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खरीद, तोल और लदान न होने से खफा किसानों ने लगाया पूंडरी-राजौंद मार्ग पर जाम
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Farmers upset due to lack of purchase, weighing and loading, jammed the Poondri-Rajaund road
- फोटो : Kaithal
पाई की अनाज मंडी में कई दिन तक धान की खरीद न होने, तोल न होने व लदान का कार्य न होने से खफा किसानों ने बुधवार को मंडी के सामने पूंडरी-राजौंद मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर जब मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह मौके पर पहुंचे तो किसानों ने जाम खोलने से मना कर दिया और कहा कि जब तक उनकी बिकी हुई फसल को तोलने के लिए बारदाना नहीं पहुंचेगा, तब तक जाम लगा रहेगा। पूंडरी थाना प्रभारी ने भी मौके पर पहुंच जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माने। जाम की सूचना से खरीद एजेंसी के हाथ पांव फूल गए और ढांड से किसानों की फसल तोलने के लिए 6 हजार बोरी तत्काल भिजवाई। बारदाना आने के उपरांत किसानों ने जाम खोल दिया।
किसानों ने बताया कि मंडी में उनकी धान की फसल को खरीदने के लिए कोई भी राइस मिल या सरकारी खरीद एजेंसी के अधिकारी नहीं आते। खरीद होनेे बाद उनकी फसल कई-कई दिन नहीं तुलती। जब आढ़ती खरीद एजेंसी के अधिकारियों से बात करते हैं तो वे बारदाना न होने के कह कर टाल देते हैं।
मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह ने बताया कि किसानों ने बिकी हुई धान की फसल का उठान होने के चलते जाम लगाया। फसल को तोलने व भरने के लिए 6 हजार कट्टे पहुंच गए हैं। कैथल से भी कुछ बारदाना रात तक आ जाएगा। किसानों की बिकी हुई सारी फसल का जल्द लदान करवाया जाएगा।
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गत दिवस तक जिला की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों द्वारा 6 लाख 62 हजार 781 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा सबसे अधिक 3 लाख 34 हजार 796 मीट्रिक टन धान खरीदी गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले की मंडियों में 5 लाख 4 हजार 423 मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज हुई थी।
डीसी प्रदीप दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में विभिन्न स्थानों पर संचालित मंडियों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीद की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में उचित प्रबंध भी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक 6 लाख 62 हजार 781 मीट्रिक टन धान की खरीद कर ली गई है। इसमें 3 लाख 34 हजार 796 मीट्रिक टन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा, 1 लाख 76 हजार 478 मीट्रिक टन हैफेड द्वारा, 207 मीट्रिक टन भारतीय खाद्य निगम द्वारा और 1 लाख 51 हजार 300 मीट्रिक टन हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा खरीदी गई है। मंडियों से खरीदी गई धान का उठान भी किया जा रहा है। अभी तक 5 लाख 52 हजार 298 मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसान अपने नजदीक बने कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से कृषि यंत्रों के माध्यम से धान की कटाई के बाद बचने वाले अवशेषों का प्रबंधन करवाएं, ताकि आय बढ़ सके।
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किसानों ने बताया कि मंडी में उनकी धान की फसल को खरीदने के लिए कोई भी राइस मिल या सरकारी खरीद एजेंसी के अधिकारी नहीं आते। खरीद होनेे बाद उनकी फसल कई-कई दिन नहीं तुलती। जब आढ़ती खरीद एजेंसी के अधिकारियों से बात करते हैं तो वे बारदाना न होने के कह कर टाल देते हैं।
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मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह ने बताया कि किसानों ने बिकी हुई धान की फसल का उठान होने के चलते जाम लगाया। फसल को तोलने व भरने के लिए 6 हजार कट्टे पहुंच गए हैं। कैथल से भी कुछ बारदाना रात तक आ जाएगा। किसानों की बिकी हुई सारी फसल का जल्द लदान करवाया जाएगा।
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गत दिवस तक जिला की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों द्वारा 6 लाख 62 हजार 781 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा सबसे अधिक 3 लाख 34 हजार 796 मीट्रिक टन धान खरीदी गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले की मंडियों में 5 लाख 4 हजार 423 मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज हुई थी।
डीसी प्रदीप दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में विभिन्न स्थानों पर संचालित मंडियों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीद की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में उचित प्रबंध भी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक 6 लाख 62 हजार 781 मीट्रिक टन धान की खरीद कर ली गई है। इसमें 3 लाख 34 हजार 796 मीट्रिक टन खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा, 1 लाख 76 हजार 478 मीट्रिक टन हैफेड द्वारा, 207 मीट्रिक टन भारतीय खाद्य निगम द्वारा और 1 लाख 51 हजार 300 मीट्रिक टन हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा खरीदी गई है। मंडियों से खरीदी गई धान का उठान भी किया जा रहा है। अभी तक 5 लाख 52 हजार 298 मीट्रिक टन धान का उठान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसान अपने नजदीक बने कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से कृषि यंत्रों के माध्यम से धान की कटाई के बाद बचने वाले अवशेषों का प्रबंधन करवाएं, ताकि आय बढ़ सके।