{"_id":"68448eac13948448b208a332","slug":"hugged-each-other-on-eid-ul-adha-and-exchanged-greetings-kaithal-news-c-18-1-knl1004-665241-2025-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: ईद-उल-अजहा पर गले मिले, दी मुबारकबाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: ईद-उल-अजहा पर गले मिले, दी मुबारकबाद
Sun, 08 Jun 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 08 Jun 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। जिले में शनिवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
सिरटा रोड स्थित बड़ी मस्जिद में ईद उल जुहा बकरीद का पर्व उत्साह से मनाया गया। नमाज पढ़ने के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई दी। ईदगाह के बाहर सड़क पर मेला भी लगा था जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की।
मौलाना सईदर रहमान ने कहा कि बकरीद का पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने और पूरे देश में अमन-शांति को बनाए रखने का संदेश देता है। सभी धर्मों के लोग एक दूसरे के त्योहारों पर एक दूसरे को बधाई देते हैं। ईद के मौके पर हिदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी एक दूसरे के गले मिलते हैं, जिससे आपसी भाईचारा बनता है।
विज्ञापन
वहीं, चीका में भी पर्व पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह के समय मस्जिद में नमाज पढ़ी। पिहोवा रोड स्थित बड़ी मस्जिद में ईद उल जुहा बकरीद का पर्व उत्साह से मनाया गया। नमाज पढ़ने के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई दी। ईदगाह के बाहर सड़क पर मेला भी लगा था जहां लोगो ने जमकर खरीदारी की।
मस्जिद के मौलवी जुनैद मोहम्मद ने हजरत इब्राहिम व हजरत इस्माइल की कुर्बानी का मशहूर वाकया बयान किया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़े तो अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बान करने में पीछे न रहें। मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी चीका के प्रधान ऐश मोहम्मद ने कहा कि बकरीद का पर्व का विशेष महत्व है।
यह पर्व आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने और पूरे देश में अमन-शांति को बनाए रखने का संदेश देता है। सभी धर्मों के लोग एक दूसरे के त्योहारों पर एक दूसरे को बधाई देते हैं। ईद के मौके पर हिदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी एक दूसरे के गले मिलते हैं, जिससे आपसी भाईचारा बनता है।
सोसायटी के उप प्रधान नूरुद्दीन ने कहा कि बकरीद पर हमें अपने अंदर की बुराइयों को भी कुर्बान करनी चाहिए। क्योंकि अल्लाह उन वंदों को ही पसंद करते हैं, जो बुराइयों से दूर होकर ईमान पर चलते हैं। उन्होंने कहा सभी मुसलमान भाइयों को शांति व समृद्धि के लिए दुआ करनी चाहिए। इस अवसर पर मास्टर मलकीत सिंह, फकीरिया खान, कवांलद्दीन, सोमाखान, मेहरदीन, मसीतां, जमील खान, मोहम्मद, नसीम, मेशा, बब्लू, साजिद, फना भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
गुहला-चीका/कैथल। जिले में शनिवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व उत्साह और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
सिरटा रोड स्थित बड़ी मस्जिद में ईद उल जुहा बकरीद का पर्व उत्साह से मनाया गया। नमाज पढ़ने के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई दी। ईदगाह के बाहर सड़क पर मेला भी लगा था जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की।
विज्ञापन
मौलाना सईदर रहमान ने कहा कि बकरीद का पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने और पूरे देश में अमन-शांति को बनाए रखने का संदेश देता है। सभी धर्मों के लोग एक दूसरे के त्योहारों पर एक दूसरे को बधाई देते हैं। ईद के मौके पर हिदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी एक दूसरे के गले मिलते हैं, जिससे आपसी भाईचारा बनता है।
विज्ञापन
वहीं, चीका में भी पर्व पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह के समय मस्जिद में नमाज पढ़ी। पिहोवा रोड स्थित बड़ी मस्जिद में ईद उल जुहा बकरीद का पर्व उत्साह से मनाया गया। नमाज पढ़ने के बाद एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की बधाई दी। ईदगाह के बाहर सड़क पर मेला भी लगा था जहां लोगो ने जमकर खरीदारी की।
मस्जिद के मौलवी जुनैद मोहम्मद ने हजरत इब्राहिम व हजरत इस्माइल की कुर्बानी का मशहूर वाकया बयान किया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़े तो अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बान करने में पीछे न रहें। मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी चीका के प्रधान ऐश मोहम्मद ने कहा कि बकरीद का पर्व का विशेष महत्व है।
यह पर्व आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने और पूरे देश में अमन-शांति को बनाए रखने का संदेश देता है। सभी धर्मों के लोग एक दूसरे के त्योहारों पर एक दूसरे को बधाई देते हैं। ईद के मौके पर हिदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी एक दूसरे के गले मिलते हैं, जिससे आपसी भाईचारा बनता है।
सोसायटी के उप प्रधान नूरुद्दीन ने कहा कि बकरीद पर हमें अपने अंदर की बुराइयों को भी कुर्बान करनी चाहिए। क्योंकि अल्लाह उन वंदों को ही पसंद करते हैं, जो बुराइयों से दूर होकर ईमान पर चलते हैं। उन्होंने कहा सभी मुसलमान भाइयों को शांति व समृद्धि के लिए दुआ करनी चाहिए। इस अवसर पर मास्टर मलकीत सिंह, फकीरिया खान, कवांलद्दीन, सोमाखान, मेहरदीन, मसीतां, जमील खान, मोहम्मद, नसीम, मेशा, बब्लू, साजिद, फना भी मौजूद रहे।