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कोरोना संक्रमण के दौरान बढ़ीं स्वास्थ्य सुविधाएं
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण का कार्य लगातार जारी है ही, साथ में दूसरी और तीसरी लहर के दौरान विभाग की सेवाओं में भी विस्तार हुआ है। विभाग ने ऑक्सीजन प्लांट, आरटीपीसीआर लैब, मोबाइल वैन व एंबुलेंस की गाड़ियों सहित कई बड़ी सेवाएं मरीजों के लिए शुरू की हैं। इनका लाभ मरीजों को महामारी काल में तो मिल ही रहा है, साथ में आने वाले समय में भी ये सुविधाएं काफी लाभकारी होंगी।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिला नागरिक अस्पताल में लाखों की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। इस प्लांट से अस्पताल के सभी बेडों पर पाइप लाइन के जरिये ऑक्सीजन की सप्लाई दी गई है। इसके अलावा पूंडरी में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया जारी है। विभाग इसके लिए जगह उपलब्ध होने के इंतजार में है। वहीं बीते सप्ताह सरकार ने कलायत के सरकारी अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की है।
कलायत में बनी आरटीपीसीआर लैब
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार करते हुए विभाग ने कलायत के सरकारी अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब बनाई है। अब जिले में ही कोरोना के मरीजों की जांच के साथ-साथ उनके संक्रमित होने या नहीं होने की पुष्टि की जा रही है। इससे पहले मरीजों के सैंपल लेकर दिल्ली, करनाल, अग्रोहा या दूसरे जिलों में भेजे जा रहे थे। जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन भी शुरू हुई है। जिला नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से पोर्टेबल अस्पताल भी बनाया गया है। 100 बेड के इस अस्पताल का विभाग ने प्रयोग भी शुरू कर दिया है। फिलहाल कोरोना के मरीजों के लिए ही इसमें आईसीयू बेडों की शुरुआत की गई है, लेकिन भविष्य में विभाग इसे अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयोग करेगा।
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तीन मोबाइल यूनिट बसें अभियान को दे रही गति
कोरोना की तीसरी लहर के दौरान विभाग को तीन मोबाइल यूनिट बसें भी उपलब्ध हुई हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से दी गई ये बसें स्वास्थ्य विभाग के डोर-टू-डोर सेवाएं उपलब्ध करवाने के अभियानों को गति दे रही हैं। इसके अलावा नौ नई एंबुलेंस की गाड़ियां भी विभाग को मिली हैं। अब एमपी कोटे से विभाग को एक मोबाइल वैन भी मिली है। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि कोरोना काल में विभाग को जो सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं, उनका पूरा लाभ मरीजों को मिल रहा है। भविष्य में सेवाओं में और ज्यादा विस्तार किया जाएगा।
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कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जिला नागरिक अस्पताल में लाखों की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। इस प्लांट से अस्पताल के सभी बेडों पर पाइप लाइन के जरिये ऑक्सीजन की सप्लाई दी गई है। इसके अलावा पूंडरी में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया जारी है। विभाग इसके लिए जगह उपलब्ध होने के इंतजार में है। वहीं बीते सप्ताह सरकार ने कलायत के सरकारी अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की है।
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कलायत में बनी आरटीपीसीआर लैब
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार करते हुए विभाग ने कलायत के सरकारी अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब बनाई है। अब जिले में ही कोरोना के मरीजों की जांच के साथ-साथ उनके संक्रमित होने या नहीं होने की पुष्टि की जा रही है। इससे पहले मरीजों के सैंपल लेकर दिल्ली, करनाल, अग्रोहा या दूसरे जिलों में भेजे जा रहे थे। जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन भी शुरू हुई है। जिला नागरिक अस्पताल में करोड़ों रुपये की लागत से पोर्टेबल अस्पताल भी बनाया गया है। 100 बेड के इस अस्पताल का विभाग ने प्रयोग भी शुरू कर दिया है। फिलहाल कोरोना के मरीजों के लिए ही इसमें आईसीयू बेडों की शुरुआत की गई है, लेकिन भविष्य में विभाग इसे अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयोग करेगा।
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तीन मोबाइल यूनिट बसें अभियान को दे रही गति
कोरोना की तीसरी लहर के दौरान विभाग को तीन मोबाइल यूनिट बसें भी उपलब्ध हुई हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से दी गई ये बसें स्वास्थ्य विभाग के डोर-टू-डोर सेवाएं उपलब्ध करवाने के अभियानों को गति दे रही हैं। इसके अलावा नौ नई एंबुलेंस की गाड़ियां भी विभाग को मिली हैं। अब एमपी कोटे से विभाग को एक मोबाइल वैन भी मिली है। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि कोरोना काल में विभाग को जो सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं, उनका पूरा लाभ मरीजों को मिल रहा है। भविष्य में सेवाओं में और ज्यादा विस्तार किया जाएगा।