{"_id":"68eff71339418daadd01529a","slug":"farmers-demanded-compensation-for-their-crops-kaithal-news-c-245-1-kht1010-139416-2025-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: किसानों ने मांगा फसल का मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: किसानों ने मांगा फसल का मुआवजा
Thu, 16 Oct 2025 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 16 Oct 2025 01:03 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। गुहला उपमंडल के 90 गांवों के 5096 किसानों ने लगभग 40,000 एकड़ फसल के नुकसान को लेकर ऑनलाइन ई-क्षतिपूर्ति हेतु आवेदन किया है। मुख्य रूप से धान की फसल प्रभावित हुई है, जिसमें बौने पौधे और हल्दी रोग की समस्या सामने आई। वहीं, घग्गर नदी की बाढ़ से भी भारी नुकसान हुआ।
कृषि विभाग उपमंडल अधिकारी डॉ. कंचन शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 1,19,120 एकड़ भूमि में धान की रोपाई हुई थी, और 10,250 एकड़ में फिजी वायरस / बौने पौधे की बीमारी से फसल नष्ट हुई। अब तक किसानों के खातों में मुआवजा नहीं आया है।
भाकियू चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेंडा और जिला उपाध्यक्ष केवल सदहरेडी ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 30 दिन में किसानों के
विज्ञापन
खातों में मुआवजा पहुंचा दिया, जबकि हरियाणा सरकार केवल वादों तक सीमित रह गई।
किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एमएसपी पर फसल नहीं बिक रही, मंडियों में फसल बर्बाद हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री चुटकुले में व्यस्त हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दिवाली तक मुआवजा नहीं मिला तो किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ी तो चंडीगढ़ भी कूच करेंगे।
एसडीएम गुहला कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि गिरदावरी ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एफसीआर कार्यालय से डीबीटी द्वारा किसानों के खातों में मुआवजा भेजा जाता है। सरकार तय समय पर प्रक्रिया पूरी करेगी तो मुआवजा खातों में पहुंच जाएगा।
फोटो 15kht_35: किसानों ने नष्ट हुई फसल का मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
गुहला-चीका। गुहला उपमंडल के 90 गांवों के 5096 किसानों ने लगभग 40,000 एकड़ फसल के नुकसान को लेकर ऑनलाइन ई-क्षतिपूर्ति हेतु आवेदन किया है। मुख्य रूप से धान की फसल प्रभावित हुई है, जिसमें बौने पौधे और हल्दी रोग की समस्या सामने आई। वहीं, घग्गर नदी की बाढ़ से भी भारी नुकसान हुआ।
कृषि विभाग उपमंडल अधिकारी डॉ. कंचन शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 1,19,120 एकड़ भूमि में धान की रोपाई हुई थी, और 10,250 एकड़ में फिजी वायरस / बौने पौधे की बीमारी से फसल नष्ट हुई। अब तक किसानों के खातों में मुआवजा नहीं आया है।
विज्ञापन
भाकियू चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर बनेंडा और जिला उपाध्यक्ष केवल सदहरेडी ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 30 दिन में किसानों के
विज्ञापन
खातों में मुआवजा पहुंचा दिया, जबकि हरियाणा सरकार केवल वादों तक सीमित रह गई।
किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एमएसपी पर फसल नहीं बिक रही, मंडियों में फसल बर्बाद हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री चुटकुले में व्यस्त हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दिवाली तक मुआवजा नहीं मिला तो किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ी तो चंडीगढ़ भी कूच करेंगे।
एसडीएम गुहला कैप्टन प्रमेश सिंह ने बताया कि गिरदावरी ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एफसीआर कार्यालय से डीबीटी द्वारा किसानों के खातों में मुआवजा भेजा जाता है। सरकार तय समय पर प्रक्रिया पूरी करेगी तो मुआवजा खातों में पहुंच जाएगा।
फोटो 15kht_35: किसानों ने नष्ट हुई फसल का मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।