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Kaithal News: यूरिया की कमी से किसान परेशान, भाकियू में गुस्सा
Tue, 22 Jul 2025 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 22 Jul 2025 12:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। जाखौली गांव में भारतीय किसान मजदूर कमेरा वर्ग यूनियन के पदाधिकारियों ने किसानों की बैठक आयोजित की, जिसमें खेती से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से
यूरिया खाद की कमी का मुद्दा छाया रहा।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष महावीर चहल नरड़ ने कहा कि यूरिया सभी फसलों के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन हर साल रबी और खरीफ दोनों सीजन में किसानों को इसकी किल्लत झेलनी पड़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की इस मूलभूत समस्या की अनदेखी कर रही है।
महावीर चहल ने कहा कि वर्तमान समय में धान और गन्ने की फसल को यूरिया की सबसे अधिक जरूरत है, लेकिन सरकारी तंत्र किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में विफल रहा है।
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यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र दलाल मागो माजरी ने कहा कि प्रदेश में करीब 40 लाख एकड़ में धान की फसल है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यूरिया के केवल 20.62 लाख बैग ही उपलब्ध हैं। इसके बावजूद किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि हालात से स्पष्ट है कि सरकार की मंशा किसानों के प्रति सकारात्मक नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसान सुबह से लाइन में लगते हैं और फिर भी खाली हाथ लौट जाते हैं, जबकि कृषि मंत्री दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में यूरिया की कोई कमी नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार अपनी विफलता स्वीकार करे और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान निकाले।
इस अवसर पर यूनियन के जिला अध्यक्ष बलकार मलिक खुराना, नन्नू मलिक, दीपा मलिक, कृष्ण मालखेड़ी, सुरेंद्र प्यौदा, डीसी चहल, बिंद्र गिल सिरटा, विक्रम चहल, जोगिंद्र कुंडू, सुरेश नरड़, जोरा सहित कई किसान मौजूद रहे।
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राजौंद। जाखौली गांव में भारतीय किसान मजदूर कमेरा वर्ग यूनियन के पदाधिकारियों ने किसानों की बैठक आयोजित की, जिसमें खेती से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से
यूरिया खाद की कमी का मुद्दा छाया रहा।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष महावीर चहल नरड़ ने कहा कि यूरिया सभी फसलों के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन हर साल रबी और खरीफ दोनों सीजन में किसानों को इसकी किल्लत झेलनी पड़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की इस मूलभूत समस्या की अनदेखी कर रही है।
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महावीर चहल ने कहा कि वर्तमान समय में धान और गन्ने की फसल को यूरिया की सबसे अधिक जरूरत है, लेकिन सरकारी तंत्र किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में विफल रहा है।
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यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र दलाल मागो माजरी ने कहा कि प्रदेश में करीब 40 लाख एकड़ में धान की फसल है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यूरिया के केवल 20.62 लाख बैग ही उपलब्ध हैं। इसके बावजूद किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि हालात से स्पष्ट है कि सरकार की मंशा किसानों के प्रति सकारात्मक नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसान सुबह से लाइन में लगते हैं और फिर भी खाली हाथ लौट जाते हैं, जबकि कृषि मंत्री दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में यूरिया की कोई कमी नहीं है। उन्होंने मांग की कि सरकार अपनी विफलता स्वीकार करे और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान निकाले।
इस अवसर पर यूनियन के जिला अध्यक्ष बलकार मलिक खुराना, नन्नू मलिक, दीपा मलिक, कृष्ण मालखेड़ी, सुरेंद्र प्यौदा, डीसी चहल, बिंद्र गिल सिरटा, विक्रम चहल, जोगिंद्र कुंडू, सुरेश नरड़, जोरा सहित कई किसान मौजूद रहे।