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सातवें दिन भी नहीं हुआ शिव कॉलोनी निवासी दो भाइयों के शवों का अंतिम संस्कार
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। गांव कुतुबपुर में तालाब से मछली पकड़ने गए शिव कॉलोनी निवासी दो भाइयों की हत्या के सात दिन बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। मांगाें पर अड़े परिजन एसपी शशांक सावन से मिले और अपनी शर्तें रखीं। एसपी ने नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं परिजन आज अंतिम संस्कार करेंगे या करनाल जाकर प्रदर्शन करेंगे। यह फैसला देर रात होने वाली बैठक में लिया जाएगा। जिसके बारे में मंगलवार की सुबह समाज के लोगों को जानकारी दी जाएगी। परिजनों की मांग के अनुसार हत्या के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट भी जोड़ दिया गया। सोमवार को करीब सवा आठ लाख रुपये की सहायता राशि के लिए कागजात खजाना कार्यालय में जमा करवा दिए गए हैं। जहां से शीघ्र ही दोनों के खाते में यह राशि भेजी जाएगी।
शिव कॉलोनी पहुंच महापंचायत के प्रतिनिधियों ने बनाई आगामी रणनीति- एक तरफ प्रशासन द्वारा मामले को लेकर मृतकों के परिजनों की मांगों पर कार्रवाई जारी रही। वहीं दूसरी ओर शिव कॉलोनी में पहुंचकर हरियाणा वाल्मीकि महापंचायत के प्रतिनिधियों व अन्य लोगों ने परिजनों की मांगों को लेकर आगामी रणनीति पर विचार किया। मृतकों के परिवार के सदस्यों को नौकरी दिलाने और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत कीं। शाम को करीब साढ़े पांच बजे परिजन व उनके समर्थन में आए लोग एसपी कार्यालय में पहुंचे। महापंचायत के वाइस चेयरमैन मुकेश कुमार, संजय बेदी, जयदेव पाई, पौदा पहलवान, नरेश सजूमा, फूलसिंह गौतम, रामभज सीणंद, कपूरा जुलानीखेड़ा व प्रदीप कुमार ने एसपी से मांग की कि रोष प्रदर्शन के दौरान जाम लगाने वाले लोगों पर कार्रवाई न की जाए। अन्य मांगों में शस्त्र लाइसेंस भी देने की मांग की।
एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि शाम को उनके पास मामले के संबंध में कुछ लोग आए थे। उनकी मुख्य मांग जाम लगाने वालों पर कार्रवाई नहीं करने की थी। इस बारे में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जो भी संभव होगा वह किया जाएगा।
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आज तय होगा शवों का संस्कार करेंगे या नहीं- संघर्ष समिति में शामिल एडवोकेट रजत कल्सन ने कहा कि परिजन मंगलवार को दोनों का अंतिम संस्कार करेंगे या करनाल जाकर प्रदर्शन करेंगे, इस संबंध में सोमवार रात को विचार-विमर्श कर सुबह समाज के लोगों को बता दिया जाएगा। मृतक शिव कॉलोनी निवासी अनिल व बंटी के शव इस समय अस्पताल में हैं। उन्होंने कहा कि अगर सीएम आवास का घेराव कैंसिल होता है तो शवों का संस्कार करवाया जाएगा।
पुलिस सुरक्षा में हैं शव-जिला अस्पताल में दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम हाउस में रखे गए हैं। जहां सिविल लाइन पुलिस द्वारा निरंतर ड्यूटी दी जा रही है। दोनों के शव फ्रिजर में रखे हैं।
