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Kaithal News: कलायत, पिंजुपुरा के किसानों ने ई-भूमि पोर्टल पर दर्ज सहमति को बताया फर्जी
Thu, 11 Sep 2025 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:29 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। नेशनल हाईवे के पास प्रस्तावित पावर ग्रिड योजना के संदर्भ में किसानों ने ई-भूमि पोर्टल पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। कलायत व पिंजुपुरा गांव के किसानों ने बैठक कर दावा किया कि पोर्टल पर दर्शाए गए 405 किसानों की सहमति फर्जी है और अधिकांश हस्ताक्षर तथा अंगूठे नकली हैं। किसानों ने जिला उपायुक्त को शिकायत देकर मामले की सिरे से जांच की मांग की है।
किसानों का कहना है कि पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और हरियाणा सरकार के साथ भी धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने पैदल मार्च कर वह जमीन दिखाई, जिसका नक्शा बनाकर मनमर्जी के भाव पर खरीदने का प्रयास किया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से पढ़े-लिखे लोगों को निरक्षर दिखाकर सरकार को गुमराह किया गया, और जिनकी अब तक मृत्यु हो चुकी, उनके हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग हुआ।
हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर राम सिंह, जसबीर सिंह, क्रिकेटर राहुल राणा, कर्मजीत, तरसेम, सुरेश पाल, प्रवेश कुमार, महेंद्र सिंह, शमशेर सिंह, सोनू, रामदिया, अनिल, प्रदीप सहित अन्य किसानों ने बताया कि पावर ग्रिड के लिए 300 एकड़ से अधिक जमीन का प्रारूप तैयार किया गया। पोर्टल पर दावा किया गया कि 405 किसानों ने बिक्री प्रस्ताव दिए, जबकि हकीकत में यह प्रस्ताव नकली हैं। किसानों ने शिकायत जिला उपायुक्त को भेजी और जांच की मांग की।
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हस्ताक्षरों का दुरुपयोग ः जिन लोगों के हस्ताक्षरों का फर्जी इस्तेमाल किया गया, उनमें हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड अधिकारी, विभिन्न राजनैतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, खिलाड़ी और जागरूक किसान शामिल हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों ने कभी स्कूल नहीं जाना, उनके नाम से अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए, जबकि जो अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते हैं, उनके नाम पर अंगूठा और हिंदी में बनावटी हस्ताक्षर हैं।
निजी कंपनी जमीन मामले में सरकार के साथ एग्रीमेंट का दावा कर रही है, लेकिन फिलहाल इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। किसानों की शिकायत की तह तक जांच की जाएगी और उसके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। -बीरभान, डीएसपी
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कलायत। नेशनल हाईवे के पास प्रस्तावित पावर ग्रिड योजना के संदर्भ में किसानों ने ई-भूमि पोर्टल पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। कलायत व पिंजुपुरा गांव के किसानों ने बैठक कर दावा किया कि पोर्टल पर दर्शाए गए 405 किसानों की सहमति फर्जी है और अधिकांश हस्ताक्षर तथा अंगूठे नकली हैं। किसानों ने जिला उपायुक्त को शिकायत देकर मामले की सिरे से जांच की मांग की है।
किसानों का कहना है कि पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और हरियाणा सरकार के साथ भी धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने पैदल मार्च कर वह जमीन दिखाई, जिसका नक्शा बनाकर मनमर्जी के भाव पर खरीदने का प्रयास किया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से पढ़े-लिखे लोगों को निरक्षर दिखाकर सरकार को गुमराह किया गया, और जिनकी अब तक मृत्यु हो चुकी, उनके हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग हुआ।
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हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर राम सिंह, जसबीर सिंह, क्रिकेटर राहुल राणा, कर्मजीत, तरसेम, सुरेश पाल, प्रवेश कुमार, महेंद्र सिंह, शमशेर सिंह, सोनू, रामदिया, अनिल, प्रदीप सहित अन्य किसानों ने बताया कि पावर ग्रिड के लिए 300 एकड़ से अधिक जमीन का प्रारूप तैयार किया गया। पोर्टल पर दावा किया गया कि 405 किसानों ने बिक्री प्रस्ताव दिए, जबकि हकीकत में यह प्रस्ताव नकली हैं। किसानों ने शिकायत जिला उपायुक्त को भेजी और जांच की मांग की।
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हस्ताक्षरों का दुरुपयोग ः जिन लोगों के हस्ताक्षरों का फर्जी इस्तेमाल किया गया, उनमें हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड अधिकारी, विभिन्न राजनैतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, खिलाड़ी और जागरूक किसान शामिल हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों ने कभी स्कूल नहीं जाना, उनके नाम से अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए, जबकि जो अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते हैं, उनके नाम पर अंगूठा और हिंदी में बनावटी हस्ताक्षर हैं।
निजी कंपनी जमीन मामले में सरकार के साथ एग्रीमेंट का दावा कर रही है, लेकिन फिलहाल इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। किसानों की शिकायत की तह तक जांच की जाएगी और उसके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। -बीरभान, डीएसपी