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अंबाला, पंचकुला में बारिश जारी रही तो गुहला क्षेत्र में गांवों में घुस जाएगा घग्गर नदी का पानी
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गुहला-चीका। पंचकुला, अंबाला सहित पहाड़ी क्षेत्र में हुई दो दिन पूर्व 100 एमएम से भी अधिक बारिश के कारण हरियाणा पंजाब की सीमा से होकर गुजर रही घग्गर नदी मेें एक ही दिन में जलस्तर 10 फुट से बढ़कर 21.2 फुट पहुंच गया है। अगर जलस्तर 23 फुट तक पहुंच जाता है तो यह खतरे के निशान पर पहुंच जाएगा। देर रात तक यदि पहाड़ी क्षेत्रों में और अधिक बारिश होती है तो यह खतरे के निशान को पार कर सकता है। जिस कारण लोगों में दहशत है। मंगलवार को ही करीब आधा दर्जन गांवों के खेतों में घग्गर का पानी पहुंच गया है। वहीं सिहाली व मोहनपुर गांवों का सड़क संपर्क कट गया है।
सोमवार की रात को पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते अचानक घग्गर का जलस्तर बढ़ गया। पानी किनारों को लांघकर भूंसला एरिया के गांव सिहाली, मैगड़ा, रत्ता खेड़ा, मंझेड़ी, बुड्डनपुर, भूंसला, मोहनपुर के खेतों में से बहने लगा है। इन गांवों की हजारों एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार के जान के नुकसान की सूचना नहीं है। गांव सिहाली व मोहनपुर को जाने वाले रास्तों पर पानी इतना ज्यादा है कि इन गांवों का अन्य गांवों से सड़क संपर्क कट गया है। इन गांवों के लोग आज ट्रैक्टर पर बैठकर ही दूसरे गांवों में आ जा पाए।
गांव टटियाणा के पास भी घग्गर नदी फिलहाल खतरे के निशान से महज दो फीट नीचे बह रही है। खतरे का निशान 23 फुट पर लगा है और मंगलवार को टटियाणा पुल पर लगी गेज पर घग्गर का पानी 21.2 फुट पहुंच गया।
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प्रशासन ने दिखाई चुस्ती :-
घग्गर नदी में पानी आने की सूचना मिलते ही गुहला प्रशासन अलर्ट हो गया। एसडीएम गुहला शशी वसुंधरा, तहसीलदार जगदीश चंद्र व नहरी विभाग के अधिकारियों एक्सईएन प्रशांत ने घग्गर नदी का मुआयना किया और सभी जरूरी हिदायतें दी। वहीं नहरी विभाग के जेई सलिंद्र कुमार ने बताया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। विभाग की तरफ से दो जेसीबी, ट्रैक्टर ट्रालियां घग्गर के पास तैनात की गई हैं। घग्गर नदी के रिंग बांध या हांसी बुटाना नहर की पटरी में होने वाले कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के थैले भरे गए है। गुहला प्रशासन पंचकुला व अंबाला प्रशासन के संपर्क में है और पानी को लेकर हर प्रकार की ताजा जानकारी ले रहे हैं।
23 फुट पर पहुंचा तो होगा भारी नुकसान
ऊपरी क्षेत्रों में यदि अगले दो तीन दिनों तक बरसात यूं ही जारी रही तो घग्गर नदी का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। इस स्थिति में पानी रिंग बांध को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि ऐसी स्थिति पैदा होती है तो हलका गुहला के बोपुर, कमेहड़ी, गगड़पुर, अरनौली, छन्ना जट्टान, दाबा, चाबा, सरोला, भूंसला, खंबेहड़ा सहित दो दर्जन गांवों के साथ साथ पंजाब के भी आधा दर्जन गांवों के किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
विधायक कुलवंत बाजीगर ने लिया घग्गर का जायजा
घग्गर नदी में बढ़े जल स्तर के बाद आज विधायक कुलवंत बाजीगर ने नदी का जायजा लिया और लोगों से बातचीत की। विधायक ने लोगों को आश्वासन दिलाया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से पूरी तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि अगर अगले चौबीस घंटों में बरसात नहीं हुई तो पानी स्वयं उतर जाएगा।
लोगों ने जताया रोष