ये था मामला- गत 6 दिसंबर की रात को गांव कुतुबपुर के तालाब में मछली पकड़ने के विवाद में अनिल, बंटी व उनके एक अन्य साथी के मारपीट हुई थी। इस घटना के दो दिन बाद अनिल की मौत हो गई थी। परिजनों ने पिहोवा चौक पर जाम लगाकर हत्या के आरोप में केस दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद 9 दिसंबर को बंटी का शव भी गांव कुतुबपुर के तालाब से मिला था। जिसमें परिजनों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस इस मामले में दोनों आरोपी ठेकेदारों को गिरफ्तार कर चुकी है। परिजन अब मुआवजा देने, परिवार से एक-एक को सरकारी नौकरी देने, शस्त्र लाइसेंस देने, जाम लगाने पर कार्रवाई न किए जाने जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं और सात दिन से अंतिम संस्कार ना करने पर अड़े हैं।
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शिव कॉलोनी पहुंच महापंचायत के प्रतिनिधियों ने बनाई आगामी रणनीति- एक तरफ प्रशासन द्वारा मामले को लेकर मृतकों के परिजनों की मांगों पर कार्रवाई जारी रही। वहीं दूसरी ओर शिव कॉलोनी में पहुंचकर हरियाणा वाल्मीकि महापंचायत के प्रतिनिधियों व अन्य लोगों ने परिजनों की मांगों को लेकर आगामी रणनीति पर विचार किया। मृतकों के परिवार के सदस्यों को नौकरी दिलाने और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत कीं। शाम को करीब साढ़े पांच बजे परिजन व उनके समर्थन में आए लोग एसपी कार्यालय में पहुंचे। महापंचायत के वाइस चेयरमैन मुकेश कुमार, संजय बेदी, जयदेव पाई, पौदा पहलवान, नरेश सजूमा, फूलसिंह गौतम, रामभज सीणंद, कपूरा जुलानीखेड़ा व प्रदीप कुमार ने एसपी से मांग की कि रोष प्रदर्शन के दौरान जाम लगाने वाले लोगों पर कार्रवाई न की जाए। अन्य मांगों में शस्त्र लाइसेंस भी देने की मांग की।
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एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि शाम को उनके पास मामले के संबंध में कुछ लोग आए थे। उनकी मुख्य मांग जाम लगाने वालों पर कार्रवाई नहीं करने की थी। इस बारे में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जो भी संभव होगा वह किया जाएगा।
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आज तय होगा शवों का संस्कार करेंगे या नहीं- संघर्ष समिति में शामिल एडवोकेट रजत कल्सन ने कहा कि परिजन मंगलवार को दोनों का अंतिम संस्कार करेंगे या करनाल जाकर प्रदर्शन करेंगे, इस संबंध में सोमवार रात को विचार-विमर्श कर सुबह समाज के लोगों को बता दिया जाएगा। मृतक शिव कॉलोनी निवासी अनिल व बंटी के शव इस समय अस्पताल में हैं। उन्होंने कहा कि अगर सीएम आवास का घेराव कैंसिल होता है तो शवों का संस्कार करवाया जाएगा।
पुलिस सुरक्षा में हैं शव-जिला अस्पताल में दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम हाउस में रखे गए हैं। जहां सिविल लाइन पुलिस द्वारा निरंतर ड्यूटी दी जा रही है। दोनों के शव फ्रिजर में रखे हैं।
ये था मामला- गत 6 दिसंबर की रात को गांव कुतुबपुर के तालाब में मछली पकड़ने के विवाद में अनिल, बंटी व उनके एक अन्य साथी के मारपीट हुई थी। इस घटना के दो दिन बाद अनिल की मौत हो गई थी। परिजनों ने पिहोवा चौक पर जाम लगाकर हत्या के आरोप में केस दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद 9 दिसंबर को बंटी का शव भी गांव कुतुबपुर के तालाब से मिला था। जिसमें परिजनों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस इस मामले में दोनों आरोपी ठेकेदारों को गिरफ्तार कर चुकी है। परिजन अब मुआवजा देने, परिवार से एक-एक को सरकारी नौकरी देने, शस्त्र लाइसेंस देने, जाम लगाने पर कार्रवाई न किए जाने जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं और सात दिन से अंतिम संस्कार ना करने पर अड़े हैं।