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तीन दिन में राजौंद में सबसे अधिक, ढांड में सबसे कम हुई बारिश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 11:42 PM IST
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Highest rainfall in Rajound in three days, least rain in Dhand
मानसून के तीसरे दिन भी झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। वहीं, इस बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे। जिन खेतों में पानी की कमी के कारण धान रोपाई नहीं की गई थी, अब उनमें धान रोपाई के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। इसके लिए यह बारिश अमृत के समान काम करेगी। हालांकि तेज बारिश होने के बाद पूरा शहर पानी से लबालब हो गया। शहर का कोई ऐसा इलाका नहीं बचा, जहां पर जलभराव की स्थिति न बनी हो। जलभराव ने जनस्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के मानसून की तैयारियों की पोल खोल दी है।
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वीरवार को सुबह साढ़े छह बजे की बारिश शुरू हो गई थी। करीब चार घंटे तक अच्छी खासी बारिश हुई। इसके बाद दोपहर साढे़ 12 बजे तक बूंदाबांदी जारी रही। जिले में औसतन 20 एमएम बारिश हुई है। वहीं, बीते तीन दिनों से बारिश के बाद तापमान में भी करीब 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वीरवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। आपदा एवं प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्ण सिंह ने बताया कि वीरवार को कैथल में 06 एमएम, कलायत में 07 एमएम, पूंडरी में 13 एमएम, सीवन में 05 एमएम, ढांड में 04 एमएम, राजौंद में 85 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बीते तीन दिनों में अब तक राजौंद में सबसे अधिक बरसात 133 एमएम दर्ज की गई है और ढांड में सबसे कम 13 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
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शहर में निचली बस्तियों सहित सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गई थीं। कई सड़काें पर तो गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जिन पर बारिश का पानी जमा होने के बाद गड्ढों का भी नहीं पता चलता। उन सड़कों पर वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे अंडर पास के नीचे भी बारिश का पानी भरा हुआ है। हालांकि बीते वर्ष की विभाग द्वारा रेलवे अंडर पास की छत से कवर किया है, लेकिन इसके बावजूद भी ब्रिज के अंदर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो जाता है।
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बारिश के दिनों में गांव क्योड़क की गलियों से निकलना मुश्किल हो जाता है। क्योड़क गांव के साथ विकास के मामले में हमेशा पक्षपात हुआ है। कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि बीते तीन दिनों से बारिश अच्छी हो रही है। जिस रकबे में बारिश न होने की वजह से अब तक धान की रोपाई नहीं हुई थी। उसमें धान रोपाई का कार्य चल रहा है। जिले में लगभग धान रोपाई का कार्य पूरा एक दो दिन में पूरा ही हो जाएगा। यह बारिश धान की फसल और अन्य फसलों के लिए वरदान साबित होगी। इस बार मानसून थोड़ा लेट जरूर है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में बारिश हुई है। आगामी सप्ताह तक बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक बारिश की संभावनाएं हैं। कई क्षेत्रों में हल्की बारिश तो कहीं पर तेज होती रहेगी। संवाद बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के गांव डींग में सैकड़ों एकड़ में धान की फसल बर्बाद हो गई है। यहां बरसात के पानी में खेत और सड़क एक समान हो गई है। किसान सुभाष, शुभम, बाली, शमशेर, विक्रम सोनू और मोनू ने बताया कि हर साल धान रोपाई के समय बारिश होने से खेतों में अधिक मात्रा में पानी जमा हो जाता है। यहां तक की सड़क पर भी पानी ही पानी नजर आता है। ऐसे में किसानों के लिए समस्या बनी हुई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने धान रोपाई की हुई है और अब खेतों में जलभराव होने से उनकी धान की फसल खराब हो चुकी है।
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