गांव रत्ता खेड़ा घड़ाम में लोगों ने खेतों में फसल बर्बादी पर रोष जताया। यहां सड़क से बाइक भी नहीं निकल पा रही है। तेज बहाव में एक बाइक सवार बहते-बहते बचा। बरसाती सीजन में इस रास्ते पर 4-5 फीट पानी फैलना आम बात है लगभग 200 मीटर सड़क के इस हिस्से को नीचा रखा हुआ है जिसकी वजह से हर वर्ष गांव का संपर्क पानी के बहाव के कारण टूट जाता है। ग्रामीण युवाओं ने पानी की मार से फसलों की हुई बर्बादी पर प्रशासन व सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया।
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सोमवार की रात को पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते अचानक घग्गर का जलस्तर बढ़ गया। पानी किनारों को लांघकर भूंसला एरिया के गांव सिहाली, मैगड़ा, रत्ता खेड़ा, मंझेड़ी, बुड्डनपुर, भूंसला, मोहनपुर के खेतों में से बहने लगा है। इन गांवों की हजारों एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है। हालांकि अभी तक किसी भी प्रकार के जान के नुकसान की सूचना नहीं है। गांव सिहाली व मोहनपुर को जाने वाले रास्तों पर पानी इतना ज्यादा है कि इन गांवों का अन्य गांवों से सड़क संपर्क कट गया है। इन गांवों के लोग आज ट्रैक्टर पर बैठकर ही दूसरे गांवों में आ जा पाए।
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गांव टटियाणा के पास भी घग्गर नदी फिलहाल खतरे के निशान से महज दो फीट नीचे बह रही है। खतरे का निशान 23 फुट पर लगा है और मंगलवार को टटियाणा पुल पर लगी गेज पर घग्गर का पानी 21.2 फुट पहुंच गया।
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प्रशासन ने दिखाई चुस्ती :-
घग्गर नदी में पानी आने की सूचना मिलते ही गुहला प्रशासन अलर्ट हो गया। एसडीएम गुहला शशी वसुंधरा, तहसीलदार जगदीश चंद्र व नहरी विभाग के अधिकारियों एक्सईएन प्रशांत ने घग्गर नदी का मुआयना किया और सभी जरूरी हिदायतें दी। वहीं नहरी विभाग के जेई सलिंद्र कुमार ने बताया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। विभाग की तरफ से दो जेसीबी, ट्रैक्टर ट्रालियां घग्गर के पास तैनात की गई हैं। घग्गर नदी के रिंग बांध या हांसी बुटाना नहर की पटरी में होने वाले कटाव को रोकने के लिए मिट्टी के थैले भरे गए है। गुहला प्रशासन पंचकुला व अंबाला प्रशासन के संपर्क में है और पानी को लेकर हर प्रकार की ताजा जानकारी ले रहे हैं।
23 फुट पर पहुंचा तो होगा भारी नुकसान
ऊपरी क्षेत्रों में यदि अगले दो तीन दिनों तक बरसात यूं ही जारी रही तो घग्गर नदी का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। इस स्थिति में पानी रिंग बांध को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि ऐसी स्थिति पैदा होती है तो हलका गुहला के बोपुर, कमेहड़ी, गगड़पुर, अरनौली, छन्ना जट्टान, दाबा, चाबा, सरोला, भूंसला, खंबेहड़ा सहित दो दर्जन गांवों के साथ साथ पंजाब के भी आधा दर्जन गांवों के किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
विधायक कुलवंत बाजीगर ने लिया घग्गर का जायजा
घग्गर नदी में बढ़े जल स्तर के बाद आज विधायक कुलवंत बाजीगर ने नदी का जायजा लिया और लोगों से बातचीत की। विधायक ने लोगों को आश्वासन दिलाया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तरफ से पूरी तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि अगर अगले चौबीस घंटों में बरसात नहीं हुई तो पानी स्वयं उतर जाएगा।
लोगों ने जताया रोष
गांव रत्ता खेड़ा घड़ाम में लोगों ने खेतों में फसल बर्बादी पर रोष जताया। यहां सड़क से बाइक भी नहीं निकल पा रही है। तेज बहाव में एक बाइक सवार बहते-बहते बचा। बरसाती सीजन में इस रास्ते पर 4-5 फीट पानी फैलना आम बात है लगभग 200 मीटर सड़क के इस हिस्से को नीचा रखा हुआ है जिसकी वजह से हर वर्ष गांव का संपर्क पानी के बहाव के कारण टूट जाता है। ग्रामीण युवाओं ने पानी की मार से फसलों की हुई बर्बादी पर प्रशासन व सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया।