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Kaithal News: भारत ही नहीं, विश्व में भी है गीता की गूंज ः लीला राम
Thu, 12 Dec 2024 01:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 12 Dec 2024 01:09 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भाई उदय सिंह किला परिसर में आयोजित तीन दिवसीय गीता महोत्सव का बुधवार को समापन हो गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक लीला राम ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं, बल्कि विश्व में आज गीता की गूंज है। पांच हजार वर्ष पहले श्रीकृष्ण ने हरियाणा में कुरुक्षेत्र की धरती से गीता का उपदेश दिया था। यहां अधर्म के खिलाफ धर्म की जीत हुई थी। गीता के उपदेश पर चलकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। पूर्व विधायक ने दीप प्रज्ज्वलित करके सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया।
पूर्व विधायक लीला राम ने कहा कि गीता के संदेश पूरी दुनिया में विख्यात हैं, इसलिए तो हिंदुस्तान को विश्व गुरु माना जाता रहा है। हमारी संस्कृति में समाहित आदर्श और संस्कार भावी पीढ़ी को भी पौराणिक दृष्टि से हर कदम पर कुछ नया देते हैं। यह हमारा पवित्र ग्रंथ है, इससे हमें कुछ नया करने की सीख मिलती है। भावी पीढ़ी को सामाजिक मूल्यों के प्रति प्रेरित करने के दृष्टिगत आध्यात्मिक साहित्य घरों में अवश्य होना चाहिए। गीता के आध्यात्मिक और पौराणिक सार जहां एक और हमारी संस्कृति को प्रदर्शित और परिभाषित करते हैं, वहीं दूसरी और सामाजिक और नैतिक मूल्यों को सहेजते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं, इसलिए हमें गीता के श्लोकों को अंगीकृत करते हुए जीवन में अनुकरणीय बदलाव लाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि गीता तो जीने का आधार है। सभी को गीता के संदेशों पर अपने जीवन में अमल करना चाहिए, ताकि वे सद्मार्ग के रास्ते पर चलकर समाज का उत्थान कर सके। भाई उदय सिंह किला परिसर में आयोजित किए जा रहे जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह में इसी संदेश को फैलाने का कार्य किया जा रहा है। हम सभी को चाहिए गीता की सार्थकता को आगे बढ़ाते हुए सभ्य समाज की संरचना में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अध्यात्मिक दृष्टिकोण से गीता जयंती महोत्सव मनाया जाता है। इस महोत्सव से आमजन को अपनी आध्यात्मिक परंपरा का ज्ञान मिलता है। इसके साथ ही युवा पीढ़ी को भी सद्मार्ग पर चलने का संदेश मिलता है। संध्या कार्यक्रम में जगतार आर्ट्स ग्रुप ने राधा-कृष्ण की झांकियों सहित नृत्य की प्रस्तुतियों ने सभी मन मोह लिया। उनके द्वारा गाए गए भजनों पर सभी भक्तिमय हो गए। उन्होंने अपनी धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को अपने मोहपाश में बांधने का कार्य किया। इसके साथ ही पंडाल में बैठे व्यक्तियों को अपने साथ भक्ति की धारा में बहाकर शामिल किया।
डीएवी स्कूल सीवन, सुपार्श्व जैन पब्लिक स्कूल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा धार्मिक प्रस्तुति दी। बच्चों ने एक से एक बढ़कर प्रस्तुति दी। इस मौके पर जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव में सहयोग करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर एसडीएम सत्यवान सिंह मान व अजय कुमार, डीआईपीआरओ नसीब सैनी, रामकुमार नैन, अशोक सैनी, राजू डोहर, लीलू सैनी, वीरेंद्र बत्रा, लोकेंद्र सिंह, हैप्पी, सरपंच जसबीर, राहुल खुराना, राजेन्द्र ठाकुर, जग्गा राम सैनी, अशोक भारती, अनिल आहूजा, कुशल पाल सैन आदि मौजूद रहे।
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कैथल। भाई उदय सिंह किला परिसर में आयोजित तीन दिवसीय गीता महोत्सव का बुधवार को समापन हो गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक लीला राम ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं, बल्कि विश्व में आज गीता की गूंज है। पांच हजार वर्ष पहले श्रीकृष्ण ने हरियाणा में कुरुक्षेत्र की धरती से गीता का उपदेश दिया था। यहां अधर्म के खिलाफ धर्म की जीत हुई थी। गीता के उपदेश पर चलकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। पूर्व विधायक ने दीप प्रज्ज्वलित करके सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया।
पूर्व विधायक लीला राम ने कहा कि गीता के संदेश पूरी दुनिया में विख्यात हैं, इसलिए तो हिंदुस्तान को विश्व गुरु माना जाता रहा है। हमारी संस्कृति में समाहित आदर्श और संस्कार भावी पीढ़ी को भी पौराणिक दृष्टि से हर कदम पर कुछ नया देते हैं। यह हमारा पवित्र ग्रंथ है, इससे हमें कुछ नया करने की सीख मिलती है। भावी पीढ़ी को सामाजिक मूल्यों के प्रति प्रेरित करने के दृष्टिगत आध्यात्मिक साहित्य घरों में अवश्य होना चाहिए। गीता के आध्यात्मिक और पौराणिक सार जहां एक और हमारी संस्कृति को प्रदर्शित और परिभाषित करते हैं, वहीं दूसरी और सामाजिक और नैतिक मूल्यों को सहेजते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं, इसलिए हमें गीता के श्लोकों को अंगीकृत करते हुए जीवन में अनुकरणीय बदलाव लाने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि गीता तो जीने का आधार है। सभी को गीता के संदेशों पर अपने जीवन में अमल करना चाहिए, ताकि वे सद्मार्ग के रास्ते पर चलकर समाज का उत्थान कर सके। भाई उदय सिंह किला परिसर में आयोजित किए जा रहे जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह में इसी संदेश को फैलाने का कार्य किया जा रहा है। हम सभी को चाहिए गीता की सार्थकता को आगे बढ़ाते हुए सभ्य समाज की संरचना में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अध्यात्मिक दृष्टिकोण से गीता जयंती महोत्सव मनाया जाता है। इस महोत्सव से आमजन को अपनी आध्यात्मिक परंपरा का ज्ञान मिलता है। इसके साथ ही युवा पीढ़ी को भी सद्मार्ग पर चलने का संदेश मिलता है। संध्या कार्यक्रम में जगतार आर्ट्स ग्रुप ने राधा-कृष्ण की झांकियों सहित नृत्य की प्रस्तुतियों ने सभी मन मोह लिया। उनके द्वारा गाए गए भजनों पर सभी भक्तिमय हो गए। उन्होंने अपनी धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को अपने मोहपाश में बांधने का कार्य किया। इसके साथ ही पंडाल में बैठे व्यक्तियों को अपने साथ भक्ति की धारा में बहाकर शामिल किया।
डीएवी स्कूल सीवन, सुपार्श्व जैन पब्लिक स्कूल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा धार्मिक प्रस्तुति दी। बच्चों ने एक से एक बढ़कर प्रस्तुति दी। इस मौके पर जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव में सहयोग करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर एसडीएम सत्यवान सिंह मान व अजय कुमार, डीआईपीआरओ नसीब सैनी, रामकुमार नैन, अशोक सैनी, राजू डोहर, लीलू सैनी, वीरेंद्र बत्रा, लोकेंद्र सिंह, हैप्पी, सरपंच जसबीर, राहुल खुराना, राजेन्द्र ठाकुर, जग्गा राम सैनी, अशोक भारती, अनिल आहूजा, कुशल पाल सैन आदि मौजूद रहे।