{"_id":"eb40174e3e9bbe64dfd73fb2589a702a","slug":"ig-reaches-in-kalayat-over-diljeet-singh-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईजी जांच के लिए कलायत पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईजी जांच के लिए कलायत पहुंचे
कैथल
Updated Wed, 09 Apr 2014 12:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कलायत के आरटीआई कार्यकर्ता बलजीत सिंह नायक पर दर्ज छेड़छाड़ मामले के संबंध में जांच करने के लिए करनाल रेंज के आईजी बलबीर सिंह मंगलवार को यहां पहुंचे।
गौरतलब है कि बलजीत ने आरोपी लगाया था कि पुलिस और नेताओं की सांठगांठ पर उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया है। बलजीत ने इस संबंध में मानवाधिकार आयोग से भी की थी, इसी की जांच के लिए आईजी यहां पहुंचे है। आईजी ने दोनों पक्षों की बात सुनी तथा बलजीत सिंह नायक को मामले की जांच किसी अन्य पुलिस अधिकारी को देने की बात कही।
नायक के स्वीकार करने के बाद मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक क्राइम ब्रांच गुरमेल सिंह को दे दी गई। गौरतलब है कि विगत 17 मार्च को मानव अधिकार कार्यकर्ता बलजीत सिंह नायक ने राष्ट्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखा था कि राजनेताओं के इशारे पर पुलिस ने उन पर लड़की से छेड़छाड़ का झूठा मामला दर्ज करवाया है।
विज्ञापन
उन्होंने कैथल के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव, उप अधीक्षक रवींद्र तोमर व सुरेंद्र भौरिया के तबादले की मांग की थी। बलजीत ने बताया कि उन्होंने इस मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को शिकायत भेजी थी, जिस पर आयोग ने हरियाणा पुलिस के डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इसी तरह हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधिकारियों की जांच को ठुकराते हुए जांच हरियाणा मानव अधिकार आयोग के एडीजीपी को सौंपी है। उन्होंने बताया कि वे मानव अधिकार कार्यकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट हैं, इसी लिए कुछ राजनेता उनसे खार खाते हैं। इस संबंध में बलजीत ने बीते माह एक सप्ताह तक आमरण अनशन भी किया था।
विज्ञापन
गौरतलब है कि बलजीत ने आरोपी लगाया था कि पुलिस और नेताओं की सांठगांठ पर उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया है। बलजीत ने इस संबंध में मानवाधिकार आयोग से भी की थी, इसी की जांच के लिए आईजी यहां पहुंचे है। आईजी ने दोनों पक्षों की बात सुनी तथा बलजीत सिंह नायक को मामले की जांच किसी अन्य पुलिस अधिकारी को देने की बात कही।
विज्ञापन
नायक के स्वीकार करने के बाद मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक क्राइम ब्रांच गुरमेल सिंह को दे दी गई। गौरतलब है कि विगत 17 मार्च को मानव अधिकार कार्यकर्ता बलजीत सिंह नायक ने राष्ट्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखा था कि राजनेताओं के इशारे पर पुलिस ने उन पर लड़की से छेड़छाड़ का झूठा मामला दर्ज करवाया है।
विज्ञापन
उन्होंने कैथल के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह यादव, उप अधीक्षक रवींद्र तोमर व सुरेंद्र भौरिया के तबादले की मांग की थी। बलजीत ने बताया कि उन्होंने इस मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को शिकायत भेजी थी, जिस पर आयोग ने हरियाणा पुलिस के डीजीपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इसी तरह हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधिकारियों की जांच को ठुकराते हुए जांच हरियाणा मानव अधिकार आयोग के एडीजीपी को सौंपी है। उन्होंने बताया कि वे मानव अधिकार कार्यकर्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट हैं, इसी लिए कुछ राजनेता उनसे खार खाते हैं। इस संबंध में बलजीत ने बीते माह एक सप्ताह तक आमरण अनशन भी किया था।