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निजी क्षेत्र के लोगों के नाम कर दी हड़प्पा संस्कृति से जुड़ी धरोहर की गिरदावरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2022 02:15 AM IST
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Girdawari of heritage related to Harappan culture done in the name of private sector people
कलायत (कैथल)। गांव बालू में प्राचीन हड़प्पा संस्कृति से जुड़ी धरोहर की गिरदावरी को निजी क्षेत्र के लोगों के नाम करने का मामला सामने आया है। इसमें पुरातात्विक स्थल टीले की कुल 13 एकड़ 5 कनाल 9 मरले भूमि की राजस्व विभाग ने कुछ लोगों के नाम की है। इसको लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने धरोहर से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड की समीक्षा का सिलसिला शुरू किया।
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दल उस समय हैरान रह गया जब राजस्व विभाग की वर्ष 2019-2020 की जमाबंदी में बालू टीला की गिरदावरी निजी क्षेत्र में 13 लोगों के नाम मिली। हालांकि भारत सरकार ने 25 नवंबर 2009 को 17/24-87/3466 नंबर तहत उक्त भूमि का इंतकाल पुरातत्व विभाग के नाम दर्ज करने की अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत छह सितंबर 2018 को भूमि का इंतकाल प्राचीन पुरातात्विक स्थल टीला के नाम दर्ज हुआ।
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नायब तहसीलदार हरिंद्र पाल ने बताया कि यह मामला फिलहाल उनके संज्ञान में आया है। राजस्व विभाग के कानूनगो और पटवारियों से बालू टीला से जुड़े मामले की रिपोर्ट ली जाएगी। इसमें ब्यूरो की जिला कैथल इकाई के चेयरमैन महेंद्र धानियां, कैथल सीएलजी चेयरमैन रुलदू राम, दलशेर सिंह, राजपाल सिंह, हवा सिंह, सुरेश लोधर, चांदी राम रंगा और मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अन्य सदस्य शामिल थे।
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