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पांच चिकित्सकों की जरूरत, एक महिला चिकित्सक संभाल रहीं हैं कार्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 01:27 AM IST
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Five doctors are needed, one female doctor is handling the work
Five doctors are needed, one female doctor is handling the work - फोटो : Kaithal
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच और इलाज के लिए डॉक्टर पूरे नहीं होने के कारण महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक दिन में होने वाले जांच के कार्य के लिए महिलाओं को कई-कई दिन चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। महिलाओं को जांच कक्ष के बाहर बैठकर घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो भीड़ इतनी ज्यादा हो जाती है कि महिलाओं को बैठने के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता है।
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जिला अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञों अर्थात गायनी डॉक्टर के पांच पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल एक ही पद पर विशेषज्ञ हैं। मौजूदा डॉक्टर को भी मरीजों को देखने के अलावा प्रशासनिक और अन्य तरह के काम करने पड़ते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं की जांच, इलाज व डिलीवरी के अन्य डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो विशेषज्ञ नहीं हैं, या फिर निजी चिकित्सकों को बुलाकर जैसे-तैसे काम चलाना पड़ रहा है।
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रोजाना होती है करीब 150 महिलाओं की जांच
अस्पताल में रोजाना करीब 150 महिलाओं की जांच होती हैं। एक दर्जन से ज्यादा डिलीवरी में से दो या तीन सीजेरियन डिलीवरी होती हैं। अगर गायनी डॉक्टर किसी सीजेरियन महिला की डिलीवरी के लिए चली जाए तो ऐसे में अस्पताल में किराये पर बुलाई गई निजी डॉक्टरों से महिलाओं की जांच करवाई जा रही है। इसके अलावा एक परेशानी ये भी है कि अगर किसी महिला को एक बार देखने के बाद डॉक्टर उसे अल्ट्रासाउंड के लिए कह दे तो दोबारा रिपोर्ट दिखाने तक समय समाप्त हो जाता है, जिस कारण महिलाओं को अगले दिन फिर से अस्पताल में आना पड़ता है।
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जिला नागरिक अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रेनू चावला ने बताया कि डॉक्टरों की नियुक्ति के बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। फिलहाल जरूरत पड़ने पर निजी व दूसरे अस्पतालों के डॉक्टरों से सहायता ली जा रही है ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। स्थानीय अधिकारियों द्वारा समय-समय पर अधिकारियों को स्थिति के बारे में अवगत करवाया जा रहा है।
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