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अवशेष जलाने के बजाय बनाएं आमदनी का साधन : एसडीएम
Wed, 16 Oct 2024 03:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 16 Oct 2024 03:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/ राजौंद। एसडीएम गुहला कृष्ण कुमार ने किसानों से आह्वान किया कि फसल अवशेष जलाने की बजाय इसे आमदनी का साधन बनाएं उधर, राजौंद में पराली न जलाने के लिए पुलिस ने किसानों को जागरूक किया।
गुहला चीका में कृषि विभाग की एसडीओ डॉ. कंचन कुमारी व अन्य अधिकारियों के साथ एसडीएम हलके के गांव रताखेड़ा लुकमान, दाबा, चाबा, मलिकपुर, महमूदपुर, अजीमगढ़, खंबेहड़ा, सरोला, खुशहाल माजरा, नदगढ़ व सलेमपुर में मार्च निकाला। इस दौरान किसानों को फसल अवशेषों में आग ना लगाने के लिए जागरूक किया।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अवशेषों में आग ना लगाकर पर्यावरण प्रेमी होने का सबूत दें। कृषि विभाग की एसडीओ डॉ. कंचन कुमारी ने बताया कि गुहला उपमंडल में धान अवशेष में आग लगाने के 41 मामले सामने आ चुके हैं। अवशेषों में आग लगाने वाले लोगों से विभाग ने 60 हजार रुपये बतौर जुर्माना
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वसूला है। डॉ. कंचन कुमारी ने किसानों से आह्वान किया कि वे फसल अवशेषों में आग लगाकर पर्यावरण को प्रदूषित करने की बजाए इन्हें आमदनी का साधन बनाएं।
उधर, राजौंद में थाना प्रबंधक इंद्र सिंह ने थाना क्षेत्र के तहत आने वाले गांव कोटड़ा, नंदकरण माजरा, नीम वाला नरवल, बीर बांगड़ा, बिरथे बाहरी गांव व खेतों में जाकर पराली न जलाने को लेकर किसानों को जागरूक किया।
राजौंद थाना प्रभारी इंद्र सिंह ने कहा कि किसान धान की फसल के अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि कस्टम हायरिंग सेंटरों व फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों की मदद से इन्हें मिट्टी में मिलाएं तथा इन फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन करें, ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके और भूमि की उपजाऊ शक्ति भी बनी रहे।
इस दौरान उनके साथ राजौंद कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी पराली के अवशेष न जलांए। फसल के अवशेष ना जलाकर पर्यावरण को साफ-स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।
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गुहला-चीका/ राजौंद। एसडीएम गुहला कृष्ण कुमार ने किसानों से आह्वान किया कि फसल अवशेष जलाने की बजाय इसे आमदनी का साधन बनाएं उधर, राजौंद में पराली न जलाने के लिए पुलिस ने किसानों को जागरूक किया।
गुहला चीका में कृषि विभाग की एसडीओ डॉ. कंचन कुमारी व अन्य अधिकारियों के साथ एसडीएम हलके के गांव रताखेड़ा लुकमान, दाबा, चाबा, मलिकपुर, महमूदपुर, अजीमगढ़, खंबेहड़ा, सरोला, खुशहाल माजरा, नदगढ़ व सलेमपुर में मार्च निकाला। इस दौरान किसानों को फसल अवशेषों में आग ना लगाने के लिए जागरूक किया।
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उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अवशेषों में आग ना लगाकर पर्यावरण प्रेमी होने का सबूत दें। कृषि विभाग की एसडीओ डॉ. कंचन कुमारी ने बताया कि गुहला उपमंडल में धान अवशेष में आग लगाने के 41 मामले सामने आ चुके हैं। अवशेषों में आग लगाने वाले लोगों से विभाग ने 60 हजार रुपये बतौर जुर्माना
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वसूला है। डॉ. कंचन कुमारी ने किसानों से आह्वान किया कि वे फसल अवशेषों में आग लगाकर पर्यावरण को प्रदूषित करने की बजाए इन्हें आमदनी का साधन बनाएं।
उधर, राजौंद में थाना प्रबंधक इंद्र सिंह ने थाना क्षेत्र के तहत आने वाले गांव कोटड़ा, नंदकरण माजरा, नीम वाला नरवल, बीर बांगड़ा, बिरथे बाहरी गांव व खेतों में जाकर पराली न जलाने को लेकर किसानों को जागरूक किया।
राजौंद थाना प्रभारी इंद्र सिंह ने कहा कि किसान धान की फसल के अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि कस्टम हायरिंग सेंटरों व फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों की मदद से इन्हें मिट्टी में मिलाएं तथा इन फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन करें, ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके और भूमि की उपजाऊ शक्ति भी बनी रहे।
इस दौरान उनके साथ राजौंद कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी पराली के अवशेष न जलांए। फसल के अवशेष ना जलाकर पर्यावरण को साफ-स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।