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Kaithal: सुबह के समय छा रहा है घना स्मॉग, आखों में जलन, सांस के मरीजों को परेशानी
Tue, 22 Oct 2024 05:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 22 Oct 2024 05:55 PM IST
सार
सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने कहा कि वे आमजन से भी अपील करतीं हैं कि इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें।
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कैथल में एक खेत में जलाई गई पराली।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हरियाणा के कैथल जिले में पिछले कुछ दिन से बढ़े हुए वायु प्रदूषण के स्तर के कारण सुबह और शाम के समय घना स्मॉग छा रहा है। इससे आंखों में जलन और सांस के मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है। मंगलवार को वायु प्रदूषण का स्तर 300 से कम रहा, लेकिन यह पिछले दो दिन की अपेक्षा अधिक रहा।
सुबह के समय तो वायु प्रदूषण का स्तर 266 और शाम के समय 277 पर आंका गया। बता दें कि रविवार और सोमवार को लगातार दो दिन तक वायु प्रदूषण का स्तर घटने के बाद लोगों को कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन फिर से 300 के करीब वायु प्रदूषण का स्तर होने से बीमारियों के बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
सिविल सर्जन ने देखरेख के दिए आदेश
बता दें कि जिला नागरिक अस्पताल में पिछले कई दिन से आंखों और सांस के मरीजों की ओपीडी लगातार बढ़ रही है। इस स्थिति में स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया है। ऐसे में अब जिला सिविल सर्जन ने सरकारी अस्पताल में आने वाले आंखों और सांस के मरीजों की बेहतर ढंग से देखभाल करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने कहा कि इस समय वायु का प्रदूषण स्तर बढ़ने से आंखों में जलन की समस्या और सांस के बीमारियों के बढ़ने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए संबंधित चिकित्सकों को आदेश जारी किए हैं, वे अस्पताल में आने वाले मरीजों की गहनता से जांच करें और उन्हें बेहतर उपचार दें।
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सुबह के समय तो वायु प्रदूषण का स्तर 266 और शाम के समय 277 पर आंका गया। बता दें कि रविवार और सोमवार को लगातार दो दिन तक वायु प्रदूषण का स्तर घटने के बाद लोगों को कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन फिर से 300 के करीब वायु प्रदूषण का स्तर होने से बीमारियों के बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
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सिविल सर्जन ने देखरेख के दिए आदेश
बता दें कि जिला नागरिक अस्पताल में पिछले कई दिन से आंखों और सांस के मरीजों की ओपीडी लगातार बढ़ रही है। इस स्थिति में स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया है। ऐसे में अब जिला सिविल सर्जन ने सरकारी अस्पताल में आने वाले आंखों और सांस के मरीजों की बेहतर ढंग से देखभाल करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने कहा कि इस समय वायु का प्रदूषण स्तर बढ़ने से आंखों में जलन की समस्या और सांस के बीमारियों के बढ़ने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए संबंधित चिकित्सकों को आदेश जारी किए हैं, वे अस्पताल में आने वाले मरीजों की गहनता से जांच करें और उन्हें बेहतर उपचार दें।
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