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Kaithal News: हेमलता सैनी बनीं सीवन नगरपालिका की पहली अध्यक्ष
Thu, 13 Mar 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 13 Mar 2025 12:50 AM IST
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सीवन, कैथल। पहली बार हुए नगरपालिका सीवन चुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित हो गए। सीवन से आजाद प्रत्याशी हेमलता सैनी ने जीत हासिल की और सीवन नगरपालिका की पहली अध्यक्ष बनीं। भाजपा की प्रत्याशी शैली मुंजाल दूसरे स्थान पर रहीं और संयम गोयल को तीसरा स्थान मिला।
मतगणना चार चरणों में में हुई। पहले राउंड में हेमलता सैनी आगे रही। दूसरे चरण में संयम गोयल पहले स्थान पर आ गई लेकिन तीसरे राउंड में बड़ी लीड लेते हुए हेमलता सैनी ने बढ़त बनाई और 750 वोटों से आगे हुई। चौथे और अंतिम चरण में हेमलता सैनी ने बढ़त बरकरार रखी और 3594 वोट प्राप्त कर सीवन के अध्यक्ष पद पर कब्जा किया।
उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी शैली मुंजाल को 263 मतों से पराजित किया। शैली मुंजाल को कुल 3331 मत प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर रही संयम गोयल को 3061 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी शैली मुंजाल किसी भी राउंड में पहले स्थान तक नहीं पहुंच पाई। गौरतलब है कि हेमलता के पति संदीप सैनी पहले भाजपा में थे और कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद राज कुमार सैनी के समर्थक थे। फिर उन्होंने भाजपा छोड़ दी और राज कुमार के समर्थन में रहे। संदीप सैनी का पहले भाजपा में होना भाजपा की हार का मुख्य कारण रहा। संवाद
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इसके साथ ही सीवन में सैनी बिरादरी के बहुत अच्छे वोट हैं। सैनी बिरादरी भाजपा से जुड़ी हुई है और सैनी बिरादरी से कई नेता भाजपा में पदाधिकारी भी हैं परंतु स्थानीय चुनाव होने के कारण वह वोट बैंक भाजपा की ओर न जा कर बिरादरी की और गया।
यह रहे कारण
भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर चुनाव प्रचार में सीवन में जुटे रहे। इसके साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सीवन में रैली की और भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में वोट मांगे। भाजपा सरकार में मंत्री श्याम सिंह राणा व अन्य कई मंत्री भी सीवन में भाजपा के समर्थन में चुनाव प्रचार में आए थे। सीवन से सैनी बिरादरी के संजय सैनी नंबरदार भाजपा के किसान मोर्चा के जिला प्रधान भी हैं। इसके बावजूद भी भाजपा की हार हुई तो इसके क्या कारण रहे यह चिंतन का विषय है।
स्थानीय चुनाव और पार्टी
नगर के लोगों का कहना है कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और यह एक स्थानीय चुनाव था। ऐसे में पार्टी को स्थानीय चुनाव अपने सिंबल पर नहीं लड़ना चाहिए था। सीवन में किसी अन्य पार्टी ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। लोगों का कहना है कि स्थानीय चुनाव में स्थानीय मुद्दे होते हैं। यदि छोटी सरकार में भी बड़ी सरकार का दखल रहे तो काम नहीं चल सकता।
मंडल अध्यक्ष की जीत
वैसे तो सीवन के सभी 16 वार्डों में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी आजाद थे और किसी ने भी सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन सीवन मंडल अध्यक्ष रवि मौर्य ने अपनी पत्नी को वार्ड नंबर पांच से चुनाव मैदान में उतारा था। उसने भी पार्टी सिंबल पर चुनाव न लड़कर आजाद प्रत्याशी के तौर पर ही चुनाव लड़ा। इस चुनाव में सबसे कम मतों के अंतर से जीतने वाली बेअंत और रही जोकि सीवन मंडल अध्यक्ष रवि मौर्य की पत्नी हैं। बेअंत कौर ने यह चुनाव केवल 1 वोट के अंतर से जीता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या भाजपा का जादू स्थानीय चुनावों में बेअसर रहा हैै।
मतगणना चार चरणों में में हुई। पहले राउंड में हेमलता सैनी आगे रही। दूसरे चरण में संयम गोयल पहले स्थान पर आ गई लेकिन तीसरे राउंड में बड़ी लीड लेते हुए हेमलता सैनी ने बढ़त बनाई और 750 वोटों से आगे हुई। चौथे और अंतिम चरण में हेमलता सैनी ने बढ़त बरकरार रखी और 3594 वोट प्राप्त कर सीवन के अध्यक्ष पद पर कब्जा किया।
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उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी शैली मुंजाल को 263 मतों से पराजित किया। शैली मुंजाल को कुल 3331 मत प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर रही संयम गोयल को 3061 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी शैली मुंजाल किसी भी राउंड में पहले स्थान तक नहीं पहुंच पाई। गौरतलब है कि हेमलता के पति संदीप सैनी पहले भाजपा में थे और कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद राज कुमार सैनी के समर्थक थे। फिर उन्होंने भाजपा छोड़ दी और राज कुमार के समर्थन में रहे। संदीप सैनी का पहले भाजपा में होना भाजपा की हार का मुख्य कारण रहा। संवाद
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इसके साथ ही सीवन में सैनी बिरादरी के बहुत अच्छे वोट हैं। सैनी बिरादरी भाजपा से जुड़ी हुई है और सैनी बिरादरी से कई नेता भाजपा में पदाधिकारी भी हैं परंतु स्थानीय चुनाव होने के कारण वह वोट बैंक भाजपा की ओर न जा कर बिरादरी की और गया।
यह रहे कारण
भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर चुनाव प्रचार में सीवन में जुटे रहे। इसके साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सीवन में रैली की और भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में वोट मांगे। भाजपा सरकार में मंत्री श्याम सिंह राणा व अन्य कई मंत्री भी सीवन में भाजपा के समर्थन में चुनाव प्रचार में आए थे। सीवन से सैनी बिरादरी के संजय सैनी नंबरदार भाजपा के किसान मोर्चा के जिला प्रधान भी हैं। इसके बावजूद भी भाजपा की हार हुई तो इसके क्या कारण रहे यह चिंतन का विषय है।
स्थानीय चुनाव और पार्टी
नगर के लोगों का कहना है कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और यह एक स्थानीय चुनाव था। ऐसे में पार्टी को स्थानीय चुनाव अपने सिंबल पर नहीं लड़ना चाहिए था। सीवन में किसी अन्य पार्टी ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था। लोगों का कहना है कि स्थानीय चुनाव में स्थानीय मुद्दे होते हैं। यदि छोटी सरकार में भी बड़ी सरकार का दखल रहे तो काम नहीं चल सकता।
मंडल अध्यक्ष की जीत
वैसे तो सीवन के सभी 16 वार्डों में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी आजाद थे और किसी ने भी सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन सीवन मंडल अध्यक्ष रवि मौर्य ने अपनी पत्नी को वार्ड नंबर पांच से चुनाव मैदान में उतारा था। उसने भी पार्टी सिंबल पर चुनाव न लड़कर आजाद प्रत्याशी के तौर पर ही चुनाव लड़ा। इस चुनाव में सबसे कम मतों के अंतर से जीतने वाली बेअंत और रही जोकि सीवन मंडल अध्यक्ष रवि मौर्य की पत्नी हैं। बेअंत कौर ने यह चुनाव केवल 1 वोट के अंतर से जीता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या भाजपा का जादू स्थानीय चुनावों में बेअसर रहा हैै।