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Kaithal News: खरीद शुरू होने में देरी से किसानों को झटका
Sun, 22 Sep 2024 03:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 22 Sep 2024 03:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकारी खरीद शुरू होने में देरी से किसानों को झटका लगा है। बता दें कि अब एक अक्तूबर से विभिन्न एजेंसियों ने धान की सरकारी खरीद की जानी है। इस समय 1509 किस्म के साथ पीआर किस्म के धान की आवक भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में किसानों को भाव भी कम मिल रहे हैं। अब 2900 रुपये के करीब दाम मिल रहा।
गौरतलब है कि इस समय कैथल अनाज मंडी में 1509 किस्म के धान की आवक हो रही है। वहीं, पीआर हाइब्रिड भी आने लगी है, लेकिन सरकारी खरीद एक अक्तूबर से होने के चलते किसान मायूस हैं। हालांकि पहले सरकार ने 23 सितंबर खरीद के लिए निर्धारित की थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर एक अक्तूबर कर दिया है। किसानों पर दोहरी मार पढ़ती दिखाई दे रही है।
पिछले वर्ष की अपेक्षा 20 से 25 प्रतिशत धान के रेट में कमी है, वहीं 15 से 20 प्रतिशत झाड़ की भी कमी है। पिछले वर्ष 1509 धान की कीमत शुरूआत में 3600 रुपए प्रति क्विंटल थी। वहीं, शनिवार को मंडी में 1509 धान का ऊपर सिरा 2950 और नीचे
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2400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
किसान गुर साहिब सिंह, प्रवीण, नरेश व रोशन लाल ने कहा कि धान के रेट कम होने से उनके खर्च भी पूरे नहीं हो रहे हैं। वहीं, पिछले वर्ष जहां राइस मिलर नुकसान में रहे। वहीं, इस सीजन में मिलर के भी हौसले कम है और वे रिस्क नहीं लेना चाह रहे।
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कैथल। सरकारी खरीद शुरू होने में देरी से किसानों को झटका लगा है। बता दें कि अब एक अक्तूबर से विभिन्न एजेंसियों ने धान की सरकारी खरीद की जानी है। इस समय 1509 किस्म के साथ पीआर किस्म के धान की आवक भी शुरू हो चुकी है। ऐसे में किसानों को भाव भी कम मिल रहे हैं। अब 2900 रुपये के करीब दाम मिल रहा।
गौरतलब है कि इस समय कैथल अनाज मंडी में 1509 किस्म के धान की आवक हो रही है। वहीं, पीआर हाइब्रिड भी आने लगी है, लेकिन सरकारी खरीद एक अक्तूबर से होने के चलते किसान मायूस हैं। हालांकि पहले सरकार ने 23 सितंबर खरीद के लिए निर्धारित की थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर एक अक्तूबर कर दिया है। किसानों पर दोहरी मार पढ़ती दिखाई दे रही है।
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पिछले वर्ष की अपेक्षा 20 से 25 प्रतिशत धान के रेट में कमी है, वहीं 15 से 20 प्रतिशत झाड़ की भी कमी है। पिछले वर्ष 1509 धान की कीमत शुरूआत में 3600 रुपए प्रति क्विंटल थी। वहीं, शनिवार को मंडी में 1509 धान का ऊपर सिरा 2950 और नीचे
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2400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
किसान गुर साहिब सिंह, प्रवीण, नरेश व रोशन लाल ने कहा कि धान के रेट कम होने से उनके खर्च भी पूरे नहीं हो रहे हैं। वहीं, पिछले वर्ष जहां राइस मिलर नुकसान में रहे। वहीं, इस सीजन में मिलर के भी हौसले कम है और वे रिस्क नहीं लेना चाह रहे।