{"_id":"57e96e164f1c1b073d573f41","slug":"farmers-protest-road-jam-police-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान खरीद शुरू न होने पर किसान परेशान,ढांड में तीन घंटे जाम किया कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान खरीद शुरू न होने पर किसान परेशान,ढांड में तीन घंटे जाम किया कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग,
ब्यूरो कैथल
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
किसानों को समझाते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलेभर में मंडियों में धान की आवक जोरों पर है। लेकिन सरकार द्वारा खरीद के लिए 1 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की हुई है। जिस कारण खरीद नहीं हो रही। किसान मंडियों मेें अपनी धान लिए बिक्री के इंतजार में हैं। ढांड में किसानों के सब्र का बांध टूट गया। किसानों ने एकत्रित होकर कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम के कारण पंचमुखी चौक के चारों ओर वाहनों की लबी लाइनें लग गई। जिससे राहगीरों बड़ी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया। पुलिस प्रशासन किसानों को जाम खुलवाने में नाकाम रहा। जाम लगे करीब एक घंटा बाद डीएसपी सतीश गौतम व ढांड के नायब तहसीलदार नवनीत मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन किसान एक ही बात पर अडिग रहे कि खट्टर सरकार ने जो किसानों से धोखा कर धान की सरकारी बोली 1 अक्टूबर को करने का लिया है, वह किसान विरोधी है। जब तक सरकार धान की सरकारी बोली शुरू नहीं करवाएगी तब तक जाम नहीं खुलेगा। किसानों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। गुस्साए किसानों ने कहा कि मंडियों में किसानों की धान को कोडिय़ों के भाव पर लूटा जा रहा है। यह सब राइस मिलरों व मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है। प्रदर्शन कर रोष जताने वालों में परवाना जड़ौला, कृष्ण जाजनपूर, निर्मल सिंह फरल, बाबू राम खनौदा, नाथू आहूं, नफे सिंह, कर्ण सिंह, हरि सिंह, मंगल सिंह, महेंद्र, ताजा सोलूमाजरा व कर्म सिंह पिंडारसी सहित कई किसान थे। करीब दो घंटे तक जाम जारी रहा। जिस कारण लोग परेशान रहे। बाद में अधिकारियों ने किसी तरह किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
लगातार बढ़ रही है आवक, 1 अक्तूबर तक मंडियों में नहीं बचेगी जगह
किसान लगातार धान लेकर अनाज मंडियों में पहुंच रहे हैं। 1 अक्टूबर तक मंडियों में धान डालने की जगह नहीं बचेगी। जिस कारण सप्ताह भर से खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे किसानों को काफी परेशानियां हो रही हैं।
विज्ञापन
डीसी ने कहा, एक अक्टूबर से पहले धान लेकर ना आएं किसान
डीसी रविप्रकाश गुप्ता ने किसानों से अनुरोध किया कि वे एक अक्तूबर से पहले अपने धान को मंडियों में न लाएं, क्योंकि सरकार द्वारा जिला में धान की सरकारी खरीद का कार्य जिला की सभी मंडियों में एक अक्तूबर से सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। सरकार द्वारा पीआर जीरी ग्रेड ए का सरकारी खरीद रेट 1510 रुपये प्रति क्विंटल तथा कॉमन जीरी का सरकारी खरीद रेट 1470 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंच गया। पुलिस प्रशासन किसानों को जाम खुलवाने में नाकाम रहा। जाम लगे करीब एक घंटा बाद डीएसपी सतीश गौतम व ढांड के नायब तहसीलदार नवनीत मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन किसान एक ही बात पर अडिग रहे कि खट्टर सरकार ने जो किसानों से धोखा कर धान की सरकारी बोली 1 अक्टूबर को करने का लिया है, वह किसान विरोधी है। जब तक सरकार धान की सरकारी बोली शुरू नहीं करवाएगी तब तक जाम नहीं खुलेगा। किसानों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। गुस्साए किसानों ने कहा कि मंडियों में किसानों की धान को कोडिय़ों के भाव पर लूटा जा रहा है। यह सब राइस मिलरों व मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है। प्रदर्शन कर रोष जताने वालों में परवाना जड़ौला, कृष्ण जाजनपूर, निर्मल सिंह फरल, बाबू राम खनौदा, नाथू आहूं, नफे सिंह, कर्ण सिंह, हरि सिंह, मंगल सिंह, महेंद्र, ताजा सोलूमाजरा व कर्म सिंह पिंडारसी सहित कई किसान थे। करीब दो घंटे तक जाम जारी रहा। जिस कारण लोग परेशान रहे। बाद में अधिकारियों ने किसी तरह किसानों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
विज्ञापन
लगातार बढ़ रही है आवक, 1 अक्तूबर तक मंडियों में नहीं बचेगी जगह
किसान लगातार धान लेकर अनाज मंडियों में पहुंच रहे हैं। 1 अक्टूबर तक मंडियों में धान डालने की जगह नहीं बचेगी। जिस कारण सप्ताह भर से खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे किसानों को काफी परेशानियां हो रही हैं।
विज्ञापन
डीसी ने कहा, एक अक्टूबर से पहले धान लेकर ना आएं किसान
डीसी रविप्रकाश गुप्ता ने किसानों से अनुरोध किया कि वे एक अक्तूबर से पहले अपने धान को मंडियों में न लाएं, क्योंकि सरकार द्वारा जिला में धान की सरकारी खरीद का कार्य जिला की सभी मंडियों में एक अक्तूबर से सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। सरकार द्वारा पीआर जीरी ग्रेड ए का सरकारी खरीद रेट 1510 रुपये प्रति क्विंटल तथा कॉमन जीरी का सरकारी खरीद रेट 1470 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।