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Kaithal News: 15 दिन से लिमिट बढ़वाने के लिए भटक रहे किसान
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29 ढांड 02 पोर्टल की लिमिट बढ़वाने के लिए मार्केट कमेटी कार्यालय ढांड में लाइन में खड़े किसान।
- फोटो : Samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। खेतों में धान की पैदावार 32 से 36 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो रही है, लेकिन सरकारी पोर्टल पर खरीद की सीमा 27 क्विंटल तय होने से किसानों की बची हुई फसल की बिक्री अटक गई है। अपनी उपज का पूरा भुगतान पाने और शेष धान बेचने के लिए किसान पिछले 15 दिनों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें राहत नहीं मिली है।
वीरवार को मार्केट कमेटी कार्यालय ढांड में लिमिट बढ़वाने के लिए आवेदन करने वाले किसानों की सूची चस्पा की गई तो उसे देखने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। किसान सूची में अपना नाम और आवेदन पर हुई कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए कतारों में खड़े नजर आए।
किसान प्रदीप कुमार, दिलबाग सिंह, बलजीत सिंह और तरसेम सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से पोर्टल पर 27 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीद की सीमा तय की गई है, जबकि खेतों में औसतन 32 से 36 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदावार हो रही है। ऐसे में निर्धारित सीमा से अधिक उपज बेचने में परेशानी आ रही है। किसानों ने कहा कि वे पिछले 15 दिनों से लिमिट बढ़वाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। किसानों ने मांग की कि पोर्टल की लिमिट जल्द बढ़ाई जाए, ताकि उनकी बची हुई धान की बिक्री हो सके और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
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ओटीपी लेकर पोर्टल पर भेजी लिमिट बढ़ाने की मांग
मार्केट कमेटी के कर्मचारी विक्रम ने बताया कि जिन किसानों ने पोर्टल की लिमिट बढ़वाने के लिए आवेदन किया था, उनकी मांग पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी लेकर पोर्टल पर सबमिट कर दी गई है।
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ढांड। खेतों में धान की पैदावार 32 से 36 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो रही है, लेकिन सरकारी पोर्टल पर खरीद की सीमा 27 क्विंटल तय होने से किसानों की बची हुई फसल की बिक्री अटक गई है। अपनी उपज का पूरा भुगतान पाने और शेष धान बेचने के लिए किसान पिछले 15 दिनों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें राहत नहीं मिली है।
वीरवार को मार्केट कमेटी कार्यालय ढांड में लिमिट बढ़वाने के लिए आवेदन करने वाले किसानों की सूची चस्पा की गई तो उसे देखने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। किसान सूची में अपना नाम और आवेदन पर हुई कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए कतारों में खड़े नजर आए।
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किसान प्रदीप कुमार, दिलबाग सिंह, बलजीत सिंह और तरसेम सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से पोर्टल पर 27 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान खरीद की सीमा तय की गई है, जबकि खेतों में औसतन 32 से 36 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदावार हो रही है। ऐसे में निर्धारित सीमा से अधिक उपज बेचने में परेशानी आ रही है। किसानों ने कहा कि वे पिछले 15 दिनों से लिमिट बढ़वाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। किसानों ने मांग की कि पोर्टल की लिमिट जल्द बढ़ाई जाए, ताकि उनकी बची हुई धान की बिक्री हो सके और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
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ओटीपी लेकर पोर्टल पर भेजी लिमिट बढ़ाने की मांग
मार्केट कमेटी के कर्मचारी विक्रम ने बताया कि जिन किसानों ने पोर्टल की लिमिट बढ़वाने के लिए आवेदन किया था, उनकी मांग पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी लेकर पोर्टल पर सबमिट कर दी गई है।