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अब एलईडी लाइटों की दुधिया रोशनी में नहाएगा शहर
kaithal beauro
Updated Wed, 24 May 2017 12:07 AM IST
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led bulb
- फोटो : demo
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शहर में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों सहित तमाम लाइटों को अब एलईडी में तब्दील किया जाएगा। जिससे रात को पूरा शहर दुधिया रोशनी में नहाएगा। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय द्वारा इस संबंध में फैसला लिया गया है। जिसके तहत स्थानीय स्तर पर लाइटों को लेकर नए काम करने पर रोक लगा दी गई है। ताकि शीघ्र ही विभाग पूरे प्रदेश स्तर पर इस आदेश के तहत स्ट्रीट लाइटों को एलईडी लाइटों में बदल सके। इस फैसले से परिषद को स्ट्रीट लाइटों के लिए होने वाले बिजली खर्च में करीब 1 करोड़ रुपये की बचत होगी।
बिजली की होगी बचत
शहर में एलईटी लाइटों के लगने से आधी बिजली की बचत होगी। जिससे नगर परिषद पर लगने वाले बिजली बिल का भी बोझ कम हो जाएगा। विभाग के अनुसार एलईडी लाइट 45 से 55 प्रतिशत तक बिजली की बचत करती है। परिषद से मिली जानकारी के अनुसार सालाना लगभग 2 करोड़ रुपये बिजली बिल स्ट्रीट लाइटों पर खर्च होता है। 50 प्रतिशत तक भी बचत हुई तो परिषद को 1 करोड़ रुपये की भारी बचत होगी। शहर में करीब 10 हजार 500 लाइटें हैं। जिससे नगर परिषद पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इस बोझ को कम करने के लिए ही सरकार ने यह फैसला लिया है।
नगर परिषद के एमई राजकुमार शर्मा ने बताया कि शहर में स्ट्रीट लाइट और सरकारी विभाग का कोई भी कार्यालय, सड़क की स्ट्रीट लाइटों सहित अन्य चौक चौराहों पर लगाई गई लाइटों को एलईडी बल्ब में बदला जाएगा। उन्होंने बताया कि एलईडी लाइटों को बदलने के लिए विभाग द्वारा एलईडी बल्ब की कपंनी ईएसएसएल से वार्ता चल रही है। जिसके बाद कुछ ही महीनों पर इस पर कार्य शुरू होने की उम्म्ीद है।
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एमई राजकुमार ने बताया कि विभाग के अनुसार सीएफएल 70 वॉट, टिवनलाइट 40 वॉट, सीएफएल 18 वॉट, सोडियम 250 व 450 वॉट की लाइटें इस प्रोजेक्ट में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद नगर परिषद को करोड़ों रुपये के बिजली बिल में बचत भी होगी।
पूरे प्रदेश के जिलों में इसी प्रोजेक्ट पर होगा कार्य
अधिकारियों के अनुसार विभाग ने पत्र जारी करके बताया है कि पूरे प्रदेश में शीघ्र ही इस योजना के पत्र के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में इस प्रोजेक्ट के तहत एलइडी लाइटों को लगवाने का कार्य करवाया जाएगा। लेकिन अभी इस प्रोजेक्ट के तहत कार्य प्रगति पर है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद सभी जिलों में एलईडी लाइटों को लगाने का कार्य भी शुरू हो जाएगा।
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बिजली की होगी बचत
शहर में एलईटी लाइटों के लगने से आधी बिजली की बचत होगी। जिससे नगर परिषद पर लगने वाले बिजली बिल का भी बोझ कम हो जाएगा। विभाग के अनुसार एलईडी लाइट 45 से 55 प्रतिशत तक बिजली की बचत करती है। परिषद से मिली जानकारी के अनुसार सालाना लगभग 2 करोड़ रुपये बिजली बिल स्ट्रीट लाइटों पर खर्च होता है। 50 प्रतिशत तक भी बचत हुई तो परिषद को 1 करोड़ रुपये की भारी बचत होगी। शहर में करीब 10 हजार 500 लाइटें हैं। जिससे नगर परिषद पर आर्थिक बोझ पड़ता है। इस बोझ को कम करने के लिए ही सरकार ने यह फैसला लिया है।
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नगर परिषद के एमई राजकुमार शर्मा ने बताया कि शहर में स्ट्रीट लाइट और सरकारी विभाग का कोई भी कार्यालय, सड़क की स्ट्रीट लाइटों सहित अन्य चौक चौराहों पर लगाई गई लाइटों को एलईडी बल्ब में बदला जाएगा। उन्होंने बताया कि एलईडी लाइटों को बदलने के लिए विभाग द्वारा एलईडी बल्ब की कपंनी ईएसएसएल से वार्ता चल रही है। जिसके बाद कुछ ही महीनों पर इस पर कार्य शुरू होने की उम्म्ीद है।
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एमई राजकुमार ने बताया कि विभाग के अनुसार सीएफएल 70 वॉट, टिवनलाइट 40 वॉट, सीएफएल 18 वॉट, सोडियम 250 व 450 वॉट की लाइटें इस प्रोजेक्ट में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद नगर परिषद को करोड़ों रुपये के बिजली बिल में बचत भी होगी।
पूरे प्रदेश के जिलों में इसी प्रोजेक्ट पर होगा कार्य
अधिकारियों के अनुसार विभाग ने पत्र जारी करके बताया है कि पूरे प्रदेश में शीघ्र ही इस योजना के पत्र के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में इस प्रोजेक्ट के तहत एलइडी लाइटों को लगवाने का कार्य करवाया जाएगा। लेकिन अभी इस प्रोजेक्ट के तहत कार्य प्रगति पर है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद सभी जिलों में एलईडी लाइटों को लगाने का कार्य भी शुरू हो जाएगा।