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गांव मटौर की छात्राएं गंदे पानी से गुजरकर पहुंच रहीं स्कूल
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Girls of village Mataur reaching school by passing through dirty water
- फोटो : Kaithal
गांव मटौर की छात्राओं को पढ़ाई-लिखाई के लिए आए दिन गंदे पानी का लंबा रास्ता पार करना पड़ रहा है। सरकारी स्कूल की मुख्य गली पिछले करीब एक माह से बरसाती पानी से लबालब है। अन्य शिक्षण संस्थानों में पहुंचने के लिए भी इस मार्ग से निकलना पड़ता है। विवशता में छात्राएं हाथों में जूते-चप्पल उठाकर स्कूल आती-जाती हैं। इन दयनीय हालातों से ग्रामीण बेहद मायूस हैं।
बुुजुर्ग गांधी राम, गजे सिंह, सुरेश कुमार, रणधीर सिंह, रामकुमार, रामचंद्र और दूसरे ग्रामीणों का कहना है कि निकासी की व्यवस्था न होने के कारण मुख्य रूप से छात्राओं को स्कूल पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्कूल के सामने गली और खेल स्टेडियम पूरी तरह गंदे पानी से जलमग्न है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार शासन-प्रशासन से फरियाद लगा चुके हैं। बावजूद इसके समस्या जस की तस है। छात्राओं का कहना है कि इस प्रकार की बद से बदतर स्थिति वे पहली बार देख रहे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिरकार निकासी को लेकर कलायत प्रशासन और नेता गंभीर क्यों नहीं हैं। छात्राओं ने मुख्यमंत्री से गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
मटौर गांव के निवर्तमान सरपंच पिरथी सिंह ने बताया कि जिस दौरान पंचायत की शक्ति सरपंचों के पास थी उस दौरान निकासी की व्यवस्था के लिए इंजन और दूसरे संसाधनों की मजबूत व्यवस्था की जाती थी। वर्तमान में हालात बेहद गंभीर हैं। हर किसी को जल भराव की भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
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बुुजुर्ग गांधी राम, गजे सिंह, सुरेश कुमार, रणधीर सिंह, रामकुमार, रामचंद्र और दूसरे ग्रामीणों का कहना है कि निकासी की व्यवस्था न होने के कारण मुख्य रूप से छात्राओं को स्कूल पहुंचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्कूल के सामने गली और खेल स्टेडियम पूरी तरह गंदे पानी से जलमग्न है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार शासन-प्रशासन से फरियाद लगा चुके हैं। बावजूद इसके समस्या जस की तस है। छात्राओं का कहना है कि इस प्रकार की बद से बदतर स्थिति वे पहली बार देख रहे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिरकार निकासी को लेकर कलायत प्रशासन और नेता गंभीर क्यों नहीं हैं। छात्राओं ने मुख्यमंत्री से गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
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मटौर गांव के निवर्तमान सरपंच पिरथी सिंह ने बताया कि जिस दौरान पंचायत की शक्ति सरपंचों के पास थी उस दौरान निकासी की व्यवस्था के लिए इंजन और दूसरे संसाधनों की मजबूत व्यवस्था की जाती थी। वर्तमान में हालात बेहद गंभीर हैं। हर किसी को जल भराव की भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
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