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Kaithal News: किसान आंदोलन से लोहे के कारोबार को लग रही चपत
Sat, 17 Feb 2024 04:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 17 Feb 2024 04:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पंजाब बॉर्डर बंद होने से लोहे का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। निर्माण सामग्री में प्रयोग होने वाला सरिया, गेट आदि निर्माण में प्रयोग होने वाला लोहा अब जिले में नहीं आ रहा है।
गौरतलब है कि पूरे जिले में लोहे के करीब 150 व्यापारी हैं। इन व्यापारियों की ओर से दिल्ली व पंजाब से लोहे का माल मंगवाया जाता है। व्यापारियों के अनुसार इस समय दिल्ली से लोहे का माल आ रहा है, लेकिन पंजाब से लोहा आना बंद हो चुका है। गौरतलब है कि कैथल में फतेहगढ़ साहिब के गोबिंदगढ़ से भारी मात्रा में लोहा है। यह लोहा पटियाला के रास्ते से चीका से कैथल पहुंचता है, लेकिन इस समय किसानों के प्रदर्शन के चलते बंद किए गए पंजाब बॉर्डर के कारण लोहे का व्यापार भी काफी प्रभावित हुआ है। इस कारण चार दिन में करीब 50 लाख रुपये नुकसान इन व्यापारियों को हुआ है।
रास्ते बंद होने से नहीं
आ रहा माल
शहर के कबूतर चौक स्थित लोहे के व्यापारी सोम प्रकाश गोयल ने बताया कि पंजाब से प्रतिदिन एक से दो ट्रकों में माल उसकी दुकान पर सामान्य दिनों में आता था, लेकिन जब से पंजाब बॉर्डर पर रास्ते बंद हुए हैं। तभी से उसका व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। सरकार को किसानों से बातचीत कर इसका जल्द ही समाधान निकाला जाना चाहिए। इससे व्यापारी को लाभ मिल सके।
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पंजाब से लोहे का माल आना बंद हुआ-
कबूतर चौक स्थित लोहे के व्यापारी मनमोहन ने बताया कि इस समय जहां पंजाब से लोहे का माल आना बंद हुआ है। वहीं, दिल्ली से तो माल आ रहा है, लेकिन इस माल के उसके गंतव्य तक पहुंचने में तीन से चार घंटे तक की देरी हो रही है। इस कारण व्यापारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किसानों के आंदोलन के कारण अब हर क्षेत्र में व्यापार प्रभावित हो रहा है।
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कैथल। पंजाब बॉर्डर बंद होने से लोहे का व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। निर्माण सामग्री में प्रयोग होने वाला सरिया, गेट आदि निर्माण में प्रयोग होने वाला लोहा अब जिले में नहीं आ रहा है।
गौरतलब है कि पूरे जिले में लोहे के करीब 150 व्यापारी हैं। इन व्यापारियों की ओर से दिल्ली व पंजाब से लोहे का माल मंगवाया जाता है। व्यापारियों के अनुसार इस समय दिल्ली से लोहे का माल आ रहा है, लेकिन पंजाब से लोहा आना बंद हो चुका है। गौरतलब है कि कैथल में फतेहगढ़ साहिब के गोबिंदगढ़ से भारी मात्रा में लोहा है। यह लोहा पटियाला के रास्ते से चीका से कैथल पहुंचता है, लेकिन इस समय किसानों के प्रदर्शन के चलते बंद किए गए पंजाब बॉर्डर के कारण लोहे का व्यापार भी काफी प्रभावित हुआ है। इस कारण चार दिन में करीब 50 लाख रुपये नुकसान इन व्यापारियों को हुआ है।
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रास्ते बंद होने से नहीं
आ रहा माल
शहर के कबूतर चौक स्थित लोहे के व्यापारी सोम प्रकाश गोयल ने बताया कि पंजाब से प्रतिदिन एक से दो ट्रकों में माल उसकी दुकान पर सामान्य दिनों में आता था, लेकिन जब से पंजाब बॉर्डर पर रास्ते बंद हुए हैं। तभी से उसका व्यापार काफी प्रभावित हुआ है। सरकार को किसानों से बातचीत कर इसका जल्द ही समाधान निकाला जाना चाहिए। इससे व्यापारी को लाभ मिल सके।
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पंजाब से लोहे का माल आना बंद हुआ-
कबूतर चौक स्थित लोहे के व्यापारी मनमोहन ने बताया कि इस समय जहां पंजाब से लोहे का माल आना बंद हुआ है। वहीं, दिल्ली से तो माल आ रहा है, लेकिन इस माल के उसके गंतव्य तक पहुंचने में तीन से चार घंटे तक की देरी हो रही है। इस कारण व्यापारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किसानों के आंदोलन के कारण अब हर क्षेत्र में व्यापार प्रभावित हो रहा है।