{"_id":"69025feef896949fab0ded34","slug":"guru-hargobind-and-guru-tegh-bahadur-sahib-had-come-to-cheeka-kaithal-news-c-245-1-kht1011-139909-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: चीका आए थे गुरु हरगोबिंद और गुरु तेग बहादुर साहिब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: चीका आए थे गुरु हरगोबिंद और गुरु तेग बहादुर साहिब
Thu, 30 Oct 2025 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 30 Oct 2025 12:11 AM IST
विज्ञापन
गुरुद्वारा कार्यालय में गुरु पर्व की तैयारी को लेकर जानकारी देते हुए गुरुद्वारा मैनेजर सुरजीत स
- फोटो : विधान से पूर्व निकाली गई घटयात्रा। स्रोत: मंदिर
गुरमीत सीड़ा
गुहला चीका। गांव पिहोवा रोड स्थित गुरुद्वारा छेवीं व नौवीं पातशाही ऐतिहासिक रूप से छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब और नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की पावन यात्राओं से जुड़ा हुआ है। यह स्थान उन दोनों गुरुओं की चरण धूल से पवित्र हुआ था।
गुरुद्वारा प्रबंधक सुरजीत सिंह मलिकपुर ने बताया कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी श्री नानक माता साहिब की ओर जाते समय यहां पधारे थे। जब गुरु साहिब डरौली भाई में थे, तब बाबा गुरदित्ता के शिष्य बाबा अलमस्त ने संदेश भेजा कि साधुओं ने गुरुद्वारा नानक माता (श्री गुरु नानक देव जी) पर कब्जा कर लिया है और उसका नाम बदलकर ‘गोरख माता’ रख दिया है। इस संदेश के बाद गुरु साहिब कुरुक्षेत्र मार्ग से होते हुए इस स्थान पर आए थे।
उन्होंने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी भी दिल्ली जाते समय यहां आए थे। जब कश्मीरी पंडितों ने आनंदपुर साहिब पहुंचकर औरंगजेब के अत्याचारों से मुक्ति की प्रार्थना की, तब गुरु साहिब ने उनके धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने का निर्णय लिया। उसी यात्रा के दौरान वे भाई गलोरा मसंद से मिलने यहां पधारे थे, जो हांसी से हिसार तक के जत्थेदार थे।
विज्ञापन
गुरु साहिब के साथ कुछ अनुयायी भी थे, जो उनके साथ दिल्ली जाना चाहते थे। परंतु गुरु साहिब ने उन्हें रोकते हुए कहा कि जो श्रद्धा से इस स्थान पर आएगा, उसे उनके दर्शन का फल प्राप्त होगा और उसकी मनोकामना पूर्ण होगी।
प्रभात फेरियों से गूंजा नगर ः गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व को लेकर कस्बे में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण है। इसी क्रम में गुरुद्वारा साहिब से प्रभात फेरियों की शुरुआत हुई। संगत ने भजन-कीर्तन करते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया। फेरी भाकियू चढूंनी प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेंडा के आवास पहुंची, जहां जपुजी साहिब का पाठ, भजन-कीर्तन और अरदास संपन्न हुई। ‘जो बोले सो निहाल... सत श्री अकाल’ के जयघोष से नगर गुंजायमान रहा। गुरुद्वारा प्रबंधक सुरजीत सिंह मलिकपुर ने बताया कि प्रभात फेरियां 13 अक्तूबर से आरंभ हुई हैं और 03 नवंबर तक जारी रहेंगी। इनका उद्देश्य समाज में प्रेम, शांति और सेवा का संदेश फैलाना है।
3 नवंबर से होंगे अमृत संचार, नगर कीर्तन और समागम
गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व गुरुद्वारा छेवीं व नौवीं पातशाही चीका में धूमधाम से मनाया जाएगा। आयोजन गुरुपर्व प्रबंधक समिति तथा हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सहयोग से किया जा रहा है। गुरुद्वारा मैनेजर सुरजीत सिंह मलिकपुर ने बताया कि तीन नवंबर को अमृत संचार, चार नवंबर को नगर कीर्तन और पांच नवंबर को गुरमत समागम होगा। चार नवंबर को सुबह 10:30 बजे पांच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन गुरुद्वारा परिसर से प्रारंभ होगा, जो बलबेड़ा रोड, नगर खेड़ा, सिनेमा रोड, कैथल रोड, हुड्डा कॉलोनी, हैफेड रोड, डेरा भाग सिंह, महावीर दल, शहीद उधम सिंह चौक और पिहोवा रोड से होता हुआ पुनः गुरुद्वारे तक पहुंचेगा। नगर कीर्तन में गतका पार्टियां अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी, बाहर से बैंड बुलाए गए हैं और स्थानीय स्कूली बच्चे भी भाग लेंगे। पांच नवंबर को सुबह नौ बजे से गुरमत समागम का आयोजन होगा, जिसमें गुरु का दीवान सजाया जाएगा।
