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Kaithal News: हाईकोर्ट के आदेश के बाद कमालपुर में निशानदेही रुकी

Fri, 07 Nov 2025 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 07 Nov 2025 12:08 AM IST
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Following the High Court order, the marking in Kamalpur was halted.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। गांव कमालपुर में श्मशान घाट के लिए आरक्षित जमीन के खसरा नंबर 133 के इस्तेमाल पर दो पक्षों के बीच कई वर्षों से चला विवाद कम नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट पवन शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम खसरा नंबर 133 की निशानदेही के लिए मौके पर पहुंची।
हालांकि निशानदेही शुरू करने से पहले ही दूसरे पक्ष के ग्रामीणों कुलदीप, बलकार, संदीप, राजेश आदि ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट को हाई कोर्ट के आदेश सौंप दिए। जिसके कारण प्रशासन की टीम को बिना निशानदेही के ही वापस लौटना पड़ा और गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। पहले पक्ष के ग्रामीणों साधु राम, राजेश, बालकिशन, मनीराम, आशीष कुमार, राजा राम आदि का दावा है कि वे सैकड़ों वर्षों से संडील रोड स्थित मोदनाथ कुटिया के पास की खसरा नंबर 133 भूमि पर ही अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं।
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उनका यह भी कहना है कि निदेशक, भू-अभिलेख हरियाणा ने इस भूमि को श्मशान घाट के रूप में जमाबंदी में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके विपरीत, दूसरे पक्ष का कहना है कि रेवेन्यू रिकॉर्ड के अनुसार श्मशान भूमि के लिए खसरा नंबर 183-184 आरक्षित है, और हाई कोर्ट ने भी इसी नंबर की भूमि में अंतिम संस्कार करने का आदेश दिया है। इस कानूनी पेंच के कारण फिलहाल निशानदेही का काम रुक गया है।
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