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Kaithal News: आईसीयू बनकर तैयार..., डॉक्टरों का इंतजार
Fri, 15 Nov 2024 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 15 Nov 2024 02:59 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में आईसीयू बनकर तो तैयार हो चुका है लेकिन अभी यहां पर डॉक्टरों का इंतजार है। जब तक डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ की नियुक्ति नहीं होगी। तब तक आईसीयू शुरू न हो पाएगा।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि आईसीयू शुरू होने से पहले डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ की नियुक्ति कर ली जाएगी। अभी स्वास्थ्य विभाग ने एक बार और आईसीयू के निर्माण की स्थिति को लेकर दौरा करना है।
जिला नागरिक अस्पताल में 95 प्रतिशत तक आईसीयू का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। डॉक्टरों की कमी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अभी इसे अपने अधीन नहीं लिया है। वहीं, अस्पताल में पहले से ही आक्सीजन प्लांट खराब पड़ा है। एक हजार की क्षमता वाला आक्सीजन प्लांट किसी भी काम इस समय नहीं आ पा रहा है।
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अस्पताल में 30 बेड का आईसीयू बनाया गया है। इसमें बच्चों के लिए भी अलग से बेड लगाए गए हैं परंतु यह आईसीयू विशेषज्ञ न होने से अभी शुरू नहीं हो पाएगा।
आईसीयू शुरू होने से मिलेंगी बेहतर सुविधाएं ः जिला नागरिक अस्पताल में आईसीयू शुरू होने से बेहतर सुविधाएं मिल पाएगी। इससे मरीजों को आपात स्थिति में रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई नहीं ले जाना पड़ेगा। यहां पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात होगी।
डॉक्टरों की खल रही कमी, कई मशीनें भी खराब ः अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। इस कारण इलाज को लेकर मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में स्वीकृत पद 56 हैं, लेकिन मात्र 16 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। वहीं, गायिनी वार्ड में भी चिकित्सकों की कमी खल रही है। चिकित्सक कम होने के कारण मरीजों को इलाज में दिक्कत आ रही है। अल्ट्रासाउंड के लिए लोगों को 25 से 30 दिन का इंतजार करना पड़ता है।
इसी प्रकार कई सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बिना चिकित्सकों के चल रहे हैं। डिप्टी सिविल सर्जन, एमओ के भी काफी पद रिक्त पड़े हैं। वहीं अल्ट्रासाउंड केंद्र में एक मशीन, लिथोट्रिप्सी मशीन पूरी तरह से खराब हो चुकी है। गौरतलब है कि अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक की ओपीडी होती है।
जिला नागरिक अस्पताल में इस समय इंटेसिव केयर यूनिट (आईसीयू) बनकर तो तैयार हो चुका है, लेकिन यहां पर अभी तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस कारण अभी यह आईसीयू शुरू नहीं हो पाया है। उम्मीद है कि यहां पर जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। इसके बाद यहां पर आईसीयू को शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल, कैथल।
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में आईसीयू बनकर तो तैयार हो चुका है लेकिन अभी यहां पर डॉक्टरों का इंतजार है। जब तक डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ की नियुक्ति नहीं होगी। तब तक आईसीयू शुरू न हो पाएगा।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि आईसीयू शुरू होने से पहले डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ की नियुक्ति कर ली जाएगी। अभी स्वास्थ्य विभाग ने एक बार और आईसीयू के निर्माण की स्थिति को लेकर दौरा करना है।
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जिला नागरिक अस्पताल में 95 प्रतिशत तक आईसीयू का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। डॉक्टरों की कमी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अभी इसे अपने अधीन नहीं लिया है। वहीं, अस्पताल में पहले से ही आक्सीजन प्लांट खराब पड़ा है। एक हजार की क्षमता वाला आक्सीजन प्लांट किसी भी काम इस समय नहीं आ पा रहा है।
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अस्पताल में 30 बेड का आईसीयू बनाया गया है। इसमें बच्चों के लिए भी अलग से बेड लगाए गए हैं परंतु यह आईसीयू विशेषज्ञ न होने से अभी शुरू नहीं हो पाएगा।
आईसीयू शुरू होने से मिलेंगी बेहतर सुविधाएं ः जिला नागरिक अस्पताल में आईसीयू शुरू होने से बेहतर सुविधाएं मिल पाएगी। इससे मरीजों को आपात स्थिति में रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई नहीं ले जाना पड़ेगा। यहां पांच विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात होगी।
डॉक्टरों की खल रही कमी, कई मशीनें भी खराब ः अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। इस कारण इलाज को लेकर मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में स्वीकृत पद 56 हैं, लेकिन मात्र 16 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। वहीं, गायिनी वार्ड में भी चिकित्सकों की कमी खल रही है। चिकित्सक कम होने के कारण मरीजों को इलाज में दिक्कत आ रही है। अल्ट्रासाउंड के लिए लोगों को 25 से 30 दिन का इंतजार करना पड़ता है।
इसी प्रकार कई सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बिना चिकित्सकों के चल रहे हैं। डिप्टी सिविल सर्जन, एमओ के भी काफी पद रिक्त पड़े हैं। वहीं अल्ट्रासाउंड केंद्र में एक मशीन, लिथोट्रिप्सी मशीन पूरी तरह से खराब हो चुकी है। गौरतलब है कि अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक की ओपीडी होती है।
जिला नागरिक अस्पताल में इस समय इंटेसिव केयर यूनिट (आईसीयू) बनकर तो तैयार हो चुका है, लेकिन यहां पर अभी तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस कारण अभी यह आईसीयू शुरू नहीं हो पाया है। उम्मीद है कि यहां पर जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए जाएंगे। इसके बाद यहां पर आईसीयू को शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल, कैथल।