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इस्तीफा देकर धरनों पर आएं बीरेंद्र, कैप्टन, बराला और धनखड़ : चौटाला

Wed, 08 Feb 2017 12:39 AM IST
ब्यूरो कैथल
ब्यूरो कैथल Updated Wed, 08 Feb 2017 12:39 AM IST
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jaat aandolan, abhay chowtala, people protest, kaithal
भाजपा नेताओं पर बरसे विपक्ष के नेता - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने कहा कि भाजपा के मंत्री बीरेंद्र सिंह, कैप्टन, धनखड़ व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला अपने पद से इस्तीफा देकर धरनों पर बैठें। तभी समाज हितैषी कहलाएंगे। लेकिन ये ऐसा नहीं करेंगे। कुर्सी से चिपके रहने वाले हैं। जाट आरक्षण का इनेलो ने आज नहीं बल्कि शुरू से ही समर्थन किया है। जब तक सरकार मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक विधानसभा में काम नहीं होने दिया जाएगा। चौटाला मंगलवार को कैथल में गांव देवबन कैंची चौक पर दिए जा रहे धरने के दसवें दिन समर्थन करने पहुंचे थे।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछले साल आरक्षण को लेकर मांगें पूरी करने का वादा किया था। जिसमें शहीदों के परिजनों को नौकरी देने, जेलों में बंद युवाओं को रिहा करने सहित तमाम मांगें मानीं थीं। साथ ही सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही उन्होंने विधानसभा में सीएम से इस बारे में आग्रह किया था कि पांचों जातियों को आरक्षण का लाभ दिया जाए। लेकिन हर बार सीएम ने वादा करके इसे पूरा नहीं किया। पिछले साल भी 19 फरवरी तक पूरे प्रदेश में शांतिपूर्वक धरने दिए जा रहे थे। सरकार द्वारा शोषणकारी नीति, भाजपा के मनीष ग्रोवर जैसे नेताओं के षड्यंत्र व पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के षड्यंत्र से समाज को बदनाम करने का काम किया गया। भाजपा ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू होने के डर से राजनाथ के घर पर बैठक कर वादे किए। लेकिन आज तक उन्हें पूरा नहीं किया गया। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों का आह्वान किया कि वे आंदोलन को बढ़ाएं।
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ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे। 5 करोड़ चंदा एकत्रित करने पर हिसाब मांगने वाले कैप्टन अभिमन्यू को पहले तीन बार सरकार से लिए गए अपनी कोठी जलने के 8 करोड़ का हिसाब देना होगा। बीरेंद्र सिंह कहते हैं कि एकजुट होकर आंदोलन करें। एकजुटता तो इसमें है कि अपने पद से इस्तीफा देकर धरने पर आएं। उन्होंने कहा कि वे अपने वेतन से 1 लाख रुपये धरने पर देकर जा रहे हैं। और जरूरत पड़ी तो आवाज लगा दें। वे यहां हाजिर मिलेंगे। यह इनेलो ही थी, जिसने प्रदेश में सदभावना सम्मेलन कर भाईचारा बनाने का काम किया। आज भी धरने पर कैथल से विभिन्न जातियों व समाज के लोग आए हैं।
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वहीं पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा ने कहा कि समाज किसी का हक नहीं चाहता। जिसे आरक्षण मिला हुआ है। उसे मिलता रहे। मंगलवार को धरने की अध्यक्षता जाट आरक्षण संघर्ष समिति के ढुलीचंद रोड ने की। संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संयोजक बलवान कोटड़ा ने अभय चौटाला का स्वागत किया। साथ ही कहा कि विपक्ष के नेता ने पहले भी सबसे पहले आकर समर्थन दिया था। इस बार भी उन्होंने समाज का हौसला बढ़ाया है। जिला प्रधान प्रवीन किच्छाना, संजय जागलान ने भी धरने को संबोधित किया। इस अवसर पर भरत सिंह बैनीवाल, अजमेर हरसौला, जोगी राम मलिक, रतन सिह, मियां सिह, रामस्वरुप, राजा कसान, शीश राम, दलिया, रामकरण, सतबीर, सोनू बांगड़, राजा कसान, सतबीर किच्छाना, गुरुदेव बालू, मियां सिह, बल्लू गुलियाणा, कुलदीप गढ़ी, जोगिद्र कसान, रामकिशन ढांडा, जवाहरमल, हरिलाल, सुभाष मटौर, अजय बनवाला, बिल्लू चंदाना, प्रेम मलिक, महेंद्र मलिक, रामकुमार सहित अन्य जाट नेता मौजूद रहे।

भंडारे में खाया खाना
अभय चौटाला ने धरने में भाग लेने वाले लोगों के लिए चल रही रसोई में जाकर लोगों के साथ बैठकर खाना खाया और इस काम को धरने के लिए महत्वपूर्ण भी बताया।
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