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जिला विकास प्लान-31 को मंजूरी, बस अड्डा, दो नए आरओबी बनेंगे
कैथल
Updated Sun, 23 Mar 2014 12:15 AM IST
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कैथल। हरियाणा सरकार ने कैथल जिले के विकास प्लान-2031 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत जिले में वर्ष 2031 तक 40 सेक्टरों और कई बड़े प्रतिष्ठानों को मंजूरी दी गई है।
इसके तहत बाइस सेक्टरों को रिहायशी और सेक्टर 31 में एक बस अड्डा प्रस्तावित है। प्लान के तहत दो कामर्शियल सेक्टरों सहित कई अन्य उद्देश्यों के लिए जमीन रिजर्व की गई है। नए विकसित होने वाले अधिकतर सेक्टर जींद रोड बाईपास से लेकर करनाल रोड की ओर से होते हुए अंबाला रोड तक काटे जाएंगे। इसके अलावा चंदाना गांव की ओर जींद रोड बाईपास पर सेक्टर-27 और 40 कामर्शियल सेक्टर होंगे।
पिछले प्लान के मुकाबले सात हेक्टेयर ज्यादा
नए नोटिफिकेशन के अनुसार, इस समय कैथल की जनसंख्या दो लाख है, जो कि वर्ष 2031 तक चार लाख 65 हजार हो जाएगी। इसी को देखते हुए 600 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के अनुसार, 3568 हेक्टेयर में शहर के विकास प्लान को मंजूरी दी गई है। जो पिछले प्लान के बजाय करीब 600 से 700 हेक्टेयर ज्यादा है। विकसित होते शहर में नए प्लान के तहत वर्ष 2031 तक कई प्रकार की सुविधाओं का प्रावधान रखा गया है। जिसमें नए उद्योग लगाए जाने सहित नई जनसुविधाएं बिजली, पानी, जनस्वास्थ्य सेवाओं की प्लानिंग की गई है।
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प्लानिंग में बढ़ते शहर की तरक्की गुहला-चीका, अंबाला, करनाल, जींद रोड के बीच में की गई है। प्लानिंग में 3568 में से करीब 50 प्रतिशत इलाके को बतौर रिहायशी इलाके की मंजूरी दी गई है। इसमें 1814 हेक्टेयर में आवासीय, 247 हेक्टेयर में व्यवसायिक 402 हेक्टेयर में औद्योगिक, 227 हेक्टेयर में सार्वजनिक सुविधाओं के लिए, 385 हेक्टेयर में यातायात सुविधाएं, 123 हेक्टेयर में जन उपयोगिताओं के लिए तथा 370 हेक्टेयर में पार्क एवं खुले में विकास परियोजनाओं की प्लानिंग की गई है।
नए प्लान में बाइस सेक्टर रिहायशी
नए प्लान में 22 सेक्टरों को पूरी तरह से रिहायशी सेक्टर रखा गया है। वहीं, 31 सेक्टर में नया बस स्टैंड विकसित किया जाएगा। साथ ही सेक्टर 14 में व्यापार के लिए 33 हेक्टेयर जगह की प्लानिंग की गई है। शहर में करनाल रोड सहित एक और राज्य मार्ग पर दो रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की प्लानिंग को मंजूरी दी गई है।
इस समय क्या है स्थिति
इस समय पुराने शहर को 17 सेक्टरों में विभाजित मानते हुए हुडा ने सेक्टर 19 और 20 को लगभग पूरी तरह से विकसित कर लिया है। वहीं, सेक्टर 18 और 21 काट कर उसका काम भी लगभग पूरा हो गया है। वहीं एक सेक्टर में सनसिटी और एक अन्य में बेस्ट सिटी को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा शेष 19 नए सेक्टर काटे जाएंगे। जो जींद रोड बाईपास से लेकर करनाल रोड बाइपास, ढांड रोड बाईपास, अंबाला रोड बाईपास से ऊपर के इलाकों में काटे जाने की प्लानिंग की गई है। जींद रोड से गांव चंदाना की ओर सेक्टर 27 और 40 प्लान किया गया है। जिसमें इस समय इंडस्ट्रियल एरिया एवं नई मंडी को मंजूरी दी जा चुकी है। नए सेक्टरों के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा।
ये है प्लान