विज्ञापन
गुहला चीका। गांव पिहोवा रोड स्थित गुरुद्वारा छेवीं व नौवीं पातशाही ऐतिहासिक रूप से छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब और नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की पावन यात्राओं से जुड़ा हुआ है। यह स्थान उन दोनों गुरुओं की चरण धूल से पवित्र हुआ था।
गुरुद्वारा प्रबंधक सुरजीत सिंह मलिकपुर ने बताया कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी श्री नानक माता साहिब की ओर जाते समय यहां पधारे थे। जब गुरु साहिब डरौली भाई में थे, तब बाबा गुरदित्ता के शिष्य बाबा अलमस्त ने संदेश भेजा कि साधुओं ने गुरुद्वारा नानक माता (श्री गुरु नानक देव जी) पर कब्जा कर लिया है और उसका नाम बदलकर ‘गोरख माता’ रख दिया है। इस संदेश के बाद गुरु साहिब कुरुक्षेत्र मार्ग से होते हुए इस स्थान पर आए थे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी भी दिल्ली जाते समय यहां आए थे। जब कश्मीरी पंडितों ने आनंदपुर साहिब पहुंचकर औरंगजेब के अत्याचारों से मुक्ति की प्रार्थना की, तब गुरु साहिब ने उनके धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने का निर्णय लिया। उसी यात्रा के दौरान वे भाई गलोरा मसंद से मिलने यहां पधारे थे, जो हांसी से हिसार तक के जत्थेदार थे।
विज्ञापन
गुरु साहिब के साथ कुछ अनुयायी भी थे, जो उनके साथ दिल्ली जाना चाहते थे। परंतु गुरु साहिब ने उन्हें रोकते हुए कहा कि जो श्रद्धा से इस स्थान पर आएगा, उसे उनके दर्शन का फल प्राप्त होगा और उसकी मनोकामना पूर्ण होगी।
प्रभात फेरियों से गूंजा नगर ः गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व को लेकर कस्बे में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण है। इसी क्रम में गुरुद्वारा साहिब से प्रभात फेरियों की शुरुआत हुई। संगत ने भजन-कीर्तन करते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया। फेरी भाकियू चढूंनी प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेंडा के आवास पहुंची, जहां जपुजी साहिब का पाठ, भजन-कीर्तन और अरदास संपन्न हुई। ‘जो बोले सो निहाल... सत श्री अकाल’ के जयघोष से नगर गुंजायमान रहा। गुरुद्वारा प्रबंधक सुरजीत सिंह मलिकपुर ने बताया कि प्रभात फेरियां 13 अक्तूबर से आरंभ हुई हैं और 03 नवंबर तक जारी रहेंगी। इनका उद्देश्य समाज में प्रेम, शांति और सेवा का संदेश फैलाना है।
3 नवंबर से होंगे अमृत संचार, नगर कीर्तन और समागम
गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व गुरुद्वारा छेवीं व नौवीं पातशाही चीका में धूमधाम से मनाया जाएगा। आयोजन गुरुपर्व प्रबंधक समिति तथा हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सहयोग से किया जा रहा है। गुरुद्वारा मैनेजर सुरजीत सिंह मलिकपुर ने बताया कि तीन नवंबर को अमृत संचार, चार नवंबर को नगर कीर्तन और पांच नवंबर को गुरमत समागम होगा। चार नवंबर को सुबह 10:30 बजे पांच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन गुरुद्वारा परिसर से प्रारंभ होगा, जो बलबेड़ा रोड, नगर खेड़ा, सिनेमा रोड, कैथल रोड, हुड्डा कॉलोनी, हैफेड रोड, डेरा भाग सिंह, महावीर दल, शहीद उधम सिंह चौक और पिहोवा रोड से होता हुआ पुनः गुरुद्वारे तक पहुंचेगा। नगर कीर्तन में गतका पार्टियां अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी, बाहर से बैंड बुलाए गए हैं और स्थानीय स्कूली बच्चे भी भाग लेंगे। पांच नवंबर को सुबह नौ बजे से गुरमत समागम का आयोजन होगा, जिसमें गुरु का दीवान सजाया जाएगा।

गुरुद्वारा कार्यालय में गुरु पर्व की तैयारी को लेकर जानकारी देते हुए गुरुद्वारा मैनेजर सुरजीत स- फोटो : विधान से पूर्व निकाली गई घटयात्रा। स्रोत: मंदिर