी के रूटों पर और अधिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। -अनिल चोपड़ा, प्रबंधक, कार्यशाला, कैथल डिपो।