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Kaithal News: बढ़ रहा कोरोना, कर्मियों में कटौती
Thu, 06 Apr 2023 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 06 Apr 2023 01:00 AM IST
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कैथल। राज्य में कोरोना फिर बढ़ने लगा है। यमुनानगर में एक की मौत की खबर के बीच जिले में संसाधनों की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं कोरोना काल में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त किए 29 स्वास्थ्य कर्मचारी हटा दिए हैं। पहले तो इन कर्मचारियों का 31 मार्च तक अनुबंध बढ़ा दिया था। अब अवधि पूरी होने पर इन्हें एक अप्रैल से हटा दिया है।
इसमें से 13 कर्मचारी प्रयोगशाला तकनीशियन के रूप में कार्यरत थे। इसमें पांच कलायत स्थित लैब और अन्य लैब तकनीशियन विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात थे। बचे कर्मचारी अन्य कार्यों में लगाए गए थे। कर्मचारियों की कमी के बीच जिले में कोरोना महामारी बढ़ी तो इस महामारी से बचने के पूरे प्रबंध नहीं हो पाएंगे। उधर, कोरोना से बचाव के नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा। कहा जा रहा है कि ऐसे में यदि कोरोना बढ़ा तो दिक्कतें होना तय हैं।
यहां तक की जिला नागरिक अस्पताल में नियमों की अवहेलना की जा रही है। यहां पर न दो गज की दूरी का ख्याल रखा जा रहा है और न ही मास्क पहना जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों को हटाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए अनुमति मांगी गई है। जैसे ही कोई अनुमति मिलेगी तो इन्हें नौकरी पर रख लिया जाएगा।
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स्पष्ट है कि कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद सीएचसी स्तर पर कोरोना की सैंपलिंग का कार्य काफी प्रभवित होगा। इन कर्मियों कों हटाने के बाद कलायत की कोरोना सैंपल की रिपोर्ट भी आना प्रभावित होगी क्योंकि यहां पर अब केवल दो ही कर्मचारी रह गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने तीन कर्मचारियों को जिला नागरिक अस्पताल से कलायत में भेजा है। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि हटाए गए 29 कर्मचारियों को दोबारा रखने के लिए मुख्यालय में प्रस्ताव भेजा गया है। यदि अनुमति मिलती है तो इन कर्मचारियों को दोबारा से ड्यूटी पर रख लिया जाएगा। कोरोना से बचाव को लेकर भी पूरे प्रबंध किए गए हैं। कोरोना से बचाव की हिदायतों का पालन करने के लिए सख्त निर्देश सभी स्टाफ सदस्यों को दिए गए हैं। वहीं, लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
जान हथेली पर रखकर किया था काम, अब घर भेजा
कोरोना कर्मचारी एसोसिएशन के राज्य प्रधान डॉ. संदीप संधू ने बताया कि कोरोना काल में पहले तीन महीने के लिए लगाए थे। यदि तीन महीने के लिए लगाए थे तो उसी समय हटा देना चाहिए था। पहले कार्यकाल बढ़ाया गया तो अब क्यों हटाया जा रहा है। एक साल के लिए कार्यकाल बढ़ाया जाए। इसके बाद नियमित किया जाए और बजट के प्रावधान भी अलग से किया जाए। उन्होंने उस समय काम किया, जब कोई व्यक्ति घर से बाहर निकलने का नाम नहीं लेता था। उन्होंने जान हथेली पर रखकर काम किया।
कोरोना की स्थिति
जिले में इस समय कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं है। वहीं, 343 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है। कोरोना महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक जिले में कुल 377 लोग इस महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं।
दोनों वैक्सीन खत्म
कोरोना के बढ़ रहे प्रकोप के बीच जिले में कोरोना की दोनों वैक्सीन भी खत्म हो चुकी है। इसमें पिछले चार महीने से कोविशील्ड व एक सप्ताह से कोवैक्सीन खत्म है। कोविशील्ड की वैक्सीन पीछे से ही नहीं आ रही है। को-वैक्सीन के जल्द ही पहुंचने के कयास लगाएं जा रहे हैं।
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इसमें से 13 कर्मचारी प्रयोगशाला तकनीशियन के रूप में कार्यरत थे। इसमें पांच कलायत स्थित लैब और अन्य लैब तकनीशियन विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात थे। बचे कर्मचारी अन्य कार्यों में लगाए गए थे। कर्मचारियों की कमी के बीच जिले में कोरोना महामारी बढ़ी तो इस महामारी से बचने के पूरे प्रबंध नहीं हो पाएंगे। उधर, कोरोना से बचाव के नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा। कहा जा रहा है कि ऐसे में यदि कोरोना बढ़ा तो दिक्कतें होना तय हैं।
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यहां तक की जिला नागरिक अस्पताल में नियमों की अवहेलना की जा रही है। यहां पर न दो गज की दूरी का ख्याल रखा जा रहा है और न ही मास्क पहना जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों को हटाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए अनुमति मांगी गई है। जैसे ही कोई अनुमति मिलेगी तो इन्हें नौकरी पर रख लिया जाएगा।
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स्पष्ट है कि कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद सीएचसी स्तर पर कोरोना की सैंपलिंग का कार्य काफी प्रभवित होगा। इन कर्मियों कों हटाने के बाद कलायत की कोरोना सैंपल की रिपोर्ट भी आना प्रभावित होगी क्योंकि यहां पर अब केवल दो ही कर्मचारी रह गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने तीन कर्मचारियों को जिला नागरिक अस्पताल से कलायत में भेजा है। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि हटाए गए 29 कर्मचारियों को दोबारा रखने के लिए मुख्यालय में प्रस्ताव भेजा गया है। यदि अनुमति मिलती है तो इन कर्मचारियों को दोबारा से ड्यूटी पर रख लिया जाएगा। कोरोना से बचाव को लेकर भी पूरे प्रबंध किए गए हैं। कोरोना से बचाव की हिदायतों का पालन करने के लिए सख्त निर्देश सभी स्टाफ सदस्यों को दिए गए हैं। वहीं, लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
जान हथेली पर रखकर किया था काम, अब घर भेजा
कोरोना कर्मचारी एसोसिएशन के राज्य प्रधान डॉ. संदीप संधू ने बताया कि कोरोना काल में पहले तीन महीने के लिए लगाए थे। यदि तीन महीने के लिए लगाए थे तो उसी समय हटा देना चाहिए था। पहले कार्यकाल बढ़ाया गया तो अब क्यों हटाया जा रहा है। एक साल के लिए कार्यकाल बढ़ाया जाए। इसके बाद नियमित किया जाए और बजट के प्रावधान भी अलग से किया जाए। उन्होंने उस समय काम किया, जब कोई व्यक्ति घर से बाहर निकलने का नाम नहीं लेता था। उन्होंने जान हथेली पर रखकर काम किया।
कोरोना की स्थिति
जिले में इस समय कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं है। वहीं, 343 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है। कोरोना महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक जिले में कुल 377 लोग इस महामारी से अपनी जान गंवा चुके हैं।
दोनों वैक्सीन खत्म
कोरोना के बढ़ रहे प्रकोप के बीच जिले में कोरोना की दोनों वैक्सीन भी खत्म हो चुकी है। इसमें पिछले चार महीने से कोविशील्ड व एक सप्ताह से कोवैक्सीन खत्म है। कोविशील्ड की वैक्सीन पीछे से ही नहीं आ रही है। को-वैक्सीन के जल्द ही पहुंचने के कयास लगाएं जा रहे हैं।