सेक्टर-27 एवं 40 कामर्शियल सेक्टर, 22 सेक्टर पूरी तरह से रिहायशी होंगे, सेक्टर 14 में व्यापार के लिए 33 हेक्टेयर जमीन, दो रेल ओवरब्रिज (आरओबी) और बस अड्डे का निर्माण। अधिकतर सेक्टर जींद रोड बाईपास से लेकर करनाल रोड की ओर से होते हुए अंबाला रोड तक कटेेंगे।
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इसके तहत बाइस सेक्टरों को रिहायशी और सेक्टर 31 में एक बस अड्डा प्रस्तावित है। प्लान के तहत दो कामर्शियल सेक्टरों सहित कई अन्य उद्देश्यों के लिए जमीन रिजर्व की गई है। नए विकसित होने वाले अधिकतर सेक्टर जींद रोड बाईपास से लेकर करनाल रोड की ओर से होते हुए अंबाला रोड तक काटे जाएंगे। इसके अलावा चंदाना गांव की ओर जींद रोड बाईपास पर सेक्टर-27 और 40 कामर्शियल सेक्टर होंगे।
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पिछले प्लान के मुकाबले सात हेक्टेयर ज्यादा
नए नोटिफिकेशन के अनुसार, इस समय कैथल की जनसंख्या दो लाख है, जो कि वर्ष 2031 तक चार लाख 65 हजार हो जाएगी। इसी को देखते हुए 600 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के अनुसार, 3568 हेक्टेयर में शहर के विकास प्लान को मंजूरी दी गई है। जो पिछले प्लान के बजाय करीब 600 से 700 हेक्टेयर ज्यादा है। विकसित होते शहर में नए प्लान के तहत वर्ष 2031 तक कई प्रकार की सुविधाओं का प्रावधान रखा गया है। जिसमें नए उद्योग लगाए जाने सहित नई जनसुविधाएं बिजली, पानी, जनस्वास्थ्य सेवाओं की प्लानिंग की गई है।
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प्लानिंग में बढ़ते शहर की तरक्की गुहला-चीका, अंबाला, करनाल, जींद रोड के बीच में की गई है। प्लानिंग में 3568 में से करीब 50 प्रतिशत इलाके को बतौर रिहायशी इलाके की मंजूरी दी गई है। इसमें 1814 हेक्टेयर में आवासीय, 247 हेक्टेयर में व्यवसायिक 402 हेक्टेयर में औद्योगिक, 227 हेक्टेयर में सार्वजनिक सुविधाओं के लिए, 385 हेक्टेयर में यातायात सुविधाएं, 123 हेक्टेयर में जन उपयोगिताओं के लिए तथा 370 हेक्टेयर में पार्क एवं खुले में विकास परियोजनाओं की प्लानिंग की गई है।
नए प्लान में बाइस सेक्टर रिहायशी
नए प्लान में 22 सेक्टरों को पूरी तरह से रिहायशी सेक्टर रखा गया है। वहीं, 31 सेक्टर में नया बस स्टैंड विकसित किया जाएगा। साथ ही सेक्टर 14 में व्यापार के लिए 33 हेक्टेयर जगह की प्लानिंग की गई है। शहर में करनाल रोड सहित एक और राज्य मार्ग पर दो रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की प्लानिंग को मंजूरी दी गई है।
इस समय क्या है स्थिति
इस समय पुराने शहर को 17 सेक्टरों में विभाजित मानते हुए हुडा ने सेक्टर 19 और 20 को लगभग पूरी तरह से विकसित कर लिया है। वहीं, सेक्टर 18 और 21 काट कर उसका काम भी लगभग पूरा हो गया है। वहीं एक सेक्टर में सनसिटी और एक अन्य में बेस्ट सिटी को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा शेष 19 नए सेक्टर काटे जाएंगे। जो जींद रोड बाईपास से लेकर करनाल रोड बाइपास, ढांड रोड बाईपास, अंबाला रोड बाईपास से ऊपर के इलाकों में काटे जाने की प्लानिंग की गई है। जींद रोड से गांव चंदाना की ओर सेक्टर 27 और 40 प्लान किया गया है। जिसमें इस समय इंडस्ट्रियल एरिया एवं नई मंडी को मंजूरी दी जा चुकी है। नए सेक्टरों के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा।
ये है प्लान
सेक्टर-27 एवं 40 कामर्शियल सेक्टर, 22 सेक्टर पूरी तरह से रिहायशी होंगे, सेक्टर 14 में व्यापार के लिए 33 हेक्टेयर जमीन, दो रेल ओवरब्रिज (आरओबी) और बस अड्डे का निर्माण। अधिकतर सेक्टर जींद रोड बाईपास से लेकर करनाल रोड की ओर से होते हुए अंबाला रोड तक कटेेंगे।