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Kaithal: कमालपुर-किठाना गांव के बीच पुल निर्माण की तैयारी, लगाए सफेद निशान
Fri, 05 Jan 2024 11:20 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कलायत, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कलायत, कैथल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 05 Jan 2024 11:20 PM IST
सार
कमालपुर-किठाना गांव के बीच पुल निर्माण की तैयारी चल रही है। आंदोलनरत किसानों का मुद्दा अब सुलझने की उम्मीद है। किसान बोले कि काम शुरू होने के बाद ही आंदोलन खत्म होगा।
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गांव कमालपुर-किठाना के बीच पुल निर्माण के लिए लगाए गए सफेद रंग के निशान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के कैथल के कलायत क्षेत्र में कमालपुर गांव के पास एक्सप्रेस हाईवे के तहत पुल निर्माण की मांग को लेकर 34 दिन से आंदोलनरत किसानों का मुद्दा अब सुलझता नजर आ रहा है। आंदोलनकारियों की मांग पर एनएचएआई ने पुल निर्माण के लिए मिट्टी पर निशान लगा दिए हैं। माना जा रहा है कि किसान पुल निर्माण की राह खुलने के बाद आंदोलन वापस लेने का निर्णय लेंगे। हालांकि उधर, किसान धरना स्थल पर ज्यों की त्यों डेरा जमाए हैं। उनका कहना है कि काम शुरू होेने के बाद ही आंदोलन खत्म करेंगे।
गौरतलब है कि पुल निर्माण के लिए जेसीबी के जरिये निर्धारित स्थान से मिट्टी उठान के संबंध में स्थिति की जानकारी लेने के लिए शुक्रवार दोपहर दो बजकर 43 मिनट पर डीसी कार्यालय से किसानों के पास फोन आया। इसके जरिये किसानों ने मौके पर जेसीबी न पहुंचने की जानकारी दी। इस पर उन्हें शनिवार को यह कार्य शुरू होने का आश्वासन दिया गया।
धरना स्थल पर आंदोलनकारी किसान बसाऊ राम ने बताया कि सात गांवों द्वारा पुल निर्माण की मांग को लेकर विभिन्न किसान व अन्य संगठनों के सहयोग से प्रदर्शन जारी है। इस मुद्दे को लेकर कई दौरे की वार्ता प्रशासन व एजेंसी से हो चुकी है। अब मांग के अनुरूप पुल निर्माण का भरोसा दिलाया है।
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बसाऊ राम, प्रदीप कमालपुर, रमेश कुमार, ईश्वर सिंह किताब सिंह बढ़सीकरी, दयानंद सौंगरी-गुलियाना व अन्य किसानों का कहना है कि वे आश्वासन की बजाय धरातल पर काम होने में विश्वास रखते हैं। इसलिए जब तक सडक़ के बीचों-बीच डाली गई मिट्टी को जेसीबी से हटाते हुए पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं होता आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
किसानों ने साफ तौर से यह ऐलान किया है कि सात जनवरी तक यदि मसले का हल नहीं हुआ तो किसान यूनियन खुद मिट्टी हटाकर पुल निर्माण की राह बनाएंगे। कलायत के एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने कहा कि डीसी ने किसानों की पुल निर्माण मांग के संबंध में एनएचएआई से चर्चा की है। किसानों का भी एनएचएआई से संवाद करवाया है। प्रशासन हर स्तर पर प्रक्रिया अनुसार समस्या का हल करने के प्रयास में है।
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गौरतलब है कि पुल निर्माण के लिए जेसीबी के जरिये निर्धारित स्थान से मिट्टी उठान के संबंध में स्थिति की जानकारी लेने के लिए शुक्रवार दोपहर दो बजकर 43 मिनट पर डीसी कार्यालय से किसानों के पास फोन आया। इसके जरिये किसानों ने मौके पर जेसीबी न पहुंचने की जानकारी दी। इस पर उन्हें शनिवार को यह कार्य शुरू होने का आश्वासन दिया गया।
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धरना स्थल पर आंदोलनकारी किसान बसाऊ राम ने बताया कि सात गांवों द्वारा पुल निर्माण की मांग को लेकर विभिन्न किसान व अन्य संगठनों के सहयोग से प्रदर्शन जारी है। इस मुद्दे को लेकर कई दौरे की वार्ता प्रशासन व एजेंसी से हो चुकी है। अब मांग के अनुरूप पुल निर्माण का भरोसा दिलाया है।
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बसाऊ राम, प्रदीप कमालपुर, रमेश कुमार, ईश्वर सिंह किताब सिंह बढ़सीकरी, दयानंद सौंगरी-गुलियाना व अन्य किसानों का कहना है कि वे आश्वासन की बजाय धरातल पर काम होने में विश्वास रखते हैं। इसलिए जब तक सडक़ के बीचों-बीच डाली गई मिट्टी को जेसीबी से हटाते हुए पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं होता आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
किसानों ने साफ तौर से यह ऐलान किया है कि सात जनवरी तक यदि मसले का हल नहीं हुआ तो किसान यूनियन खुद मिट्टी हटाकर पुल निर्माण की राह बनाएंगे। कलायत के एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने कहा कि डीसी ने किसानों की पुल निर्माण मांग के संबंध में एनएचएआई से चर्चा की है। किसानों का भी एनएचएआई से संवाद करवाया है। प्रशासन हर स्तर पर प्रक्रिया अनुसार समस्या का हल करने के प्रयास में है।