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Kaithal News: मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ भद्दा मजाक ः सुरजेवाला
Sun, 14 Sep 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 14 Sep 2025 01:02 AM IST
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104 गुहला-चीका: सरोला साइफन पर किसानों से बात करते राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला। संवाद
- फोटो : सेमरपहा ग्राम पंचायत के कैथन का पुरवा गांव में बंद शवदाह स्थल।
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रदेश में आई बाढ़ के चलते हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक 47 लाख एकड़ फसल तबाह हो चुकी है और कुल 6150 गांव, 11 शहर और 72 कस्बे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इस बाढ़ में 42 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रदेश की नायब सरकार कहीं नजर नहीं आ रही।
सुरजेवाला शनिवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद अग्रवाल धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुहला-चीका के 50 गांवों में कम से कम 30 हजार एकड़ खड़ी फसलें बर्बाद हुई हैं, जबकि सरकार असल नुकसान के मुकाबले पांच गुणा कम का आंकड़ा पेश कर रही है।
सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में यह बाढ़ प्राकृतिक नहीं, बल्कि सरकार की सोची-समझी लापरवाही और कुप्रबंधन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि बरसात से पहले अधिकारियों की बैठक नहीं ली गई, कहीं तटबंध मजबूत नहीं किए गए, नदियों और नालों की सफाई नहीं हुई और बाढ़ प्रबंधन के लिए जारी किए गए धन का भ्रष्टाचार हुआ।
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सुरजेवाला ने चेतावनी दी कि अगर सरकार अगले 15 दिनों में खेतों से भरे पानी की निकासी नहीं कराती, तो किसान आधे से अधिक क्षेत्र में गेहूं की बुआई भी नहीं कर पाएंगे। सुरजेवाला ने अपनी मांगें स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार को फसल का कम से कम 70 हजार रुपये प्रति एकड़, प्रत्येक मृतक के परिवार को 40 लाख रुपये, एससीबीसी मजदूरों के घर के नुकसान पर 1 लाख रुपये, मवेशी के लिए 30 हजार रुपये, बाढ़ में मरे भैंस या गाय के लिए 1.5–2 लाख रुपये और मकान की मरम्मत के लिए कम से कम 25 लाख रुपये मुआवजा देना चाहिए।
इससे पहले, सुरजेवाला ने गुहला के बाढ़ग्रस्त गांव भागल, बोपुर, रत्ताखेड़ा कड़ाम, सिहाली, बुढऩपुर, मोहनपुर, मनझेड़ी, मैंगड़ा, सरोला, भंूसला, पपराला, पिसौल, कमहेड़ी व खराल आदि का दौरा किया और फसलें व प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।
अपने दौरे के दौरान सुरजेवाला ने किसानों से बातचीत कर उनका दर्द जाना। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस नेता नरेश ढांडे, एडवोकेट हाकम सीड़ा, मनदीप सिंह खंगूड़ा, टहल सिंह हरिगढ़, विक्रमजीत सिंह गुहला, नरेंद्र सीड़ा, बलवान बलबेहड़ा, एडवोकेट दलबीर नैन, बृजपाल राणा मौजूद रहे।
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गुहला-चीका। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रदेश में आई बाढ़ के चलते हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक 47 लाख एकड़ फसल तबाह हो चुकी है और कुल 6150 गांव, 11 शहर और 72 कस्बे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इस बाढ़ में 42 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रदेश की नायब सरकार कहीं नजर नहीं आ रही।
सुरजेवाला शनिवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद अग्रवाल धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुहला-चीका के 50 गांवों में कम से कम 30 हजार एकड़ खड़ी फसलें बर्बाद हुई हैं, जबकि सरकार असल नुकसान के मुकाबले पांच गुणा कम का आंकड़ा पेश कर रही है।
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सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश में यह बाढ़ प्राकृतिक नहीं, बल्कि सरकार की सोची-समझी लापरवाही और कुप्रबंधन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि बरसात से पहले अधिकारियों की बैठक नहीं ली गई, कहीं तटबंध मजबूत नहीं किए गए, नदियों और नालों की सफाई नहीं हुई और बाढ़ प्रबंधन के लिए जारी किए गए धन का भ्रष्टाचार हुआ।
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सुरजेवाला ने चेतावनी दी कि अगर सरकार अगले 15 दिनों में खेतों से भरे पानी की निकासी नहीं कराती, तो किसान आधे से अधिक क्षेत्र में गेहूं की बुआई भी नहीं कर पाएंगे। सुरजेवाला ने अपनी मांगें स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार को फसल का कम से कम 70 हजार रुपये प्रति एकड़, प्रत्येक मृतक के परिवार को 40 लाख रुपये, एससीबीसी मजदूरों के घर के नुकसान पर 1 लाख रुपये, मवेशी के लिए 30 हजार रुपये, बाढ़ में मरे भैंस या गाय के लिए 1.5–2 लाख रुपये और मकान की मरम्मत के लिए कम से कम 25 लाख रुपये मुआवजा देना चाहिए।
इससे पहले, सुरजेवाला ने गुहला के बाढ़ग्रस्त गांव भागल, बोपुर, रत्ताखेड़ा कड़ाम, सिहाली, बुढऩपुर, मोहनपुर, मनझेड़ी, मैंगड़ा, सरोला, भंूसला, पपराला, पिसौल, कमहेड़ी व खराल आदि का दौरा किया और फसलें व प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।
अपने दौरे के दौरान सुरजेवाला ने किसानों से बातचीत कर उनका दर्द जाना। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस नेता नरेश ढांडे, एडवोकेट हाकम सीड़ा, मनदीप सिंह खंगूड़ा, टहल सिंह हरिगढ़, विक्रमजीत सिंह गुहला, नरेंद्र सीड़ा, बलवान बलबेहड़ा, एडवोकेट दलबीर नैन, बृजपाल राणा मौजूद रहे।