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चहारदीवारी से आसमान तक : भानपुरा की प्रियंका बनीं ड्रोन दीदी

Sat, 29 Nov 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 29 Nov 2025 12:49 AM IST
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From the walls to the sky: Priyanka from Bhanpura becomes Drone Didi
ड्रोन के साथ खेत में खड़ी प्रियंका देवी।
कपिल तंवर
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कैथल। गांव भानपुरा की प्रियंका देवी की जिंदगी कभी घर की चहारदीवारी तक सिमटकर रह गई थी। परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए मन में आत्मनिर्भर बनने की चाह लगातार जगती रही। यही सोच एक दिन उनकी जिंदगी का मोड़ बन गई। आज प्रियंका अपने क्षेत्र में ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानी जाती हैं और दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

ड्रोन के जरिए उर्वरक और रसायन का छिड़काव करने के लिए वे गांव-गांव जाती हैं। मेहनत और संघर्ष आज भी है, लेकिन खुद को सबल बनाने का उनका सपना पूरा हो चुका है। पिछले दो वर्षों में वे अपने परिवार के लिए आर्थिक संबल बन गई हैं और महीने में करीब 12 हजार रुपये तक की कमाई करती हैं।
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प्रियंका बताती हैं कि उनका सफर आसान नहीं था। शुरुआत उन्होंने गांव के स्वयं सहायता समूह से की। उस समय कई लोग ताने देते थे कि इससे क्या हासिल होगा। इसी दौरान उन्हें नमो ड्रोन दीदी योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने प्रशिक्षण लेने की इच्छा जताई और चयनित भी हो गईं। लगभग 16 दिनों का गुरुग्राम में प्रशिक्षण पूरा किया।
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बदलाव तब आया जब उन्हें योजना के तहत ऑटो ड्रोन मिला। वे प्रति एकड़ 300 रुपये चार्ज लेती हैं और उनके साथ एक सहयोगी भी होता है। प्रियंका ड्रोन को छिड़काव से पहले तैयार करती हैं। किसान के खेत की पहले मैपिंग होती है, जिससे पूरे क्षेत्र का डेटा ड्रोन में सेट हो जाता है। इसके बाद उर्वरक छिड़काव की प्रक्रिया शुरू होती है। संवाद

ड्रोन से बढ़ी आय, किसानों को मिला बड़ा लाभ

प्रियंका बताती हैं कि उन्होंने छोटे खेत से शुरुआत की थी। आज वे सिर्फ 10 मिनट में एक एकड़ में छिड़काव कर लेती हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ी है और किसानों को भी फायदा मिल रहा है। पहले किसान खुद खेतों में जाकर उर्वरक का छिड़काव करते थे, कई बार खेत की स्थिति खराब होने पर वे कुछ हिस्सों तक पहुंच भी नहीं पाते थे। छिड़काव भी असमान हो जाता था। अब ड्रोन से यह काम न सिर्फ सटीक हो रहा है, बल्कि समय और मेहनत भी बच रही है।






दो साल पहले शुरू हुई थी

नमो ड्रोन दीदी योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 नवंबर 2023 को ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सशक्त बनाना है, इस योजना में शामिल होने के लिए किसी भी महिला को सबसे पहले स्वयं सहायता समूह से जुड़ना होता है, इसमें ट्रेनिंग के बाद महिलाओं को ड्रोन के साथ एक पैकेज दिया जाता है। इस पैकेज में तरल कीटनाशकों और उर्वरकों के छिड़काव के लिए स्प्रे असेंबल एक बुनियादी ड्रोन, एक बैटरी सेट, एक ड्रोन कैरी बॉक्स, एक दोहरे चैनल वाला बैटरी चार्जर, कैमरा, एनीमोमीटर, बैटरी चार्जर हब होता है, एक साल की वारंटी, दो साल का वार्षिक रखरखाव और व्यापक बीमा के साथ पीएच मीटर होता है. ड्रोन दीदी बनने के लिए महिलाओं को सबसे पहले स्वयं सहायता समूह का हिस्सा बनना पड़ता है।

ड्रोन के साथ खेत में खड़ी प्रियंका देवी।

ड्रोन के साथ खेत में खड़ी प्रियंका देवी।

ड्रोन के साथ खेत में खड़ी प्रियंका देवी।

ड्रोन के साथ खेत में खड़ी प्रियंका देवी।

ड्रोन के साथ खेत में खड़ी प्रियंका देवी।

ड्रोन के साथ खेत में खड़ी प्रियंका देवी।

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