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Kaithal News: हिमांशु ने बास्केटबॉल में बनाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
Thu, 21 May 2026 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 21 May 2026 12:22 AM IST
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ट्रॉफी के साथ हिमांशु शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। टटियाना गांव निवासी 31 वर्षीय हिमांशु शर्मा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा के दम पर बास्केटबॉल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। वर्तमान में वह भारतीय रेलवे में डिप्टी चीफ टिकट इंस्पेक्टर (डीसीटीआई) के पद पर कार्यरत हैं और नौकरी के साथ खेल में भी लगातार सक्रिय हैं। रेलवे सेवा के साथ खेल के प्रति उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।
हिमांशु शर्मा के पिता कस्तूरी लाल हरियाणा पुलिस विभाग से सब इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में उनकी एक बहन है। हिमांशु की प्रारंभिक शिक्षा इंदिरा गांधी पब्लिक स्कूल में हुई, जबकि उच्च शिक्षा उन्होंने आरकेएसडी कॉलेज, कैथल से प्राप्त की।
हिमांशु ने बताया कि उन्होंने 10वीं कक्षा के दौरान कैथल के सरकारी स्कूल स्थित बास्केटबॉल ग्राउंड से खेल की शुरुआत की थी। उनके खेल जीवन की मजबूत नींव उनके पहले कोच स्वर्गीय दर्शन कुमार और दिवंगत इंदरजीत डीपी ने रखी। उनके मार्गदर्शन ने हिमांशु को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
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वर्तमान में हिमांशु रेलवे दिल्ली टीम के साथ कैथल के करनैल सिंह स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह प्रतिदिन सुबह दो से तीन घंटे और शाम को करीब दो घंटे अभ्यास करते हैं। उनका कहना है कि निरंतर मेहनत और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमांशु ने गुवाहाटी में आयोजित सैफ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा उन्होंने बेल्जियम में आयोजित वर्ल्ड रेलवे प्रतियोगिता में भी देश का नाम रोशन किया। खेल प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें दो बार अमेरिका के फीनिक्स, एरिजोना में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने का अवसर भी मिला।
राष्ट्रीय स्तर पर भी हिमांशु का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने छह राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 12 सीनियर नेशनल पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा जूनियर नेशनल और यूथ नेशनल प्रतियोगिताओं में भी स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए हैं। साथ ही वह 20 से अधिक राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में भाग ले चुके हैं।
हिमांशु की प्रमुख उपलब्धियां
गुवाहाटी में आयोजित सैफ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व।
बेल्जियम में वर्ल्ड रेलवे प्रतियोगिता में भागीदारी।
अमेरिका के फीनिक्स, एरिजोना में दो बार विशेष प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा।
छह राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 12 सीनियर नेशनल पदक हासिल।
जूनियर नेशनल और यूथ नेशनल प्रतियोगिताओं में कई पदक जीते।
20 से अधिक राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में भागीदारी।
वर्तमान में भारतीय रेलवे में डीसीटीआई पद पर कार्यरत और रेलवे दिल्ली टीम के साथ नियमित प्रशिक्षण जारी।
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कैथल। टटियाना गांव निवासी 31 वर्षीय हिमांशु शर्मा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा के दम पर बास्केटबॉल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। वर्तमान में वह भारतीय रेलवे में डिप्टी चीफ टिकट इंस्पेक्टर (डीसीटीआई) के पद पर कार्यरत हैं और नौकरी के साथ खेल में भी लगातार सक्रिय हैं। रेलवे सेवा के साथ खेल के प्रति उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है।
हिमांशु शर्मा के पिता कस्तूरी लाल हरियाणा पुलिस विभाग से सब इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में उनकी एक बहन है। हिमांशु की प्रारंभिक शिक्षा इंदिरा गांधी पब्लिक स्कूल में हुई, जबकि उच्च शिक्षा उन्होंने आरकेएसडी कॉलेज, कैथल से प्राप्त की।
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हिमांशु ने बताया कि उन्होंने 10वीं कक्षा के दौरान कैथल के सरकारी स्कूल स्थित बास्केटबॉल ग्राउंड से खेल की शुरुआत की थी। उनके खेल जीवन की मजबूत नींव उनके पहले कोच स्वर्गीय दर्शन कुमार और दिवंगत इंदरजीत डीपी ने रखी। उनके मार्गदर्शन ने हिमांशु को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
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वर्तमान में हिमांशु रेलवे दिल्ली टीम के साथ कैथल के करनैल सिंह स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह प्रतिदिन सुबह दो से तीन घंटे और शाम को करीब दो घंटे अभ्यास करते हैं। उनका कहना है कि निरंतर मेहनत और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमांशु ने गुवाहाटी में आयोजित सैफ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा उन्होंने बेल्जियम में आयोजित वर्ल्ड रेलवे प्रतियोगिता में भी देश का नाम रोशन किया। खेल प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें दो बार अमेरिका के फीनिक्स, एरिजोना में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने का अवसर भी मिला।
राष्ट्रीय स्तर पर भी हिमांशु का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने छह राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 12 सीनियर नेशनल पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा जूनियर नेशनल और यूथ नेशनल प्रतियोगिताओं में भी स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए हैं। साथ ही वह 20 से अधिक राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में भाग ले चुके हैं।
हिमांशु की प्रमुख उपलब्धियां
गुवाहाटी में आयोजित सैफ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व।
बेल्जियम में वर्ल्ड रेलवे प्रतियोगिता में भागीदारी।
अमेरिका के फीनिक्स, एरिजोना में दो बार विशेष प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा।
छह राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 12 सीनियर नेशनल पदक हासिल।
जूनियर नेशनल और यूथ नेशनल प्रतियोगिताओं में कई पदक जीते।
20 से अधिक राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में भागीदारी।
वर्तमान में भारतीय रेलवे में डीसीटीआई पद पर कार्यरत और रेलवे दिल्ली टीम के साथ नियमित प्रशिक्षण जारी।