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औने-पौने दाम पर लूटा जा रहा किसान : कसाना
Sun, 28 Sep 2025 06:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 28 Sep 2025 06:20 AM IST
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31 लघु सचिवालय में चढूनी के प्रतिनिधिमंडल ने युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट व अन्य कि
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को लघु सचिवालय में युवा प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट विक्रम कसाना के नेतृत्व में एसडीएम अजय सिंह को जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि धान की सरकारी खरीद को सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जाए।
किसानों ने आरोप लगाया कि जिले के अधिकांश राइस मिलर अवैध तरीके से धान को अपनी मिलों में जाम कर चुके हैं। अब मार्केट कमेटियों के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से केवल कागजों में धान की बोली दिखाई जाएगी और फर्जी गेट पास काटे जाएंगे। किसानों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत सभी शैलरों में जाकर धान व चावल के स्टॉक की जांच करनी चाहिए और अवैध स्टॉक मिलने पर सख्त कार्रवाई हो।
भाकियू प्रतिनिधियों ने कहा कि कैथल की सभी मंडियों में अन्य राइस मिलरों को भी धान खरीदने की छूट दी जानी चाहिए। यदि सभी मिलरों को खरीद की अनुमति मिलेगी, तो किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत नहीं होगी और मंडियों से उठान भी तेज होगा।
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कसाना ने कहा कि सरकार ने पहले ही मंडियों में कंप्यूटर कांटे से तुलाई के आदेश दिए थे, लेकिन कैथल में यह व्यवस्था अब तक लागू नहीं हुई। मिलों के गेटों पर सीसीटीवी कैमरे तुरंत लगाए जाएं, ताकि मिलरों, खरीद एजेंसियों और मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लग सके। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल, युवा जिलाध्यक्ष विक्रम दुसैण, रणधीर बरसाना, सुरेंद्र बरटा, बलिंद्र हजवाना, भीम खनौदा, सुरेंद्र हजवाना, गुरमुख फरल, कृष्ण हजवाना, गुरमीत हजवाना, रामपाल मुदडी मौजूद रहे।
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कैथल। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को लघु सचिवालय में युवा प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट विक्रम कसाना के नेतृत्व में एसडीएम अजय सिंह को जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि धान की सरकारी खरीद को सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जाए।
किसानों ने आरोप लगाया कि जिले के अधिकांश राइस मिलर अवैध तरीके से धान को अपनी मिलों में जाम कर चुके हैं। अब मार्केट कमेटियों के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से केवल कागजों में धान की बोली दिखाई जाएगी और फर्जी गेट पास काटे जाएंगे। किसानों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत सभी शैलरों में जाकर धान व चावल के स्टॉक की जांच करनी चाहिए और अवैध स्टॉक मिलने पर सख्त कार्रवाई हो।
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भाकियू प्रतिनिधियों ने कहा कि कैथल की सभी मंडियों में अन्य राइस मिलरों को भी धान खरीदने की छूट दी जानी चाहिए। यदि सभी मिलरों को खरीद की अनुमति मिलेगी, तो किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत नहीं होगी और मंडियों से उठान भी तेज होगा।
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कसाना ने कहा कि सरकार ने पहले ही मंडियों में कंप्यूटर कांटे से तुलाई के आदेश दिए थे, लेकिन कैथल में यह व्यवस्था अब तक लागू नहीं हुई। मिलों के गेटों पर सीसीटीवी कैमरे तुरंत लगाए जाएं, ताकि मिलरों, खरीद एजेंसियों और मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लग सके। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल, युवा जिलाध्यक्ष विक्रम दुसैण, रणधीर बरसाना, सुरेंद्र बरटा, बलिंद्र हजवाना, भीम खनौदा, सुरेंद्र हजवाना, गुरमुख फरल, कृष्ण हजवाना, गुरमीत हजवाना, रामपाल मुदडी मौजूद रहे।